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ग्रीस में नौकरी के नाम पर ठगे 7.95 लाख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2019 02:18 AM IST
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crime
चार ठगों ने ग्रीस में नौकरी लगाने के नाम पर युवक से 7.95 लाख रुपये ठग लिए। उसे पहले उज्बेकिस्तान भेजा और फिर भारत बुलाया और फिर रूस की राजधानी मास्को भेजा, लेकिन ग्रीस नहीं भेजा। कागजात पूरे नहीं होने पर एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से उस पर जुर्माना भी लगा दिया गया। पांच महीने तक चक्कर काटने के बाद भी जब ग्रीस में नौकरी नहीं लगी तो युवक ने ठगों से रकम वापस मांगी, जिस पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में पीड़ित युवक ने एसपी को शिकायत दी है। इस मामले में थाना मॉडल टाउन में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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संजय कालोनी निवासी आशु शर्मा ने बताया कि मार्च 2019 में उसकी मुलाकात दीपक से हुई। जिसने कहा कि वह अरमेनिया जाकर आया और वीजा लगाने का काम करता है। उसने विश्वास दिलाया कि वह ग्रीस में तीन साल के लिए वर्क परमिट दिला देगा, क्योंकि वहां पर वेतन अच्छा मिलता है। उसने कहा कि छह महीने ग्रीस में रहने के बाद वर्क परमिट पर जर्मनी और यूरोप के किसी देश भेज देगा। इसके एवज में 10 लाख रुपये देने की मांग की। तीन लाख रुपये पहले और तीन लाख रुपये विदेश जाते समय एवं बाकी की रकम विदेश पहुंचने पर ट्रांसफर करना तय हुआ। जिस पर आशु ने 16 अप्रैल को दीपक को दो लाख रुपये दिए, जिस पर उसने दिल्ली ले जाकर सचिन से मिलवाया। बताया गया कि वह विदेश भेजने का काम करता है। 15 दिन के अंदर वीजा लगने की बात कही गई। इस दौरान सचिन के खाते में 10 हजार रुपये भी डलवाए। फिर दीपक ने कहा कि पहले कागजात लेकर रूस जाएंगे और वहां से चार या पांच दिन बाद यूक्रेन। जिसके बाद ग्रीस का वर्क परमिट मिल जाएगा। गत 26 अप्रैल को पास्टपोर्ट लिया बकाया राशि देने की बात की गई। नकद रकम मांगने पर एक लाख रुये दिए गए। इसके बाद दिल्ली से मास्को की टिकट सात मई को कंफर्म होने की बात कहकर 3500 यूएस डॉलर लेकर आने के लिए कहा गया। जिसके बाद छह मई को फोन कर कहा कि अभी नहीं जा सकते हैं और कुछ दिन बात भेजा जाएगा। जिसके बाद ठगों ने पहले उज्बेकिस्तान और फिर यूक्रेन भेजने के लिए कहा। ठगों ने 26 मई को उसे उज्बेकिस्तान पहुंचा दिया। 30 मई को ठग सचिन और उसका भांजा रवि सिंह भी उज्बेकिस्तान पहुंचे और 3500 डॉलर ले लिए। उसके बाद 31 मई को पीड़ित को यूक्रेन का वीजा मिल गया, लेकिन सचिन ने उसे भारत बुला लिया। जिसके बाद 24 अगस्त को जयपुर से मॉस्को भेजा गया। कागजात फर्जी होने पर मॉस्को से उसे जयपुर लौटा दिया गया। इसके साथ उस पर 34500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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आशु ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके एक साथी गुरपाल सिंह बताया कि ठगों ने उसे भी ताशकंद से स्पेन वाया यूक्रेन फर्जी कागजातों के आधार पर भेजा था। यूक्रेन एयरपोर्ट पर उसके कागजात फर्जी होने पर लौटा दिया गया। गुरपाल सिह से पता लगा कि वीजा फर्जी है, आगे उनकी बातों में नहीं आना है। इस पर जब आशु ने ठगों से रकम मांगी तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। जिस पर एसपी से शिकायत की। जिस पर दीपक पुत्र ओमकार निवासी गांव भूसलाना जिला जींद, सचिन सिंह पुत्र चंद्रबली सिंह निवासी गांव बीबीपुर जिला इलाहाबाद, रवि सिंह पुत्र चंद्र मणि सिंह निवासी चरती फूलपुर जिला इलाहाबाद, शुभांतु सिंह निवासी लाजपत नगर दिल्ली पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
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