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उद्यमी की मौत पर तीन ईटीओ , दो इंस्पेक्टर समेत सात पर केस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 01:54 AM IST
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Case on seven including three ETOs, two inspectors on the death of entrepreneur
पानीपत। एक उद्यमी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और फर्जी फर्मों के नाम पर बिल काटकर जीएसटी घोटाला करने के आरोप में सेल्स टैक्स विभाग के तीन ईटीओ, दो इंस्पेक्टर, एक क्लर्क एवं एक चपरासी पर केस दर्ज किया गया। इसके साथ ही छह फर्म भी जांच के दायरे में, जिन्हें फर्जी माना जा रहा है। उद्यमी की पत्नी की ओर से आईजी करनाल के कार्यालय में शिकायत किए जाने के बाद एसपी के आदेश पर यह केस दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक मृतक उद्यमी की फर्म के नाम पर सात करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला किया गया है।
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ॉसमलखा के गांव मनाना निवासी उद्यमी बलराम सिंह (मृतक) की पत्नी टीना रानी की शिकायत पर ईटीओ प्रवीण कुमार, तत्कालीन ईटीओ पूजा गोयत, ईटीओ शोभिनी बाला, इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार, इंस्पेक्टर कुलदीप रोहिला, क्लर्क अजय कुमार, चरसारी मगनेश कुमार, पवन कुमार सैनी मालिक मां जगदंबा इंटरप्राइजेज, सतनारायण श्री बालाजी फाइबर वर्क्स के सतनारायण, अरविंद्र कारपेट, जय भारत ट्रेडिंग, श्री हनुमान इंटरप्राइजेज और एपल इंटरप्राइजेज के नाम केस दर्ज किया गया है।
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पुलिस को दी शिकायत में कहा गया है कि उद्यमी बलराम सिंह ने वर्ष 2009 में वकील पवन सैनी के एयरो इंटरप्राइजेस फर्म का पंजीकरण कराया। जिसमें उनकी साझेदार पत्नी टीना रानी भी थीं। दो साल इस फर्म को चलाया और फिर इसे बंद कर दिया। पवन सैनी से इसका पंजीकरण रद्द कराने के लिए कह दिया। पीड़िता का आरोप है कि पवन सैनी ने उनकी फर्म बंद नहीं कराया। वर्ष 2017 में वैट खत्म हुआ और जीएसटी लागू हो गया। जिसपर आधार कार्ड, पैन कार्ड, ईमेल आईडी और कंपनी मालिक के हस्ताक्षर का सत्यापन पवन सैनी ने ईटीओ एवं इंस्पेक्टर के साथ मिलकर करा लिया। यानि फार्म को चालू रखा और जीएसटी चोरी करने के लिए फर्जी फर्मों के फर्जी बिलों पर खरीद फरोख्त की। इतना ही जीटीएस रिटर्न भी पवन सैनी फाइल करता रहा। डीएसपी वीरेंद्र सिंह कहना है कि धारा 420,467,468,471,120 बी के तहत केस दर्ज कर आरोपों की जांच की जा रही है।
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उधर, टीना रानी का आरोप है कि 14 सितंबर 2020 को उन्हें टैक्स के संबंध में डिमांड नोटिस मिला था। जिस पर 16 जनवरी 2020 की तिथि थी। जिस पर पति ने अपने सगे भाई सतपाल सिंह के जरिए फार्म की बिलिंग, चेक नंबर, मोबाइल नंबर, खरीद फरोख्त के दस्तावेज ईटीओ कार्यालय में लिए, लेकिन उनकी जांच नहीं की गई है। पति को प्रताड़ित किया गया। आरटीआई का भी जवाब नहीं दिया। वसूली वारेंट जारी कर दिया गया। कहा गया कि रकम भर दो वरना संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी। सिक्योरिटी बांड भी स्वीकार नहीं किया गया। जिससे पति अवसाद में आ गए और आरोपियों की ओर से दी गई पीड़ा और क्रूरता की वजह से 27 अप्रैल 2021 की रात 12 बजे उनकी मौत हो गई।
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