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Panipat News: भ्रष्टाचार पर निगम अधिकारी और पार्षद आमने-सामने
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पानीपत। भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार की शिकायतों को लेकर अब नगर निगम के अधिकारी और पार्षद आमने-सामने हो गए हैं। पार्षदों पर नाजायज दबाव डालने का आरोप लगाते हुए निगम अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर कलमबंद हड़ताल घोषित कर दी है। हालांकि अधिकारियों ने अपनी शिकायत में किसी पार्षद का नाम नहीं लिखा है। इसके कुछ ही देर बाद एक मनोनीत पार्षद का इस्तीफा भी सामने आ गया। पार्षद ने निगम अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। अधिकारियों ने शिकायत पत्र आयुक्त और मेयर को भेजा है, जिसमें लिखा है कि जब तक यह सब बंद नहीं होता, उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, पार्षद का आयुक्त को भेजा गया इस्तीफा सात जुलाई 2023 का है, जो अब सामने आया है।
बताया जा रहा है कि अधिकारियों में सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट को लेकर रोष है। उन्होंने भट्ट पर गलत बर्ताव करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि शिकायत में अधिकारियों ने उनका या अन्य किसी पार्षद का नाम नहीं दिया। इस रोष में उन्होंने कलमबंद हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके कुछ देर बाद ही एक्सईएन राहुल पुनिया के खिलाफ एक मनोनीत पार्षद पवन राणा का इस्तीफा सामने आ गया। इसमें पार्षद ने अधिकारी पर भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगाया है।
अधिकारियों ने लिखा कि मंगलवार को निगम की इंजीनियरिंग और सफाई शाखा की बैठक हुई, जिसमें काम में आने वाली परेशानियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि पार्षदों के जो काम तकनीकी रूप से सही हैं, वे निष्ठा से करते हैं। परंतु हाल फिलहाल कुछ पार्षद उन पर व्यक्तिगत रूप से आरोप लगा रहे हैं। कई बार पार्षदों द्वारा नाजायज दबाव बनाने की कोशिश की गई है, जो कि निगम की कार्यप्रणाली में एक बड़ा अवरोध है।
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कई बार काम में विलंब होने के कारण अधिकारियों को फोन और व्हाट्सएप मैसेज कर अनुचित व्यवहार और दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। इन सभी असभ्य और असहनीय बातों पर निगम के अभियंता कलमबंद हड़ताल का निर्णय लेते हैं। जब तक इन चीजों पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
पार्षद पवन राणा ने सात जुलाई को आयुक्त को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा कि वे एक्सईएन राहुल पुनिया की कार्यप्रणाली से परेशान होकर इस्तीफा दे रहे हैं। इस भ्रष्ट एक्सईएन की कार्यप्रणाली गलत है। वे मनचाहे ढंग से काम करते और कराते हैं। जब भी उनसे मिला गया तो उनका व्यवहार असंतोषजनक मिला। इन्होंने छोटे-छोटे कार्यों में भी रुकावट डालने के साथ अपने अधीन कर्मचारियों को भी काम न करने के आदेश दे रखे हैं। सरकार ने उन्हें जनता के काम कराने के लिए पार्षद बनाया था, लेकिन इस अधिकारी की वजह से लोगों के काम नहीं हो रहे। इससे वे त्यागपत्र दे रहे हैं।
एक्सईएन राहुल पुनिया की वजह से इस्तीफा आयुक्त को दिया था। जो उन्होंने मंजूर होने के लिए निकाय भेजा हुआ है।
- पवन राणा, पार्षद।
अधिकारियों के लिखे शिकायत पत्र में मेरा नाम नहीं है। अगर कोई अधिकारी मेरा नाम ले रहा है तो मैं उसके लिए तैयार हूं। वह अधिकारी मेरे सामने आकर बात या आरोप लगा सकता है। फिर तथ्यों के साथ बातचीत होगी।
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।
आज सभी अधिकारियों ने मिलकर कुछ पार्षदों की ओर से बनाए जा रहे नाजायज दबाव को लेकर पेन डाउन हड़ताल की है। वहीं, पार्षद का इस्तीफा देने का मामला पुरानी बात हो चुकी है।
- राहुल पुनिया, एक्सईएन, नगर निगम।
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बताया जा रहा है कि अधिकारियों में सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट को लेकर रोष है। उन्होंने भट्ट पर गलत बर्ताव करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि शिकायत में अधिकारियों ने उनका या अन्य किसी पार्षद का नाम नहीं दिया। इस रोष में उन्होंने कलमबंद हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके कुछ देर बाद ही एक्सईएन राहुल पुनिया के खिलाफ एक मनोनीत पार्षद पवन राणा का इस्तीफा सामने आ गया। इसमें पार्षद ने अधिकारी पर भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगाया है।
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अधिकारियों ने लिखा कि मंगलवार को निगम की इंजीनियरिंग और सफाई शाखा की बैठक हुई, जिसमें काम में आने वाली परेशानियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि पार्षदों के जो काम तकनीकी रूप से सही हैं, वे निष्ठा से करते हैं। परंतु हाल फिलहाल कुछ पार्षद उन पर व्यक्तिगत रूप से आरोप लगा रहे हैं। कई बार पार्षदों द्वारा नाजायज दबाव बनाने की कोशिश की गई है, जो कि निगम की कार्यप्रणाली में एक बड़ा अवरोध है।
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कई बार काम में विलंब होने के कारण अधिकारियों को फोन और व्हाट्सएप मैसेज कर अनुचित व्यवहार और दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। इन सभी असभ्य और असहनीय बातों पर निगम के अभियंता कलमबंद हड़ताल का निर्णय लेते हैं। जब तक इन चीजों पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
पार्षद पवन राणा ने सात जुलाई को आयुक्त को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा कि वे एक्सईएन राहुल पुनिया की कार्यप्रणाली से परेशान होकर इस्तीफा दे रहे हैं। इस भ्रष्ट एक्सईएन की कार्यप्रणाली गलत है। वे मनचाहे ढंग से काम करते और कराते हैं। जब भी उनसे मिला गया तो उनका व्यवहार असंतोषजनक मिला। इन्होंने छोटे-छोटे कार्यों में भी रुकावट डालने के साथ अपने अधीन कर्मचारियों को भी काम न करने के आदेश दे रखे हैं। सरकार ने उन्हें जनता के काम कराने के लिए पार्षद बनाया था, लेकिन इस अधिकारी की वजह से लोगों के काम नहीं हो रहे। इससे वे त्यागपत्र दे रहे हैं।
एक्सईएन राहुल पुनिया की वजह से इस्तीफा आयुक्त को दिया था। जो उन्होंने मंजूर होने के लिए निकाय भेजा हुआ है।
- पवन राणा, पार्षद।
अधिकारियों के लिखे शिकायत पत्र में मेरा नाम नहीं है। अगर कोई अधिकारी मेरा नाम ले रहा है तो मैं उसके लिए तैयार हूं। वह अधिकारी मेरे सामने आकर बात या आरोप लगा सकता है। फिर तथ्यों के साथ बातचीत होगी।
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।
आज सभी अधिकारियों ने मिलकर कुछ पार्षदों की ओर से बनाए जा रहे नाजायज दबाव को लेकर पेन डाउन हड़ताल की है। वहीं, पार्षद का इस्तीफा देने का मामला पुरानी बात हो चुकी है।
- राहुल पुनिया, एक्सईएन, नगर निगम।