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-पिता नवाब ने चोरी के आरोपियों का विश्वास जीतकर बना रखा था गैंग

Thu, 16 Nov 2017 12:10 AM IST
Updated Thu, 16 Nov 2017 12:10 AM IST
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-पिता नवाब ने चोरी के आरोपियों का विश्वास जीतकर बना रखा था गैंग
सरगना पिता और बेटा कैराना में बैठकर चलाते थे चोर गैंग, सात सदस्य काबू
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। शहर में फैक्ट्री और मकानों में चोरी की वारदात को सरगना पिता और बेटा यूपी के कैराना में बैठकर अंजाम देते थे। वे चोरी के आरोपियों को उनके परिजनों के मिलने तक न पहुंचने पर उनके हमदर्द बनते थे और उनके बाहर निकलते ही फिर से चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर देते थे। पुलिस ने पिता व पुत्र के सात सदस्यीय गिरोह को काबू कर शहर में चोरी के 14 मामलों समेत 26 मामलों को सुलझाया है। पुलिस के अनुसार पिता सात मुकदमों व बेटा पांच मुकदमों में वांछित थे।
सीआईए-तीन पानीपत ने बुधवार को गिरोह द्वारा चोरी की वारदातों को अंजाम देने के मामलों पटाक्षेप किया। प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों बाप नवाब, बेटा नजर व इनके तीसरे साथी सन्नी उर्फ गंगिया से सात दिन की पुलिस रिमांड अवधि में चोरी की एक आई-10 कार, दो मोटरसाइकिल, एक एक्टिवा, पांच एलसीडी, पांच इंवर्टर व छह बैटरी बरामद की है। आरोपी नवाब जिला में चोरी के पांच मुकदमों में कोर्ट द्वारा पीओ घोषित था व दो मुकदमों इसी माह पीओ घोषित होना था। वहीं आरोपी नजर जिला में चोरी के पांच मुकदमों में कोर्ट से इसी महीने पीओ घोषित होने वाला था।
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पुलिस ने इस तरह से आरोपियों को दबोचा
सीआईए-तीन टीम प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को चार नवंबर देर शाम सूचना पर दो आरोपियों को चोरी की एक बाइक सहित संजय चौक से काबू किया था। आरोपियों की पहचान नवाब निवासी कैराना यूपी व नीरज उर्फ बाबा निवासी दोलरा मुज्जफरनगर यूपी हाल किराएदार सब्जी मंडी पानीपत के रूप में हुई। प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अक्तूबर 2016 में थाना माडल टाउन क्षेत्र के अंतर्गत आठ मरला कॉलोनी में चोरी की एक वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। आरोपियों से चोरी का सामान बरामद करने व अन्य वारदातों बारे गहनता से पूछताछ के लिए सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। आरोपी नवाब ने अपने अन्य साथियों के साथ जिला में अन्य कई चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बारे में स्वीकार किया। इस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को सात दिन के रिमांड के बाद 12 नंवबर को कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी नवाब का चार दिन दोबारा रिमांड लिया। जबकि आरोपी नीरज को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
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आरोपी की निशानदेही पर बाकी काबू
आरोपी नवाब के साथ चोरी की वारदातो मे शामिल इसके बेटे नजर मोहम्मद को उसके तीन अन्य साथियों सहित लूट की योजना बनाते अवैध हथियार सहित छह नवंबर को देर शाम थाना चांदनी बांग क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-29 पार्ट-टू रिसालू मोड़ के पास से काबू किया। आरोपियों की पहचान नजर मोहम्मद निवासी कैराना यूपी, मोसिन निवासी बिजनौर यूपी व नवाब उर्फ बंगाली निवासी कृष्णा गार्डन सेक्टर-25 का नजदीकी, सतबीर उर्फ पव्वा निवासी बल्ला जिला करनाल के रूप में हुई। आरोपी नजर मोहम्मद, मोसिन व नवाब ने थाना किला क्षेत्र के अंतर्गत जुलाई 2017 में एक चोरी की वारदात को अंजाम देने के बारे में व आरोपी सतबीर उर्फ पव्वा ने थाना चांदनी बाग क्षेत्र के अंतर्गत अक्तूबर 2017 में एक चोरी की वारदात को अंजाम देने के बारे में स्वीकारा। पुलिस ने सात नवंबर को चारों आरोपियों का कोर्ट में पेशकर चार दिन का पुलिस रिमांड लिया। आरोपी नजर मोहम्मद ने अपने पिता नवाब व सन्नी उर्फ गंगिया निवासी गंगो यूपी के साथ जिला के विभिन्न थाना क्षेत्र मे चोरी की 13-14 वारदातों को अंजाम देना स्वीकारा। चार दिन की रिमांड अवधि पूरी होने पर 11 नवंबर को चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी नजर मोहम्मद का और चार दिन का पुलिस रिमांड लिया। जबकि आरोपी मोसिन, नवाब उर्फ बंगाली, सतबीर उर्फ पव्वा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस ने वारदातों में शामिल तीसरे आरोपी सन्नी उर्फ गंगिया निवासी गंगो यूपी को जिला करनाल जेल से आठ नवंबर को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर न्यायालय में पेशकर सात दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। पुलिस ने आरोपी से चोरी की आई-10 कार बरामद कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

सीसीटीवी तोड़ देते थे
पुलिस के अनुसार नवाब निवासी कैराना पहले पानीपत में कबाड़ी का काम करता था। वह चोरी का सामान खरीद लेता था। वह पुलिस के निशाने पर आ गया और कई साल पहले पानीपत छोड़कर वापस कैराना में जा बसा। वह वहां पर बैठकर गिरोह चलाने लगा और परिवार द्वारा छोड़ दिए गए चोरी के आरोपियों पर नजर रखने लगा। वह उनके जेल से आते ही पनाह देता था और रात को चोरी करने भेज देता था। वे चोरी से पहले सीसीटीवी को तोड़ देते थे, लेकिन नजदीक की फैक्ट्री व अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी में उनकी संदिग्ध कैद हो गई थी।
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