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Panipat News: गांवों से लेकर नपा और निगम के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, मंत्री के सामने गूंजे मामले
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पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की 10 महीने बाद हुई बैठक में गांवों से लेकर समालखा नगर पालिका और नगर निगम तक विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के मामले गूंजे। अधिकारियों ने फंसने के डर से रिपोर्ट को घुमाने का प्रयास किया। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर अधिकारियों की मंशा भांप गए और एक्शन में आ गए। हर मामले की बारीकी से रिपोर्ट ली और फरियादी की पूरी बात सुनी। मंत्री ने लापरवाही मिलने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों पर कार्रवाई लिखने का आदेश दिया। सेक्टर-25-टू में 33.97 लाख के पार्क घोटाले में कड़ा संज्ञान लेते हुए कैथल के ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के साथ इसकी पेमेंट जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। अमर उजाला ने ही इस मामले का बुधवार को भंडाफोड़ किया था। मंत्री के दरबार में सांसद संजय भाटिया के माध्यम से मनाना निवासी रीना ने पुलिस कार्रवाई से संबंधित शिकायत शामिल की।
शिक्षा मंत्री ने बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक सुबह 11:12 बजे बैठक शुरू की और 1:15 बजे तक शिकायतें सुनी। इससे पहले उन्हें यहां पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
सेक्टर-25 निवासी विनोद दुग्गल ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने 2019 में सेक्टर-25-टू में श्रीकृष्णा पार्क के लिए 33.97 लाख का टेंडर कैथल की बेदी को-आपरेटिव लैंड सोसायटी को दिया था। ठेकेदार ने पार्क में घटिया सामग्री का प्रयोग किया। पार्क में कम गुणवत्ता का पत्थर गलाने के साथ पुरानी ईंट और लोहे की ग्रिल लगा दी गई। लाइट कंपनी के बजाय लोकल लगा दी। तार खुला छोड़ दिया। इसकी शिकायत पर कार्रवाई के बजाय निगम अधिकारियों ने ठेकेदार को पूरी पेमेंट कर दी। निगम ने अब उसी पार्क का करीब 24 लाख का टेंडर लगा दिया। मंत्री ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने और उसे पेमेंट करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। इसमें मुख्यत: जेई, एमई और एक्सईएन होते हैं।
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चौथी शिकायत डॉ. प्रदीप आर्य की रही। उन्होंने दो जून 2018 को मॉडल टाउन थाने में दर्ज मुकदमे में मनमाने ढंग से कार्रवाई का आरोप लगाया। एडीसी वीना हुड्डा ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने डीसी की पावर का प्रयोग करते हुए न्यायालय में अपील की। इसमें डीएसपी के भी शामिल होने के आरोप लगे। मंत्री ने डीएसपी और थाना प्रभारी को इसकी चेतावनी दी और कमेटी से जांच कराने के निर्देश दिए।
पांचवीं शिकायत आरके पुरम जाटल रोड के आंगनबाड़ी केंद्र की वर्कर अनीता देवी की थी। उनका आरोप है कि लॉकडाउन में उनकी परमिशन के बिना राशन बांट दिया गया। पुलिस में शिकायत दी। इस बीच मार्च का राशन भी बांट दिया गया। वह पुलिस के चक्कर काटती रही। इससे पहले उसी के खिलाफ विभाग में शिकायत दे दी। उसको उन महीनों की सप्लाई में भी पूरा राशन नहीं मिला। एडीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी। उन्होंने राशन में गबन की बात कही और सुपरवाइजर के मौखिक आदेश पर हेल्पर द्वारा राशन बनाना सामने आया, जबकि आंगनबाड़ी वर्कर की अनुमति जरूरी थी। मंत्री ने इस पर सुपरवाइजर और हेल्पर