फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   CPCB give notice Tharmal power plant

थर्मल को सीपीसीबी का नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2020 01:21 AM IST
विज्ञापन
CPCB give notice Tharmal power plant
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश में पानीपत थर्मल पावर स्टेशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस उत्सर्जन मानक मामले में खरा न उतर पाने पर जारी किया है। सीपीसीबी ने चेतानी दी है कि 15 दिन के भीतर इसका जवाब दें अगर जवाब नहीं देते हैं तो एन्वायरमेंटल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। सीपीसीबी ने दिसंबर 2017 में थर्मल पावर स्टेशन को निर्देश दिए थे कि दिसंबर 2020 तक थर्मल पावर प्लांट में उत्सर्जन के मानक सही होने चाहिए।
विज्ञापन

सीपीसीबी ने 2015 में कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के लिए नए मानदंडों के साथ पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 10), सल्फर डाइऑक्साइड (एसओ 2) और नाइट्रोजन के ऑक्साइड (एनओएक्स) के उत्सर्जन में कटौती के लिए नए मानदंड बनाए थे। लेकिन थर्मल पावर प्लांट मानकों पर खरा नहीं उतरा। सीपीसीबी ने 11 दिसंबर, 2017 को निर्देश जारी किया था कि इकाई में एसआईटू के उत्सर्जन करने के लिए थर्मल पावर स्टेशन को फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन, प्लांट को इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर्स करने और थर्मल में ओवर फायर एयर सिस्टम लगाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों पर पर थर्मल की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए सीपीसीबी ने इस पर सख्ती दिखाई है। इससे पहले भी थर्मल पावर स्टेशन पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। थर्मल पावर स्टेशन को एनजीटी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर कई बार चेतावनी भी दे चुका है। अब एनजीटी 20 फरवरी से पहले थर्मल पॉवर प्लांट पर लगे तीन करोड़ रुपये जुर्माने के मामले में फैसला सुनाएगा।
विज्ञापन

राख का प्रबंधन सही नहीं होने पर लगा जुर्माना
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पानीपत सुपर थर्मल पावर स्टेशन पर तीन करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। थर्मल पावर स्टेशन पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और राख का प्रबंधन करने के आरोप साबित होने पर ग्राम पंचायत जाटल की शिकायत पर एनजीटी ने कदम उठाया था। जाटल ग्राम पंचायत ने शिकायत में आरोप लगाया गया था कि थर्मल की राख से हो रहे प्रदूषण से आसपास के गांवों में 40 मौतें हो चुकीं हैं। राख से गांव खुखराना और जाटल के अलावा सुताना, उंटला, बिंझौल, आसन कलां और गांव आसन खुर्द के अधिकतर लोग अस्थमा, आंखों की बीमारी, चर्म रोग से पीड़ित हैं। इस जुर्माने का प्रयोग स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देने के निए किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीपीसीबी ने दी थी क्लीन चिट
पिछले मंगलवार को सीपीसीबी ने एनजीटी में रिपोर्ट देकर थर्मल की व्यवस्था को ठीक ठहराया था, जिसको एनजीटी ने नकार दिया था। जाटल ग्राम पंचायत की शिकायत पर एनजीटी ने थर्मल प्रशासन से एक्शन प्लान मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी 2020 में होगी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सहायक पर्यावरण अभियंता प्रदीप कुमार ने जांच रिपोर्ट सौंपी है। जाटल के नजदीक स्थित झील का निरीक्षण किया गया। इस झील में थर्मल की राख डाली जाती है। वहीं, एनजीटी के निरीक्षण के दौरान करीब 332 लाख मीट्रिक टन राख पाई।

जाटल ग्राम पंचायत ने की थी शिकायत
गौरतलब है कि जाटल ग्राम पंचायत ने 13 मई 2019 को मुख्यमंत्री को शिकायत दी थी। हरियाणा राज्य पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड ने 10 जून को चीफ इंजीनियर को नोटिस दिया। चीफ इंजीनियर ने 25 जून को जवाब दिया था। ग्राम पंचायत ने इसके बाद एनजीटी का दरवाजा खटखटाया था। गांव में आठ सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया। एचएसपीसीबी थर्मल पावर स्टेशन को प्रीवेंशन और कंट्रोल पॉल्यूशन एक्ट 1981 की धारा 31-ए के तहत 25 जून को भी नोटिस दे चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed