फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Conditions in the agricultural markets remain dire even a day after the rain, farmers are busy drying their paddy.

Panipat News: बारिश के दूसरे दिन भी मंडियों में बदतर हालात, धान सुखाने में जुटे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 09:09 PM IST
विज्ञापन
Conditions in the  agricultural markets remain dire even a day after the rain, farmers are busy drying their paddy.
अनाज मंडी में सुखाने के लिए फैलाया धान। संवाद
बारिश के दूसरे दिन भी मंडियों में बदतर हालात, धान सुखाने में जुटे किसान
विज्ञापन

51 एमएम बारिश से खेतों से मंडियों तक जलभराव, धीमी लिफ्टिंग ने बढ़ाई चिंता; तिरपाल भी नहीं बचा सके फसल
11,050 मीट्रिक टन धान की आवक के मुकाबले 2,235.6 मीट्रिक टन का ही उठान, मंडियों में जलभराव से परेशानी
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में वीरवार को हुई करीब 51 मिलीमीटर बारिश के दूसरे दिन शुक्रवार को भी अनाज मंडियों में हालात सामान्य नहीं हो सके। मंडियों से लेकर खेतों तक जलभराव के कारण धान भीग गया। किसानों ने तिरपाल से फसल को ढकने का प्रयास किया, लेकिन पानी के बहाव और जलभराव के चलते उनके प्रयास बेअसर रहे। शुक्रवार को किसान भीगी फसल को सुखाने और सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटे रहे।

मंडियों में जलभराव के साथ धीमी लिफ्टिंग ने भी परेशानी बढ़ा दी है। जिले की मंडियों में अब तक 11,050.8 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें से 8,924.4 मीट्रिक टन की खरीद की गई। इसके मुकाबले केवल 2,235.6 मीट्रिक टन धान का उठान हो पाया है। उठान में देरी के कारण मंडियों में धान खुले में पड़ा है और बारिश से फसल खराब होने की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन


मतलौडा मंडी में सबसे ज्यादा धान की आवक
मतलौडा मंडी: यहां सबसे ज्यादा 3,950.5 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें से 3,234.5 मीट्रिक टन की खरीद हुई, जबकि 336.3 मीट्रिक टन का ही उठान हो सका। यहां 716 मीट्रिक टन धान का उठान बाकी है। शुक्रवार को 266.8 मीट्रिक टन धान की आवक हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाबरपुर मंडी: यहां 2,163.3 मीट्रिक टन धान की आवक और 1,861.2 मीट्रिक टन की खरीद हुई। 1,012 मीट्रिक टन उठान के बाद 302.1 मीट्रिक टन धान शेष है।
इसराना मंडी: यहां 2,293.5 मीट्रिक टन आवक के मुकाबले 1,675.1 मीट्रिक टन की खरीद हुई। 641.3 मीट्रिक टन उठान के बाद 618.4 मीट्रिक टन धान मंडी में पड़ा है।
पानीपत मंडी: यहां 1,490.7 मीट्रिक टन आवक और 1,316 मीट्रिक टन की खरीद हुई। उठान केवल 246 मीट्रिक टन हुआ, जबकि 174.7 मीट्रिक टन धान शेष है।
बापौली मंडी: यहां 917.2 मीट्रिक टन धान की आवक और 651.7 मीट्रिक टन की खरीद हुई। उठान नहीं होने से 265.5 मीट्रिक टन धान मंडी में पड़ा है।
समालखा मंडी: यहां 235.6 मीट्रिक टन आवक और 185.9 मीट्रिक टन की खरीद हुई। उठान नहीं होने से 49.7 मीट्रिक टन धान शेष है।

कीचड़ और नमी ने बढ़ाई चिंता
शुक्रवार को किसान भीगी फसल को सुखाने और कीचड़ के बीच से सुरक्षित स्थान पर ले जाने में लगे रहे। धान में नमी बढ़ने से सरकारी खरीद प्रभावित होने की आशंका है। किसान रमेश कुमार और हरपाल ने कहा कि शेड और जल निकासी की उचित व्यवस्था होने के साथ समय पर उठान होता तो फसल को नुकसान से बचाया जा सकता था। आढ़तियों ने प्रशासन से मंडियों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और उठान में तेजी लाने की मांग की।


जिले की विभिन्न मंडियों में धान की आवक के साथ खरीद और उठान भी किया जा रहा है। यदि कहीं कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, उपायुक्त
32
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed