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स्वच्छ सर्वेक्षण : चलाएंगे विशेष सफाई अभियान, खर्च करेंगे ढाई करोड़
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पानीपत। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए प्रशासन एक्शन में आ गया है। इसके लिए छह जून तक विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया है और ढाई करोड़ रुपये खर्च करने की योजना तैयार की है। निगम इससे पहले 3.50 करोड़ रुपये हाउस की बैठक में मंजूर करा चुका है और सफाई एजेंसियों पर हर महीने करीब 4.50 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। प्रशासन सफाई को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए टोल फ्री नंबर और ऑनलाइन प्रणाली पर शिकायतों के समाधान करेगा।
गृह सचिव सुधीर राजपाल ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 और जल जीवन मिशन 2.0 के कार्यों की समीक्षा की। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने गृह सचिव को आश्वस्त किया कि 2026 की गाइड लाइन को धरातल पर लागू किया जाएगा। उन्होंने इसके बाद स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उपायुक्त ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 के तहत अब कचरा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह वैज्ञानिक और डिजिटल प्रणाली से कर रही है। इस प्रबंधन नियम के तहत एफआईआर दर्ज करने का अधिकार भी दिया गया है। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने डीएमसी को निर्देश दिए कि ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की निगरानी बढ़ाई जाएं और अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर निरीक्षण करें। उपायुक्त ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं भी गंदगी दिखाई नहीं देनी चाहिए। स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए छह जून तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएं और कचरे की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
संबंधित विभाग नोडल अधिकारी को पांच जून तक संबंधित सचिव को ऑनलाइन पोर्टल पर विस्तृत रिपोर्ट अपलोड करनी है। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज, डीडीपीओ राजेश शर्मा व डीएमसी अरुण भार्गव मौजूद रहे। संवाद
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आवासीय सोसाइटी और बड़े संस्थान ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत
गीले कचरे का निस्तारण खाद निर्माण और बायो-मीथनेशन के माध्यम से किया जाएगा। सूखे कचरे को सामग्री पुनप्राप्ति केंद्रों में भेजा जाएगा। सैनेटरी कचरे को सुरक्षित तरीके से अलग रखा जाएगा। कचरा उत्पादकों की पहचान और जियो टैगिंग करने के भी निर्देश दिए। बड़े संस्थान, सरकारी भवन, विश्वविद्यालय और बड़ी आवासीय सोसायटी को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। लंबित टेंडरों की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाई जाएं। संवाद
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गृह सचिव सुधीर राजपाल ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 और जल जीवन मिशन 2.0 के कार्यों की समीक्षा की। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने गृह सचिव को आश्वस्त किया कि 2026 की गाइड लाइन को धरातल पर लागू किया जाएगा। उन्होंने इसके बाद स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उपायुक्त ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 के तहत अब कचरा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह वैज्ञानिक और डिजिटल प्रणाली से कर रही है। इस प्रबंधन नियम के तहत एफआईआर दर्ज करने का अधिकार भी दिया गया है। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने डीएमसी को निर्देश दिए कि ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की निगरानी बढ़ाई जाएं और अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर निरीक्षण करें। उपायुक्त ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं भी गंदगी दिखाई नहीं देनी चाहिए। स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए छह जून तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएं और कचरे की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
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संबंधित विभाग नोडल अधिकारी को पांच जून तक संबंधित सचिव को ऑनलाइन पोर्टल पर विस्तृत रिपोर्ट अपलोड करनी है। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज, डीडीपीओ राजेश शर्मा व डीएमसी अरुण भार्गव मौजूद रहे। संवाद
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गीले कचरे का निस्तारण खाद निर्माण और बायो-मीथनेशन के माध्यम से किया जाएगा। सूखे कचरे को सामग्री पुनप्राप्ति केंद्रों में भेजा जाएगा। सैनेटरी कचरे को सुरक्षित तरीके से अलग रखा जाएगा। कचरा उत्पादकों की पहचान और जियो टैगिंग करने के भी निर्देश दिए। बड़े संस्थान, सरकारी भवन, विश्वविद्यालय और बड़ी आवासीय सोसायटी को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। लंबित टेंडरों की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाई जाएं। संवाद