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Panipat News: कूड़े के भंडारण और निस्तारण के लिए पांच ट्रांसफर स्टेशन बनाएगा निगम
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पानीपत। शहर के कूड़े के भंडारण और निस्तारण के लिए शहर में पांच ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाएंगे। इन पर शहर के 26 वार्डों का कूड़ा डंप किया जाएगा और इसे अलग किया जाएगा। इसके बाद कूड़े का उठान हो सकेगा। पांचों स्थानों पर एमआरएफ सेंटर बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों पर नीचे ईंटों का फर्श होगा। चारों ओर चहारदीवारी बनाई जाएगी, ताकि स्टेशन से बाहर न कूड़ा जा सके और न ही इसकी बदबू आसपास के लोगों को परेशान कर सके। यह डंपिंग स्टेशन तैयार करने में निगम को करीब एक माह का समय लगेगा। तब तक निगम अस्थायी तौर पर दोनों नहराें के बीच कूड़ा डलवाने और उठवाने का काम करेगा।
शहर के चारों ओर बनने वाली पांच साइटों की लोकेशन के नाम अभी अधिकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे शहर और गांव के लोग पहले ही विरोध करना शुरू कर देते हैं। अब तक कई बार उनका विरोध किया जा चुका है। इसी वजह से शहर में कूड़ा उठान का काम धीमी गति से चल रहा है। वहीं, सदन ने निगम आयुक्त को नियमानुसार जगह फाइनल करने के लिए अधिकृत कर दिया है। अब इन लोकेशन को सफाई कमेटी के सदस्य और अधिकारी आयुक्त को दिखाकर यहां ट्रांसफर स्टेशन बनाने की बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी निगम का विरोध गांव निंबरी, सेक्टर 25, सिवाह, डाहर, पुरानी शुगर मिल में भी हो चुका है।
शहर से रोजाना करीब 250 टन कूड़ा निकलता है। इसमें कुछ ऐसे बड़े बल्क वेस्ट जेनरेटर होटल, अस्पताल एवं अन्य संस्थान हैं, जो ज्यादा कूड़ा निकालते हैं और अपने कूड़े का निष्पादन तक नहीं कर पाते। ऐसे बल्क वेस्ट जेनरेटरों के लिए एक एजेंसी की सेवा ली जाएगी, जो इनका कूड़ा यूजर चार्ज पर उठाएगी और इसका निस्तारण करेगी। यह नियम स्वच्छ भारत मिशन के एक्ट के तहत बनाया गया है। इसमें निगम को कोई खर्चा नहीं देना होगा।
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शहर के कूड़े का डालने के लिए निगम स्थायी सेंटर बनाएगा। यहां रोजाना कूड़ा डाला जाएगा और साथ के साथ उठाया भी जाएगा। जिससे शहर के लोगों को परेशानी न हो।
- जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।
फिलहाल साइट चिह्नित की गई हैं। इन पर काम और फैसला जनहित में ही होगा ताकि शहर या आसपास के लोगों को परेशानी न हो और कूड़े का उठान व निस्तारण भी समय पर ढंग से हो। इसके लिए निगम प्रतिबद्ध है।
- संजीव दहिया, अध्यक्ष, सफाई कमेटी।
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शहर के चारों ओर बनने वाली पांच साइटों की लोकेशन के नाम अभी अधिकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे शहर और गांव के लोग पहले ही विरोध करना शुरू कर देते हैं। अब तक कई बार उनका विरोध किया जा चुका है। इसी वजह से शहर में कूड़ा उठान का काम धीमी गति से चल रहा है। वहीं, सदन ने निगम आयुक्त को नियमानुसार जगह फाइनल करने के लिए अधिकृत कर दिया है। अब इन लोकेशन को सफाई कमेटी के सदस्य और अधिकारी आयुक्त को दिखाकर यहां ट्रांसफर स्टेशन बनाने की बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी निगम का विरोध गांव निंबरी, सेक्टर 25, सिवाह, डाहर, पुरानी शुगर मिल में भी हो चुका है।
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शहर से रोजाना करीब 250 टन कूड़ा निकलता है। इसमें कुछ ऐसे बड़े बल्क वेस्ट जेनरेटर होटल, अस्पताल एवं अन्य संस्थान हैं, जो ज्यादा कूड़ा निकालते हैं और अपने कूड़े का निष्पादन तक नहीं कर पाते। ऐसे बल्क वेस्ट जेनरेटरों के लिए एक एजेंसी की सेवा ली जाएगी, जो इनका कूड़ा यूजर चार्ज पर उठाएगी और इसका निस्तारण करेगी। यह नियम स्वच्छ भारत मिशन के एक्ट के तहत बनाया गया है। इसमें निगम को कोई खर्चा नहीं देना होगा।
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शहर के कूड़े का डालने के लिए निगम स्थायी सेंटर बनाएगा। यहां रोजाना कूड़ा डाला जाएगा और साथ के साथ उठाया भी जाएगा। जिससे शहर के लोगों को परेशानी न हो।
- जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।
फिलहाल साइट चिह्नित की गई हैं। इन पर काम और फैसला जनहित में ही होगा ताकि शहर या आसपास के लोगों को परेशानी न हो और कूड़े का उठान व निस्तारण भी समय पर ढंग से हो। इसके लिए निगम प्रतिबद्ध है।
- संजीव दहिया, अध्यक्ष, सफाई कमेटी।