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मदद करके भर रहे जिंदगी में रंग
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पानीपत। जरूरतंमद युवती को सलाई मशीन भेंट करती हुई।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। जिले की अलग-अलग संस्थाएं काफी समय से गरीब व जरूरतमंद की सहायता करके उनके जिंदगी में रंग भरने का काम कर रही है। कोई संस्था गरीब बच्चों को स्टेशनरी बांटकर उनको पढ़ने के लिए जागरूक कर रही है तो कोई संस्था बेरोजगार लोगों को रेहड़ी और सिलाई मशीन देकर रोजगार उत्पन्न करवाने का काम कर रही है।
रोजगार करने के लिए एक साल में दे चुके हैं तीन रेहड़ी और 10 सिलाई मशीन
लिनेस ग्रेटर क्लब जिले के गरीब व बेसहारा लोगों को रहेड़ी और महिलाओं को सिलाई मशीन देकर उन्हें रोजगार उत्पन्न कराने का काम किया है। कोरोना महामारी में जिन लोगों को नौकरी छूट गई थी उन्हेें रोजगार करने के लिए साधन उपलब्ध करवाए गए। प्रधान आशा बंसल ने पिछले एक वर्ष में तीन रेहड़ी दी है और 10 जरूरतमंद महिला को रोजगार करने के लिए सिलाई मशीन दी है। वहीं संस्था हर साल 11 से 21 गरीब बेटियों की शादी भी करवाकर उनकी जिंदगी में रंग भरने का काम कर रही है। संस्था की प्रधान आशा बंसल, नीलम अग्रवाल, शोभा सिंगला समेत अन्य महिला सदस्य लोगों की सहायता कर रहे हैं।
युवा चेतना क्लब स्टेशनरी बांट भर रही अशिक्षित बच्चों के जीवन में रंग
युवा चेतना क्लब भट्टे पर काम करने वाले परिवार के बच्चों को पढ़ाई करने के लिए स्टेशनरी बांटने का काम कर रहे है। युवा चेतना क्लब के प्रधान विपिन दहिया ने इस पहल की शुरुआत की थी। सरकार ने भट्टे पर काम करने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों को भेजना शुरू किया लेकिन उनको स्टेशनरी नहीं दी गई। जिसके बाद संस्था ने उनको कॉपी किताब समेत अन्य स्टेशनरी का सामान वितरित किया जिससे वह पढ़कर अपने जिंदगी में रंग भर सकें।
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रोजगार करने के लिए एक साल में दे चुके हैं तीन रेहड़ी और 10 सिलाई मशीन
लिनेस ग्रेटर क्लब जिले के गरीब व बेसहारा लोगों को रहेड़ी और महिलाओं को सिलाई मशीन देकर उन्हें रोजगार उत्पन्न कराने का काम किया है। कोरोना महामारी में जिन लोगों को नौकरी छूट गई थी उन्हेें रोजगार करने के लिए साधन उपलब्ध करवाए गए। प्रधान आशा बंसल ने पिछले एक वर्ष में तीन रेहड़ी दी है और 10 जरूरतमंद महिला को रोजगार करने के लिए सिलाई मशीन दी है। वहीं संस्था हर साल 11 से 21 गरीब बेटियों की शादी भी करवाकर उनकी जिंदगी में रंग भरने का काम कर रही है। संस्था की प्रधान आशा बंसल, नीलम अग्रवाल, शोभा सिंगला समेत अन्य महिला सदस्य लोगों की सहायता कर रहे हैं।
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युवा चेतना क्लब स्टेशनरी बांट भर रही अशिक्षित बच्चों के जीवन में रंग
युवा चेतना क्लब भट्टे पर काम करने वाले परिवार के बच्चों को पढ़ाई करने के लिए स्टेशनरी बांटने का काम कर रहे है। युवा चेतना क्लब के प्रधान विपिन दहिया ने इस पहल की शुरुआत की थी। सरकार ने भट्टे पर काम करने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों को भेजना शुरू किया लेकिन उनको स्टेशनरी नहीं दी गई। जिसके बाद संस्था ने उनको कॉपी किताब समेत अन्य स्टेशनरी का सामान वितरित किया जिससे वह पढ़कर अपने जिंदगी में रंग भर सकें।
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