को चार्जशीट कर दिया और आंगनबाड़ी वर्कर को रिकॉर्ड दुरुस्त करने का निर्देश दिया। छठी शिकायत दीपक कुमार की एक्सग्रेसिया पॉलिसी के तहत नौकरी न मिलने की रही। मंत्री ने नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सातवीं शिकायत भाजपा के युवा नेता पंकज शर्मा की थी। उन्होंने एलिवेटेड हाईवे पर सेक्टर 13-17 और खादी आश्रम के सामने प्रवेश व निकासी के लिए रास्ता न खोलने को शहर में जीटी रोड पर जाम का कारण बताया। डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण खादी आश्रम के पास कट बनाने के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। मई में इसका काम शुरू हो जाएगा। आठवीं शिकायत अजीजुलापुर के पूर्व सरपंच महाबीर की रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अंसल कंपनी ने गांव की करीब आठ एकड़ जमीन दबा रखी है। मंत्री ने इसमें नगर निगम आयुक्त और डीटीपी की कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए।
भापरा गांव निवासी संदीप वशिष्ठ ने समालखा नगर पालिका के अधिकारियों के कार्य पर असंतुष्टि जताई। उनका आरोप है कि जीटी रोड के दोनों तरफ इंटरलॉकिंग टायलों में करोड़ों का घपला हुआ है। एसडीएम समालखा ने जांच रिपोर्ट में 41 हजार इंटरलॉकिंग टायल कम मिलने की जानकारी दी। नपा सचिव ने जमीन पर कब्जे के मामले में राजस्व विभाग को लिखने का जवाब दिया। मंत्री ने ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और निशानदेही कराकर कब्जा हटवाने के साथ जेई व एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखने के आदेश दिए।
ग्वालड़ा गांव में पंचायती जमीन का मामला मंत्री के सामने उठा। शिकायतकर्ता ग्राम पंचायत दीपक शर्मा की शिकायत पर ग्रामीण सफाई देने मंत्री के सामने पहुंच गए। उन्होंने सरपंच को ही घेर लिया और अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम पंचायत ने पहले पंचायती जमीन को वन विभाग को दे दिया। ग्रामीण खेती करते थे तो उन पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उनके ट्रैक्टर और कृषि यंत्र आज भी थाने में जब्त हैं। अब ग्राम पंचायत 138 एकड़ जमीन की बोली कराने की कह रही है। अगर बोली करानी है तो पूरी जमीन की कराई जाए। ऐसा होने पर गांव का माहौल बिगड़ सकता है। मंत्री ने मामले की नजाकत को समझा और इसमें जमीन वन विभाग के पास ही रखने का प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया।
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शिक्षा मंत्री ने बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक सुबह 11:12 बजे बैठक शुरू की और 1:15 बजे तक शिकायतें सुनी। इससे पहले उन्हें यहां पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
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सेक्टर-25 निवासी विनोद दुग्गल ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने 2019 में सेक्टर-25-टू में श्रीकृष्णा पार्क के लिए 33.97 लाख का टेंडर कैथल की बेदी को-आपरेटिव लैंड सोसायटी को दिया था। ठेकेदार ने पार्क में घटिया सामग्री का प्रयोग किया। पार्क में कम गुणवत्ता का पत्थर गलाने के साथ पुरानी ईंट और लोहे की ग्रिल लगा दी गई। लाइट कंपनी के बजाय लोकल लगा दी। तार खुला छोड़ दिया। इसकी शिकायत पर कार्रवाई के बजाय निगम अधिकारियों ने ठेकेदार को पूरी पेमेंट कर दी। निगम ने अब उसी पार्क का करीब 24 लाख का टेंडर लगा दिया। मंत्री ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने और उसे पेमेंट करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। इसमें मुख्यत: जेई, एमई और एक्सईएन होते हैं।
