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Panipat News: जब तक नमूनों की जांच रिपोर्ट आई, तब तक बिक चुकी थी मिठाई
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पानीपत। होली के मद्देनजर मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा फिर तेज हो गया है। अमूमन त्योहारी सीजन में ऐसा होता है। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग इनके नमूने भी लेता है, लेकिन रिपोर्ट आने तक मिठाई बिक चुकी होती है। मसलन, नमूने लेने के बाद भी मिलावटी मिठाई लोगों की सेहत बिगाड़ चुकी होती है। ऐसा हम नहीं बल्कि विभाग के सैंपल और उसके बाद उनकी रिपोर्ट आने की स्थिति बयां कर रही है। अब होली से पहले भी विभाग की टीम ने इक्का-दुक्का सैंपल लिए हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
आठ मार्च को होली है। इस त्योहार में मिठाई और खोवा-मावा आदि की मांग बढ़ जाती है। कुछ दुकानदारों ने मिलावटी मिठाई बनाने का खेल फिर शुरू कर दिया है। दूध और पनीर में मिलावट की जा रही है। अब तक विभाग ने टीम गठित नहीं की है। ऐसे दुकानदार मिलावटी मिठाइयां बाजार में लगातार बेच रहे हैं। हालांकि जनवरी और फरवरी में विभाग ने 20 नमून लिए, जिन्हें जांच के लिए करनाल प्रयोगशाला में भेजा गया है। इनमें से अब तक किसी की रिपोर्ट नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि वह होली पर्व नजदीक आने पर नमूने लेने में तेजी जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिवाली पर जिले में 84 सैंपल मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए थे। इनमें से 19 नमूने फेल मिले। 19 में से एक नमूने को दोबारा जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन वह फिर फेल हो गया। इन दुकानदारों के खिलाफ विभाग ने कोर्ट में केस दायर कर दिया। जानकारों की मानें तो इन नमूनों की रिपोर्ट त्योहारी सीजन के बाद आई। ऐसे में मिठाई की तब तक बिक्री हो चुकी थी।
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भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के निर्देशानुसार मिठाई विक्रेताओं को मिठाई की वैधता तिथि अंकित करना जरूरी है। अधिकतर दुकानों पर मिठाई की वैधता तिथि निर्धारित नहीं होती। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से मिलावट करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। निमयानुसार नमूना फेल होने पर कोर्ट एक से 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगा सकता है। वहीं सैंपल असुरक्षित मिलने पर सजा व जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने वर्ष 2022 में अप्रैल से दिसंबर तक 210 नमूने लिए गए थे। इनमें से 44 नमूने फेल हो गए। इन सभी के खिलाफ विभाग ने कोर्ट में केस दायर किया है। कोर्ट के आदेश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
लैब से 15-20 दिन में सैंपल की रिपोर्ट आ जाती है। इनके फेल होने पर संंबंधित दुकानदार के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया गया है। होली को लेकर अब तक कोई टीम गठित नहीं की गई है, लेकिन उनकी टीम लगातार सैंपल ले रही है।
- डॉ. जोगिंद्र सिंह, एफएसओ, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग पानीपत।
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आठ मार्च को होली है। इस त्योहार में मिठाई और खोवा-मावा आदि की मांग बढ़ जाती है। कुछ दुकानदारों ने मिलावटी मिठाई बनाने का खेल फिर शुरू कर दिया है। दूध और पनीर में मिलावट की जा रही है। अब तक विभाग ने टीम गठित नहीं की है। ऐसे दुकानदार मिलावटी मिठाइयां बाजार में लगातार बेच रहे हैं। हालांकि जनवरी और फरवरी में विभाग ने 20 नमून लिए, जिन्हें जांच के लिए करनाल प्रयोगशाला में भेजा गया है। इनमें से अब तक किसी की रिपोर्ट नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि वह होली पर्व नजदीक आने पर नमूने लेने में तेजी जाएंगे।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिवाली पर जिले में 84 सैंपल मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए थे। इनमें से 19 नमूने फेल मिले। 19 में से एक नमूने को दोबारा जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन वह फिर फेल हो गया। इन दुकानदारों के खिलाफ विभाग ने कोर्ट में केस दायर कर दिया। जानकारों की मानें तो इन नमूनों की रिपोर्ट त्योहारी सीजन के बाद आई। ऐसे में मिठाई की तब तक बिक्री हो चुकी थी।
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भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के निर्देशानुसार मिठाई विक्रेताओं को मिठाई की वैधता तिथि अंकित करना जरूरी है। अधिकतर दुकानों पर मिठाई की वैधता तिथि निर्धारित नहीं होती। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से मिलावट करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। निमयानुसार नमूना फेल होने पर कोर्ट एक से 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगा सकता है। वहीं सैंपल असुरक्षित मिलने पर सजा व जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने वर्ष 2022 में अप्रैल से दिसंबर तक 210 नमूने लिए गए थे। इनमें से 44 नमूने फेल हो गए। इन सभी के खिलाफ विभाग ने कोर्ट में केस दायर किया है। कोर्ट के आदेश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
लैब से 15-20 दिन में सैंपल की रिपोर्ट आ जाती है। इनके फेल होने पर संंबंधित दुकानदार के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया गया है। होली को लेकर अब तक कोई टीम गठित नहीं की गई है, लेकिन उनकी टीम लगातार सैंपल ले रही है।
- डॉ. जोगिंद्र सिंह, एफएसओ, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग पानीपत।