{"_id":"6acea04036bf3c3f3d01de67","slug":"cm-arrived-at-gandhi-mandi-at-midnight-facilitated-the-completion-of-jain-munis-abhigrah-solemn-vow-panipat-news-c-244-1-pnp1001-165906-2026-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: आधी रात गांधी मंडी पहुंचे सीएम, जैन मुनि का अभिग्रह कराया पूर्ण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: आधी रात गांधी मंडी पहुंचे सीएम, जैन मुनि का अभिग्रह कराया पूर्ण
विज्ञापन
गांधी मंडी जैन स्थानक में डॉ. राजेश मुनि का अभिग्रह पूर्ण कराने के बाद आशीर्वाद लेते सीएम नायब
- फोटो : Archive
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार रात करीब 12 बजे पानीपत की गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक पहुंचे। यहां उन्होंने जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज को अपने हाथों से जल ग्रहण कराकर उनका अभिग्रह पूर्ण कराया। मुख्यमंत्री नौ अक्तूबर को सेक्टर-25 में आयोजित जैन समाज के समारोह में शामिल नहीं हो पाए थे। ऐसे में जैन मुनि ने उनके हाथों से जल ग्रहण करने का संकल्प पूरा होने तक अन्न-जल त्याग जारी रखने का निर्णय लिया था।
गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक में चातुर्मास कर रहे डॉ. राजेश मुनि महाराज ने आठ अक्तूबर को यह कठिन अभिग्रह लिया था। इसके तहत नौ अक्तूबर को सेक्टर-25 स्थित बैंक्वेट हॉल में समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। मुनि ने मुख्यमंत्री के हाथों से ही अभिग्रह पारण करने का निर्णय लिया था, लेकिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने के कारण वे समारोह में नहीं पहुंच सके।
उनकी जगह शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के नहीं पहुंचने से मुनि का संकल्प अधूरा रह गया और उन्होंने उनके आने तक अभिग्रह जारी रखने का फैसला किया।
विज्ञापन
इसके बाद जैन समाज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे विषय से अवगत कराया और गांधी मंडी आने का आग्रह किया। सोमवार रात मुख्यमंत्री पानीपत पहुंचे और जैन मुनि को अपने हाथों से जल ग्रहण कराया। इसके बाद मुनि ने जल और गोचरी (आहार) ग्रहण कर अभिग्रह पूरा किया। इस दौरान जैन समाज के विजय जैन, हेमंत जैन और शुभम जैन ने मुख्यमंत्री को पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।
27 साल की उम्र में ली थी दीक्षा
डॉ. एपी जैन ने बताया कि 52 वर्षीय डॉ. राजेश मुनि महाराज ने 27 वर्ष की आयु में दीक्षा ली थी। वे पिछले करीब 20 वर्षों में 2500 से अधिक अभिग्रह पूरे कर चुके हैं। मुनि अब तक 3500 से अधिक पेंटिंग और ड्राइंग बना चुके हैं और उनके नाम पांच विश्व रिकॉर्ड भी मिल चुके हैं।
नौ अक्तूबर को पानीपत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 20,870 लोगों से नशामुक्ति के संकल्प पत्र भरवाए थे। इसके माध्यम से समाज में नशामुक्ति का सकारात्मक संदेश दिया गया।
जैन मुनि का अभिग्रह को जानें
जैन धर्म में अभिग्रह एक विशेष और कठिन संकल्प होता है, जिसे मुनि आहार ग्रहण करने के लिए लेते हैं। इसमें वे भोजन या जल ग्रहण करने से जुड़ी कुछ विशेष शर्तें निर्धारित करते हैं।
ये शर्तें भोजन देने वाले व्यक्ति, स्थान, वस्त्र या किसी खास परिस्थिति से संबंधित हो सकती हैं। संकल्प की शर्तें गोपनीय रखी जाती हैं। गोचरी (आहार) के दौरान निर्धारित शर्तें पूरी नहीं होने पर मुनि बिना अन्न-जल ग्रहण किए लौट जाते हैं और उपवास जारी रखते हैं। शर्तें पूरी होने पर ही अभिग्रह पूर्ण माना जाता है।
विज्ञापन
पानीपत। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार रात करीब 12 बजे पानीपत की गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक पहुंचे। यहां उन्होंने जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज को अपने हाथों से जल ग्रहण कराकर उनका अभिग्रह पूर्ण कराया। मुख्यमंत्री नौ अक्तूबर को सेक्टर-25 में आयोजित जैन समाज के समारोह में शामिल नहीं हो पाए थे। ऐसे में जैन मुनि ने उनके हाथों से जल ग्रहण करने का संकल्प पूरा होने तक अन्न-जल त्याग जारी रखने का निर्णय लिया था।
गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक में चातुर्मास कर रहे डॉ. राजेश मुनि महाराज ने आठ अक्तूबर को यह कठिन अभिग्रह लिया था। इसके तहत नौ अक्तूबर को सेक्टर-25 स्थित बैंक्वेट हॉल में समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। मुनि ने मुख्यमंत्री के हाथों से ही अभिग्रह पारण करने का निर्णय लिया था, लेकिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने के कारण वे समारोह में नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन
उनकी जगह शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के नहीं पहुंचने से मुनि का संकल्प अधूरा रह गया और उन्होंने उनके आने तक अभिग्रह जारी रखने का फैसला किया।
विज्ञापन
इसके बाद जैन समाज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे विषय से अवगत कराया और गांधी मंडी आने का आग्रह किया। सोमवार रात मुख्यमंत्री पानीपत पहुंचे और जैन मुनि को अपने हाथों से जल ग्रहण कराया। इसके बाद मुनि ने जल और गोचरी (आहार) ग्रहण कर अभिग्रह पूरा किया। इस दौरान जैन समाज के विजय जैन, हेमंत जैन और शुभम जैन ने मुख्यमंत्री को पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।
27 साल की उम्र में ली थी दीक्षा
डॉ. एपी जैन ने बताया कि 52 वर्षीय डॉ. राजेश मुनि महाराज ने 27 वर्ष की आयु में दीक्षा ली थी। वे पिछले करीब 20 वर्षों में 2500 से अधिक अभिग्रह पूरे कर चुके हैं। मुनि अब तक 3500 से अधिक पेंटिंग और ड्राइंग बना चुके हैं और उनके नाम पांच विश्व रिकॉर्ड भी मिल चुके हैं।
नौ अक्तूबर को पानीपत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 20,870 लोगों से नशामुक्ति के संकल्प पत्र भरवाए थे। इसके माध्यम से समाज में नशामुक्ति का सकारात्मक संदेश दिया गया।
जैन मुनि का अभिग्रह को जानें
जैन धर्म में अभिग्रह एक विशेष और कठिन संकल्प होता है, जिसे मुनि आहार ग्रहण करने के लिए लेते हैं। इसमें वे भोजन या जल ग्रहण करने से जुड़ी कुछ विशेष शर्तें निर्धारित करते हैं।
ये शर्तें भोजन देने वाले व्यक्ति, स्थान, वस्त्र या किसी खास परिस्थिति से संबंधित हो सकती हैं। संकल्प की शर्तें गोपनीय रखी जाती हैं। गोचरी (आहार) के दौरान निर्धारित शर्तें पूरी नहीं होने पर मुनि बिना अन्न-जल ग्रहण किए लौट जाते हैं और उपवास जारी रखते हैं। शर्तें पूरी होने पर ही अभिग्रह पूर्ण माना जाता है।