फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   CM made four announcements on the 400th Prakash Parv of Shri Guru Tegh Bahadur ji

श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व पर सीएम ने की चार घोषणाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2022 02:24 AM IST
विज्ञापन
CM made four announcements on the 400th Prakash Parv of Shri Guru Tegh Bahadur ji
पानीपत। 400वें प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में संगत को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल - फोटो : Panipat
पानीपत। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समागम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरु साहिब के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए चार घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि पानीपत की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित किए जा रहे समागम स्थल सेक्टर-13-17 का नाम गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा जाएगा। वहीं जिस रास्ते से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी निकाली गई, उस रास्ते का नाम भी श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग रखा जाएगा।
विज्ञापन

उन्होंने यमुनानगर में बन रहे सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की घोषणा की गई। साथ ही कहा कि तीन महीने में मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा गुरु तेग बहादुर जी ने लड़ते वक्त जिन शस्त्रों का प्रयोग किया था, उनकी प्रदर्शनी देशभर में लगाई जाएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार अपनी ओर से वाहन उपलब्ध कराएगी।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने अत्याचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज उनके 400वें प्रकाश पर्व को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत मनाया जा रहा है। इस समागम का मुख्य मकसद उनके त्याग, बलिदान एवं संघर्ष की गाथा को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों एवं महापुरुषों के विचार जन-जन तक पहुंचे, इसके लिए हरियाणा सरकार सभी संत एवं महापुरुषों की जयंती और प्रकाश पर्व मना रही है। पानीपत की धरती ऐतिहासिक रही है और यहां श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाकर एक और इतिहास रचा गया है। हरियाणा सरकार गुरु साहिब के विचारों को सहेजने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उनके चरणों में नतमस्तक होते हुए सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पानीपत वह शहर है जहां गुरुनानक देव जी दो बार आए। यहां पर पहली पातशाही गुरुद्वारा स्थापित किया। ये धरती गुरुओं की धरती रही है। गुरु तेग बहादुर जी की कुरबानी और शहादत से बड़ा उदाहरण हो नहीं सकता। उनकी शिक्षाएं प्रेरणास्त्रोत हैं, भारत की पहचान कायम रखने में गुरुओं का हमेशा से ही अहम योगदान रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed