फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   chines market capture panipat market

पानीपत के बाजार पर चाइनीज माल का कब्जा

Sat, 21 Nov 2015 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत Updated Sat, 21 Nov 2015 12:37 AM IST
विज्ञापन
chines market capture panipat market
टेक्सटाइल नगरी पर चाइनीज माल का कब्जा होता जा रहा है। वहीं पानीपत का लोकल मार्केट दिनोंदिन डाउन हो रहा है।
विज्ञापन


इसका मुख्य कारण बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के साथ रॉ मेटिरियल नहीं मिलना है। उद्यमी इन समस्याओं को लेकर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।


हैंडलूम से पावरलूम में बदली पानीपत की इंडस्ट्री के उत्पादाें की बात करें तो चदर, दरी व पर्दे समेत अन्य सामान तैयार होते हैं। इसका लोकल बाजार होने के साथ एक्सपोर्ट भी है। इस सबके बाद भी यह उद्योग समस्याआें से घिरा है।
विज्ञापन


बिजली: बिजली की समस्या उद्योग पर सबसे भारी पड़ रही है। उद्योगों को मिलने वाली बिजली के रेट महंगे होने के चलते दूसरे चार्ज लगने शुरू हो गए हैं।

उद्यमियों को महंगी बिजली लेने के बाद भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाती। जिसके चलते उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है।

समाधान: स्थानीय उद्योग को थर्मल पावर प्लांट का कुछ फायदा मिलना चाहिए। पानीपत के उद्योग को चौबीस घंटे बिजली देनी चाहिए। ऐसा भी नहीं हो पाता है तो कम से कम 12 घंटे बिना कट बिजली सप्लाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


रॉ मेटिरियल: पानीपत की हैंडलूम इंडस्ट्री को रॉ मेटिरियल नहीं मिल पाता। रॉ मेटिरियल पर पांच प्रतिशत वैट व पांच प्रतिशत सरचार्ज लगता है।

रॉ मेटिरियल महंगा होने से कोई भी उत्पाद महंगा हो जाता है। ऐसे में चाइना के उत्पादन को टक्कर देना मुश्किल हो जाता है।

समाधान: सरकार को रॉ मेटिरियल की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा वैट व सरचार्ज में कुछ छूट देने की जरूरत है। इससे कुछ हद तक चाइना के उत्पादन को टक्कर दी जा सकती है।

ऐसे दे रहे हैं मात
चाइना का माल लोकल बाजार को लुक के अलावा इंपार्ट के तरीकों में भी मात दे रहे हैं। इंडिया में कपड़े पर इंपार्ट डयूटी है और रोल लेकर आने में बरामर का खर्च होता है।

जबकि रजाई कवर पर कम हैं। चाइना के माल की तीन तरफ से कच्ची सिलाई कर रजाई के रूप में इंपोर्ट कर दिया जाता है। यहां पर लॉकल उद्यमी उन कच्ची सिलाइयों को उधेड़कर तीन पीस में चदर तैयार कर लेते हैं। ऐसे में उनको उसी रेट में तीन चदर पड़ जाती हैं और वे इस रेट में एक चदर दे पाते हैं।

पानीपत की इंडस्ट्री को एक नहीं कई समस्याओं ने घेरा हुआ है। यहां पर बिजली नहीं मिल पाती और न ही रॉ मेटिरियल मिल पाता है। इसके ऊपर चाइना की थ्री डी बाजार को लगातार प्रभावित कर रही है। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए चाइन के माल पर रोक लगाने के साथ टेक्स कम होना चाहिए। सरकार से कुछ सुविधा मिलने के बाद इंडस्ट्री को कुछ सहारा मिल सकता है। ऐसा ही रहा तो पानीपत का उद्योग बंद हो जाएगा।
प्रेम बजाज, उद्यमी।

पानीपत में इंपोर्ट डयूटी महंगी है। उद्यमियों को रॉ मेटिरियल पर्याप्त व समय पर नहीं मिल पाता। यह सबसे बड़ी समस्या है। इसके आगे चाइना का माल आने से उद्योग को तगड़ा झटका लग रहा है। चाइना माल सस्ता है और लोग सस्ते के चक्कर में आसानी से खरीद रहे हैं। जिसके चलते उनके माल को खरीदार नहीं मिल पाता। वे अपनी मांगों को लेकर सरकार को कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याएं आज भी ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
राकेश चुघ, उद्यमी।

लोकल माल की प्रॉडेक्शन वहीं है, लेकिन बाजार में इतनी डिमांड नहीं हैं। उद्योगों को रॉ मेटिरियल उचित रेट में नहीं मिल पाता। उनके सामने लेबर की भी बड़ी समस्या है। लेबर के रेट महंगे हैं और इतना रेट देने के बाद भी क्वालिटी नहीं मिल पाती। बि जली की बड़ी समस्या है और लॉकल स्तर की समस्याओं को सरकार द्वारा समाधान किया जाना चाहिए। इसको लेकर सरकार को कुछ कदम उठाने की जरूरत है।
अश्चिनी शर्मा, उद्यमी।

इंडस्ट्री एक नहीं कई समस्याओं से घिरी हुई हैं। सरकार का समस्याओं के समाधान की तरफ कोई ध्यान नहीं हैं। ऐसे में मुश्किलें कम होने की बजाय लगातार बढ़ रही हैं। पानीपत की इंडस्ट्री को बिजली नहीं मिल पाती। उद्यमियों को कम मशीन चलाने के लिए जनरेटरों का सहारा लेना पड़ता है। इन परिस्थितियों में कोई भी उत्पाद महंगा पड़ता है और वे यहां पर आकर चाइना से मात खा जाते हैं। चाइना से मुकाबला करने के लिए उद्योगों को संजीवनी देनी होगी।
अनिल बरेजा। उद्यमी।


पानीपत में चाइना का माल लगातार आ रहा है। चाइना के सामान की कीमत काफी कम होती है, लेकिन वे यहां के लॉकल बाजार में भी वो दाम नहीं दे सकते। इससे लॉकल माल की मांग घटी है। बिजली, पानी व अन्य सुविधा न मिलने पर काफी यूनिट बंद हो गई हैं और काफी बंद होने के कगार पर हैं। उद्योगों को मजबूती देने के लिए सरकार को कुछ फैसले लेने होंगे। इसके बिना उद्योग नहीं चल सकता।

आरबी गुप्ता, उद्यमी।

पानीपत के उद्योग को टैक्स व बिजली समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते लॉकल बाजार उठ नहीं पा रहा। इंडस्ट्री की समस्याओं के समाधान की तरफ कोई ध्यान नहीं देता और ऐसे में बाजार लगातार ठप होता जा रहा है। वे लोकल के साथ बाहर भी माल नहीं भेज पाते।
वेद सेठी। उद्यमी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed