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श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व पर सीएम ने की चार घोषणाएं
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पानीपत। 400वें प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में संगत को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल
- फोटो : Panipat
पानीपत। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समागम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरु साहिब के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए चार घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि पानीपत की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित किए जा रहे समागम स्थल सेक्टर-13-17 का नाम गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा जाएगा। वहीं जिस रास्ते से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी निकाली गई, उस रास्ते का नाम भी श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग रखा जाएगा।
उन्होंने यमुनानगर में बन रहे सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की घोषणा की गई। साथ ही कहा कि तीन महीने में मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा गुरु तेग बहादुर जी ने लड़ते वक्त जिन शस्त्रों का प्रयोग किया था, उनकी प्रदर्शनी देशभर में लगाई जाएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार अपनी ओर से वाहन उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने अत्याचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज उनके 400वें प्रकाश पर्व को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत मनाया जा रहा है। इस समागम का मुख्य मकसद उनके त्याग, बलिदान एवं संघर्ष की गाथा को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों एवं महापुरुषों के विचार जन-जन तक पहुंचे, इसके लिए हरियाणा सरकार सभी संत एवं महापुरुषों की जयंती और प्रकाश पर्व मना रही है। पानीपत की धरती ऐतिहासिक रही है और यहां श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाकर एक और इतिहास रचा गया है। हरियाणा सरकार गुरु साहिब के विचारों को सहेजने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उनके चरणों में नतमस्तक होते हुए सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पानीपत वह शहर है जहां गुरुनानक देव जी दो बार आए। यहां पर पहली पातशाही गुरुद्वारा स्थापित किया। ये धरती गुरुओं की धरती रही है। गुरु तेग बहादुर जी की कुरबानी और शहादत से बड़ा उदाहरण हो नहीं सकता। उनकी शिक्षाएं प्रेरणास्त्रोत हैं, भारत की पहचान कायम रखने में गुरुओं का हमेशा से ही अहम योगदान रहा है।
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उन्होंने यमुनानगर में बन रहे सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की घोषणा की गई। साथ ही कहा कि तीन महीने में मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा गुरु तेग बहादुर जी ने लड़ते वक्त जिन शस्त्रों का प्रयोग किया था, उनकी प्रदर्शनी देशभर में लगाई जाएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार अपनी ओर से वाहन उपलब्ध कराएगी।
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उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने अत्याचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज उनके 400वें प्रकाश पर्व को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत मनाया जा रहा है। इस समागम का मुख्य मकसद उनके त्याग, बलिदान एवं संघर्ष की गाथा को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों एवं महापुरुषों के विचार जन-जन तक पहुंचे, इसके लिए हरियाणा सरकार सभी संत एवं महापुरुषों की जयंती और प्रकाश पर्व मना रही है। पानीपत की धरती ऐतिहासिक रही है और यहां श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाकर एक और इतिहास रचा गया है। हरियाणा सरकार गुरु साहिब के विचारों को सहेजने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उनके चरणों में नतमस्तक होते हुए सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पानीपत वह शहर है जहां गुरुनानक देव जी दो बार आए। यहां पर पहली पातशाही गुरुद्वारा स्थापित किया। ये धरती गुरुओं की धरती रही है। गुरु तेग बहादुर जी की कुरबानी और शहादत से बड़ा उदाहरण हो नहीं सकता। उनकी शिक्षाएं प्रेरणास्त्रोत हैं, भारत की पहचान कायम रखने में गुरुओं का हमेशा से ही अहम योगदान रहा है।