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स्कूल वैन के नीचे आया एलकेजी का छात्र, इलाज करवाने से मना करने पर पुलिस ने किया केस दर्ज
Updated Sat, 06 Oct 2018 12:10 AM IST
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स्कूल वैन के नीचे आया एलकेजी का छात्र, इलाज करवाने से मना करने पर पुलिस ने किया केस दर्ज
फोटो संख्या- 49
अमर उजाला ब्यूरो,
पानीपत। चावला कॉलोनी कुटानी रोड निवासी ललित नारंग ने किला थाना पुलिस को सब्जी मंडी स्थित जीवीएम स्कूल व उसके वैन ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मेें दर्ज मुुकदमें में नारंग ने बताया कि उसका साढ़े चार साल का बेटा उक्त स्कूल में एलकेजी कक्षा में पढ़ता है। पिता ने बताया कि 18 सितंबर को हमेशा की तरह आयुष स्कूल की वैन से ही आ रहा था। जब वैन चावला कॉलोनी के मोड़ पर पहुंची तो वहां आयुष वैन से उतरने लगा। इसी दौरान वैन चालक ने आयुष के नीचे उतरने से पहले ही वैन को चला दिया। जिस दौरान आयुष वैन से नीचे गिर गया व उसके सिर पर वैन का आधा पहिया उतर गया। जिससे वो बेहोश हो गया था। इसके बाद घायल को देवी मंदिर रोड स्थित निजी अस्पताल में ले जाया गया था। जहां से डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। जिसके बाद घायल को बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। इलाज के लिए डॉक्टरों ने रुपये जमा करवाने की बात कही। जिसके बाद स्कूल प्रबंधन सदस्यों से संपर्क किया गया। उस दौरान स्कूल प्रबंधन सदस्य अस्पताल पहुंचे व हर तरह से संभव सहायता का आश्वासन दिया। पिता का आरोप है कि स्कूल ने उनके स्कूल के लेटर हेड पर आयुष के ठीक होने तक लगने वाली राशि देने का लिखित प्रमाण दिया। लेकिन आयुष के इलाज में खर्च ज्यादा आते देख स्कूल प्रबंधन सदस्यों ने और सहायता करने से मना कर दिया। फिलहाल आयुष का इलाज दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने पिता के बयान पर स्कूल प्रबंधन व वैन ड्राइवर के खिलाफ मुुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
हम इतना ही इलाज करवा सकते थे:
आयुष के इलाज में स्कूल प्रबंधन की ओर से सवा से डेढ़ लाख रुपये खर्च कर दिए गए है। इससे ज्यादा और रुपये नहीं दे सकते है। स्कूल प्रबंधन बच्चे का इतना ही इलाज करवा सकता था।
- निशांत बसंल, निदेशक, जीवीएम स्कूल, सब्जी मंडी, पानीपत।
फोटो संख्या- 49
अमर उजाला ब्यूरो,
पानीपत। चावला कॉलोनी कुटानी रोड निवासी ललित नारंग ने किला थाना पुलिस को सब्जी मंडी स्थित जीवीएम स्कूल व उसके वैन ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मेें दर्ज मुुकदमें में नारंग ने बताया कि उसका साढ़े चार साल का बेटा उक्त स्कूल में एलकेजी कक्षा में पढ़ता है। पिता ने बताया कि 18 सितंबर को हमेशा की तरह आयुष स्कूल की वैन से ही आ रहा था। जब वैन चावला कॉलोनी के मोड़ पर पहुंची तो वहां आयुष वैन से उतरने लगा। इसी दौरान वैन चालक ने आयुष के नीचे उतरने से पहले ही वैन को चला दिया। जिस दौरान आयुष वैन से नीचे गिर गया व उसके सिर पर वैन का आधा पहिया उतर गया। जिससे वो बेहोश हो गया था। इसके बाद घायल को देवी मंदिर रोड स्थित निजी अस्पताल में ले जाया गया था। जहां से डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। जिसके बाद घायल को बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। इलाज के लिए डॉक्टरों ने रुपये जमा करवाने की बात कही। जिसके बाद स्कूल प्रबंधन सदस्यों से संपर्क किया गया। उस दौरान स्कूल प्रबंधन सदस्य अस्पताल पहुंचे व हर तरह से संभव सहायता का आश्वासन दिया। पिता का आरोप है कि स्कूल ने उनके स्कूल के लेटर हेड पर आयुष के ठीक होने तक लगने वाली राशि देने का लिखित प्रमाण दिया। लेकिन आयुष के इलाज में खर्च ज्यादा आते देख स्कूल प्रबंधन सदस्यों ने और सहायता करने से मना कर दिया। फिलहाल आयुष का इलाज दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने पिता के बयान पर स्कूल प्रबंधन व वैन ड्राइवर के खिलाफ मुुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
हम इतना ही इलाज करवा सकते थे:
आयुष के इलाज में स्कूल प्रबंधन की ओर से सवा से डेढ़ लाख रुपये खर्च कर दिए गए है। इससे ज्यादा और रुपये नहीं दे सकते है। स्कूल प्रबंधन बच्चे का इतना ही इलाज करवा सकता था।
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- निशांत बसंल, निदेशक, जीवीएम स्कूल, सब्जी मंडी, पानीपत।