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50 से अधिक जगहों पर चल रहा निर्माण कार्य
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पानीपत। जीटी रोड पर गोहाना मौड के पास चल रहा भवन निर्माण का कार्य।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने जनरेटर चलाने पर रोक लगाने के बाद भवन निर्माण के कार्य पर भी रोक लगा दी। एनजीटी ने एचएसपीसीबी को निर्देश दिए थे कि वो फील्ड में जाकर भवन निर्माण के कार्यों को रुकवाए, लेकिन नतीजा सिफर है। शहर में लगभग 50 जगहों पर बिल्डिंग निर्माण का कार्य चल रहा है। बरसत रोड, असंध रोड व इंडिस्ट्रयल एरिया में एनजीटी निर्देशों का खुला उल्लंघन हो रहा है, लेकिन किसी पर भी कार्रवाई नहीं की गई।
शायद यही कारण है कि अब भी पानीपत का प्रदूषण स्तर खतरनाक स्तर पर है। शुक्रवार को शहर का एक्यूआई 222 दर्ज किया गया है, जोकि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। हालांकि शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें शहर में औचक निरीक्षण करने के लिए उतरीं। उन्होंने 10 फैक्टरियों की जांच की पर कहीं भी जनरेटर चलते नहीं मिला। बोर्ड की ओर से तीन दिन पहले ही 400 उद्यमियों को नोटिस जारी कर उन्हें जनरेटर न चलाने की हिदायतें दी गईं हैं। जनरेटर चलते मिलने पर 10 लाख रुपये जुर्माने लगाया जाएगा।
पांच दिनों से पानी का छिड़काव बंद
नगर निगम , पीडब्ल्यूडी औरा एनएचएआई ने 15 नवंबर से 20 नवंबर तक शहर व बाहरी क्षेत्रों में सड़कों के किनारे पानी का छिडकाव कराया था। इस दौरान प्रदूषण के स्तर में भी कमी आई थी। अब पिछले पांच दिन से कहीं भी पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। इसलिए दोबारा एक्यूआई बढ़ रहा है।
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हवा की रफ्तार में कमी, दोबारा बढ़ी स्मॉग
पर्यावरण मामलों के एक्सपर्ट डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले दो दिन से हवा की रफ्तार में कमी आई है। अब हवा 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। पहले ये रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इसलिए स्मॉग नहीं छट रही है। धूल व धुएं के कण ऊपर नहीं उठ रहे हैं। इसलिए दोबारा स्मॉग बन रही है।
भवन निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाएगी
अगर शहर में अब भी बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है तो इस पर सख्ती की जाएगी। लोगों को नोटिस देंगे न मानने पर आगामी कार्रवाई होगी।
कमलजीत सिंह, रिजनल ऑफिसर, एचएसपीसीबी
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शायद यही कारण है कि अब भी पानीपत का प्रदूषण स्तर खतरनाक स्तर पर है। शुक्रवार को शहर का एक्यूआई 222 दर्ज किया गया है, जोकि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। हालांकि शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें शहर में औचक निरीक्षण करने के लिए उतरीं। उन्होंने 10 फैक्टरियों की जांच की पर कहीं भी जनरेटर चलते नहीं मिला। बोर्ड की ओर से तीन दिन पहले ही 400 उद्यमियों को नोटिस जारी कर उन्हें जनरेटर न चलाने की हिदायतें दी गईं हैं। जनरेटर चलते मिलने पर 10 लाख रुपये जुर्माने लगाया जाएगा।
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पांच दिनों से पानी का छिड़काव बंद
नगर निगम , पीडब्ल्यूडी औरा एनएचएआई ने 15 नवंबर से 20 नवंबर तक शहर व बाहरी क्षेत्रों में सड़कों के किनारे पानी का छिडकाव कराया था। इस दौरान प्रदूषण के स्तर में भी कमी आई थी। अब पिछले पांच दिन से कहीं भी पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। इसलिए दोबारा एक्यूआई बढ़ रहा है।
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हवा की रफ्तार में कमी, दोबारा बढ़ी स्मॉग
पर्यावरण मामलों के एक्सपर्ट डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले दो दिन से हवा की रफ्तार में कमी आई है। अब हवा 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। पहले ये रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इसलिए स्मॉग नहीं छट रही है। धूल व धुएं के कण ऊपर नहीं उठ रहे हैं। इसलिए दोबारा स्मॉग बन रही है।
भवन निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाएगी
अगर शहर में अब भी बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है तो इस पर सख्ती की जाएगी। लोगों को नोटिस देंगे न मानने पर आगामी कार्रवाई होगी।
कमलजीत सिंह, रिजनल ऑफिसर, एचएसपीसीबी