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चौथी शिकायत डॉ. प्रदीप आर्य की रही। उन्होंने दो जून 2018 को मॉडल टाउन थाने में दर्ज मुकदमे में मनमाने ढंग से कार्रवाई का आरोप लगाया। एडीसी वीना हुड्डा ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने डीसी की पावर का प्रयोग करते हुए न्यायालय में अपील की। इसमें डीएसपी के भी शामिल होने के आरोप लगे। मंत्री ने डीएसपी और थाना प्रभारी को इसकी चेतावनी दी और कमेटी से जांच कराने के निर्देश दिए।
पांचवीं शिकायत आरके पुरम जाटल रोड के आंगनबाड़ी केंद्र की वर्कर अनीता देवी की थी। उनका आरोप है कि लॉकडाउन में उनकी परमिशन के बिना राशन बांट दिया गया। पुलिस में शिकायत दी। इस बीच मार्च का राशन भी बांट दिया गया। वह पुलिस के चक्कर काटती रही। इससे पहले उसी के खिलाफ विभाग में शिकायत दे दी। उसको उन महीनों की सप्लाई में भी पूरा राशन नहीं मिला। एडीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी। उन्होंने राशन में गबन की बात कही और सुपरवाइजर के मौखिक आदेश पर हेल्पर द्वारा राशन बनाना सामने आया, जबकि आंगनबाड़ी वर्कर की अनुमति जरूरी थी। मंत्री ने इस पर सुपरवाइजर और हेल्पर को चार्जशीट कर दिया और आंगनबाड़ी वर्कर को रिकॉर्ड दुरुस्त करने का निर्देश दिया। छठी शिकायत दीपक कुमार की एक्सग्रेसिया पॉलिसी के तहत नौकरी न मिलने की रही। मंत्री ने नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सातवीं शिकायत भाजपा के युवा नेता पंकज शर्मा की थी। उन्होंने एलिवेटेड हाईवे पर सेक्टर 13-17 और खादी आश्रम के सामने प्रवेश व निकासी के लिए रास्ता न खोलने को शहर में जीटी रोड पर जाम का कारण बताया। डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण खादी आश्रम के पास कट बनाने के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। मई में इसका काम शुरू हो जाएगा। आठवीं शिकायत अजीजुलापुर के पूर्व सरपंच महाबीर की रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अंसल कंपनी ने गांव की करीब आठ एकड़ जमीन दबा रखी है। मंत्री ने इसमें नगर निगम आयुक्त और डीटीपी की कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए।
भापरा गांव निवासी संदीप वशिष्ठ ने समालखा नगर पालिका के अधिकारियों के कार्य पर असंतुष्टि जताई। उनका आरोप है कि जीटी रोड के दोनों तरफ इंटरलॉकिंग टायलों में करोड़ों का घपला हुआ है। एसडीएम समालखा ने जांच रिपोर्ट में 41 हजार इंटरलॉकिंग टायल कम मिलने की जानकारी दी। नपा सचिव ने जमीन पर कब्जे के मामले में राजस्व विभाग को लिखने का जवाब दिया। मंत्री ने ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और निशानदेही कराकर कब्जा हटवाने के साथ जेई व एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखने के आदेश दिए।
ग्वालड़ा गांव में पंचायती जमीन का मामला मंत्री के सामने उठा। शिकायतकर्ता ग्राम पंचायत दीपक शर्मा की शिकायत पर ग्रामीण सफाई देने मंत्री के सामने पहुंच गए। उन्होंने सरपंच को ही घेर लिया और अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम पंचायत ने पहले पंचायती जमीन को वन विभाग को दे दिया। ग्रामीण खेती करते थे तो उन पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उनके ट्रैक्टर और कृषि यंत्र आज भी थाने में जब्त हैं। अब ग्राम पंचायत 138 एकड़ जमीन की बोली कराने की कह रही है। अगर बोली करानी है तो पूरी जमीन की कराई जाए। ऐसा होने पर गांव का माहौल बिगड़ सकता है। मंत्री ने मामले की नजाकत को समझा और इसमें जमीन वन विभाग के पास ही रखने का प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया।