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आंकड़ों में अपराध कम, सफलता पर चुप्पी
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Wed, 08 Jul 2015 12:23 AM IST
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पानीपत। शहर के उद्यमियों और व्यापारियों ने जिला पुलिस से ट्रेस मामलों और वारदात में रिकवरी का रिकॉर्ड क्या मांगा।
पुलिस ने ट्रेस मामलों के बजाय इस साल दर्ज मुकदमों का रिकॉर्ड सबके सामने रख दिया। अधिकारियों ने दावा किया कि आईपीसी के गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 401 मुकदमे कम दर्ज हुए हैं।
इनमें चोरी, लूट, डकैती और धोखाधड़ी समेत दूसरे अन्य अपराध आते हैं। वहीं एलएसएल के दर्ज मुकदमों गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 654 ज्यादा बताया। इनमें एनडीपीएस (नशा) और आर्म्स एक्ट (हथियार) में आता है। सवाल किया तो इसे अपराध कम करने का तरीका बताया।
डीएसपी कानून पानीपत मंगलवार को जिला पुलिस का क्राइम आंकड़ा लेकर मीडिया के सामने पेश हुए। उन्होंने दावा किया कि जिले में पिछले साल की अपेक्षा बड़े अपराध (आईपीसी) के कम हैं। आईपीसी के मामले गत वर्ष 2510 दर्ज किए थे।
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जो इस साल 401 घटकर 2109 दर्ज हैं। यह पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि की बात है। उन्होंने आईपीसी की प्रतिशत गत वर्ष 82.89 थी और अब मात्र 57.28 प्रतिशत रह गई है। वहीं एलएसएल के मुकदमे गत वर्ष 518 दर्ज किए थे। जो इस साल 1055 बढ़कर 1573 पहुंच गए। इनका प्रतिशत गत वर्ष 17.11 था। जो इस साल बढ़ाकर 42.72 कर दिया है।
जिले में दर्ज मुकदमों का गत वर्ष टोटल 3028 था जो इस साल बढ़कर 3682 पहुंच गया है। यानी के जिले में इस साल 654 मुकदमे ज्यादा दर्ज किए हैं।
शहर को तीसरी आंख की चौकसी में रखने के नाम पुलिस के पास फिलहाल कुछ भी हाथ में नहीं है। डीएसपी क्राइम जोगिंद्र राठी ने बताया कि शहर में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी लगाए जाने हैं। यह बड़ा प्रोजेक्ट है और इसमें अभी समय लगेगा।
जबकि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी कई साल से शहर में जल्द ही सीसीटीवी लगाने के दावे कर रहे हैं।
शहर के उद्यमियों और व्यापारियों ने नशेड़ियों पर लगाम कसने की मांग पर पुलिस ने हामी भरी। डीएसपी क्राइम ने बताया कि नशेड़ियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा और उनको नशा मुक्ति केंद्रों में छोड़ा जाएगा। पुलिस अपने स्तर पर भी अभियान चला सकती है।
शहर के व्यापारी और उद्यमियों ने रविवार को गीता कॉलोनी स्थित गीता मंदिर धर्मशाला में बैठक की थी। उन्होंने पुलिस के दिनरात चालान काटने पर चिंता व्यक्त करते हुए इसको पुलिस की मनमर्जी बताया था। उन्होंने एसपी को सवाल किया था कि पुलिस ने चोरी, लूट और डकैती के कितने मामलों का खुलासा किया है और कितनी रिकवरी की है।
डीएसपी क्राइम जोगिंद्र राठी से मीडिया ने सवाल किया कि शहर के उद्यमी और व्यापारियों का सवाल दर्ज मुकदमों का नहीं, बल्कि ट्रेस मामलों और रिकवरी का था। डीएसपी क्राइम ने बताया कि पुलिस की उपलब्धि भी है और वे लगातार प्रयासरत भी हैं।
पुलिस अगली बार ट्रेस मामलों और रिकवरी का आंकड़ा भी सबके सामने रख देगी। फिलहाल पुलिस ने अपराध को कम करने की दिशा में बेहतर कदम उठाया है।
मिशन मुस्कान के नोडल अफसर डीएसपी जोगिंद्र राठी ने बताया कि इससे बिछुड़े बच्चों को अपने मिल रहे हैं और यह परिवार और समाज के लिए खुशी का विषय है। उन्होंने दावा किया कि मिशन मुस्कान के तहत 95 बच्चे रिकवर किए हैं और 17 बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाया है। इनमें पांच लड़के और 12 लड़कियां हैं।
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पुलिस ने ट्रेस मामलों के बजाय इस साल दर्ज मुकदमों का रिकॉर्ड सबके सामने रख दिया। अधिकारियों ने दावा किया कि आईपीसी के गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 401 मुकदमे कम दर्ज हुए हैं।
इनमें चोरी, लूट, डकैती और धोखाधड़ी समेत दूसरे अन्य अपराध आते हैं। वहीं एलएसएल के दर्ज मुकदमों गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 654 ज्यादा बताया। इनमें एनडीपीएस (नशा) और आर्म्स एक्ट (हथियार) में आता है। सवाल किया तो इसे अपराध कम करने का तरीका बताया।
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डीएसपी कानून पानीपत मंगलवार को जिला पुलिस का क्राइम आंकड़ा लेकर मीडिया के सामने पेश हुए। उन्होंने दावा किया कि जिले में पिछले साल की अपेक्षा बड़े अपराध (आईपीसी) के कम हैं। आईपीसी के मामले गत वर्ष 2510 दर्ज किए थे।
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जो इस साल 401 घटकर 2109 दर्ज हैं। यह पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि की बात है। उन्होंने आईपीसी की प्रतिशत गत वर्ष 82.89 थी और अब मात्र 57.28 प्रतिशत रह गई है। वहीं एलएसएल के मुकदमे गत वर्ष 518 दर्ज किए थे। जो इस साल 1055 बढ़कर 1573 पहुंच गए। इनका प्रतिशत गत वर्ष 17.11 था। जो इस साल बढ़ाकर 42.72 कर दिया है।
जिले में दर्ज मुकदमों का गत वर्ष टोटल 3028 था जो इस साल बढ़कर 3682 पहुंच गया है। यानी के जिले में इस साल 654 मुकदमे ज्यादा दर्ज किए हैं।
शहर को तीसरी आंख की चौकसी में रखने के नाम पुलिस के पास फिलहाल कुछ भी हाथ में नहीं है। डीएसपी क्राइम जोगिंद्र राठी ने बताया कि शहर में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी लगाए जाने हैं। यह बड़ा प्रोजेक्ट है और इसमें अभी समय लगेगा।
जबकि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी कई साल से शहर में जल्द ही सीसीटीवी लगाने के दावे कर रहे हैं।
शहर के उद्यमियों और व्यापारियों ने नशेड़ियों पर लगाम कसने की मांग पर पुलिस ने हामी भरी। डीएसपी क्राइम ने बताया कि नशेड़ियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा और उनको नशा मुक्ति केंद्रों में छोड़ा जाएगा। पुलिस अपने स्तर पर भी अभियान चला सकती है।
शहर के व्यापारी और उद्यमियों ने रविवार को गीता कॉलोनी स्थित गीता मंदिर धर्मशाला में बैठक की थी। उन्होंने पुलिस के दिनरात चालान काटने पर चिंता व्यक्त करते हुए इसको पुलिस की मनमर्जी बताया था। उन्होंने एसपी को सवाल किया था कि पुलिस ने चोरी, लूट और डकैती के कितने मामलों का खुलासा किया है और कितनी रिकवरी की है।
डीएसपी क्राइम जोगिंद्र राठी से मीडिया ने सवाल किया कि शहर के उद्यमी और व्यापारियों का सवाल दर्ज मुकदमों का नहीं, बल्कि ट्रेस मामलों और रिकवरी का था। डीएसपी क्राइम ने बताया कि पुलिस की उपलब्धि भी है और वे लगातार प्रयासरत भी हैं।
पुलिस अगली बार ट्रेस मामलों और रिकवरी का आंकड़ा भी सबके सामने रख देगी। फिलहाल पुलिस ने अपराध को कम करने की दिशा में बेहतर कदम उठाया है।
मिशन मुस्कान के नोडल अफसर डीएसपी जोगिंद्र राठी ने बताया कि इससे बिछुड़े बच्चों को अपने मिल रहे हैं और यह परिवार और समाज के लिए खुशी का विषय है। उन्होंने दावा किया कि मिशन मुस्कान के तहत 95 बच्चे रिकवर किए हैं और 17 बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाया है। इनमें पांच लड़के और 12 लड़कियां हैं।