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खनन विभाग का मुख्य लेखाकार रिश्वत लेते काबू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 01:39 AM IST
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Chief accountant of mining department caught taking bribe
पानीपत। विजिलेंस विभाग की गिरफ्त में खनन विभाग के कर्मी दीपक जोशी। - फोटो : Panipat
पानीपत। विजिलेंस टीम ने बुधवार को खनन विभाग के मुख्य लेखाकार को पचास हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस को इसकी शिकायत काबड़ी रोड के रेत और मिट्टी का काम करने वाले ठेकेदार फूल कुमार ने की थी। शिकायत पर विजिलेंस ने टीम गठित की और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ मौके पर शिकायतकर्ता को बुलाकर छापामारी की। इस दौरान मुख्य लेखाकार को मौके से रिश्वत के रुपयों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
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ठेकेदार का आरोप था कि अधिकारी उनसे परमिट देने और उनकी गाड़ियों को छुड़वाने के लिए अक्सर रुपयों की मांग कर रहा था। इसके लिए उस पर कई बार दबाव भी बनवाया गया। पैसे न देने की एवज में उसकी गाड़ियों को इंपाउंड तक करवा दिया जाता था।
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यूं चलता था खनन का काला बाजार-
काबड़ी रोड निवासी फूल कुमार ने बताया कि उसका रेत और मिट्टी बिक्री का काम है। इसमें उसके कई वाहन चलते हैं, जिसमें से कुछ डंपर भी हैं। इस काम के लिए उसने खनन विभाग में परमिट हेतु आवेदन किया था। मुख्य लेखाकर दीपक जोशी जानबूझकर उसके परमिट के काम को लेट कर रहा था। इसकी एवज में वह उससे रुपयों की मांग कर रहा था। जिसकी शिकायत उन्होंने विजिलेंस पानीपत के डीएसपी नरेंद्र कुमार को दी।
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डीएसपी विजिलेंस ने टीम तैयार कर डीसी पानीपत से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की। जिस पर समाज कल्याण अधिकारी रविंद्र हुड्डा को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। टीम ने सुनियोजित तरीके से ठेकेदार को मुख्य लेखाकार के पास भेजा। जैसे ही ठेकेदार ने मुख्य लेखाकार दीपक जोशी के रुपये दिए तुंरत ही विजिलेंस ने मुख्य लेखाकार को गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता फूल कुमार ने बताया कि आरोपी मुख्य लेखाकार दीपक जोशी पहले उनके डंपर को पुलिस या आरटीए से पकड़वाता था। गाड़ियों को पकड़वाने के बाद इनको छुड़वाने के अलग से रुपये लेता था। ये काम काफी समय से चल रहा था। जिससे सभी ठेकेदार परेशान थे।
रुपये न देते तो रोक देता काम
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें मजबूरी में मुख्य लेखाकार को रिश्वत के रुपये देने पड़ते थे। अगर वे उसे रुपये न देते तो वह उनका काम रोक देता। परमिट जारी नहीं होने देता था। जिससे उनका काम बंद हो जाता था। रुपये देने के बाद ही परमिट दिए जाते थे।

पचास हजार की रिश्वत के साथ किया गिरफ्तार- डीएसपी
खनन विभाग के मुख्य लेखाकार दीपक जोशी को पचास हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इसकी एक शिकायत मिली थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए मुख्य लेखाकार को रुपयों समेत पकड़ा है। मुख्य लेखाकार पर परमिट न देने और गाड़ियों को पकड़वाने और उनको छुड़वाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया गया था। जिस पर विजिलेंस एक्ट के अनुसार कार्रवाई की गई आगे भी नियमानुुुसार कार्रवाई की जाएगी।
- नरेंद्र कुमार, डीएसपी, विजिलेंस, पानीपत।
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