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Panipat News: चुलकाना में सगे भाई-बहन को मिली नौकरी
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स्वीटी सांगवान
पानीपत। जिला के युवाओं की एचएसएससी की ग्रुप सी और डी की नौकरी में चयन होने के बाद खुशी का ठिकाना नहीं है। बिना खर्ची और पर्ची के नौकरी पाने वाले युवाओं ने ईमानदारी के साथ काम करने का गांठ भी बांध ली है। युवाओं का कहना है कि वे योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएंगे और इनका लाभ पाने में उनका हर संभव सहयोग भी करेंगे। इन्हीं समालखा खंड के एक किसान के दो बच्चों का चयन एक ही सूची में हुआ है। दोनों भाई-बहनों के साथ परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है।
चुलकाना गांव निवासी भारती का चयन ग्राम सचिव के पद पर हुआ है। भारती ने बताया कि उसके पिता अशोक खेतीबाड़ी करते हैं और उनकी मां उषा गृहिणी हैं। वे तीन भाई-बहन हैं। वह सबसे छोटी हैं। उनके दो बड़े भाई हैं। बड़े भाई 2017 से हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं व उनके छोटे भाई तेजपाल का अब क्लर्क के लिए चयन हुआ है। भारती ने बताया कि उसका पहले ग्रुप-डी में चयन हुआ था। वह ईमानदारी के साथ सरकार की योजनाओं को धरातल पर लेकर आएंगी।
कोट्स
तामसाबाद के दीपांशु का चयन हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर हुआ है। दीपांशु ने बताया कि उनके पिता दिलावर एक वर्कशाॅप में काम करते हैं। वहीं उनकी मां शीशबाला गृहिणी हैं। वे दो बहन-भाई हैं। उनकी बहन की शादी हो चुकी है। उसका हरियाणा पुलिस में सिपाही चयन होने पर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। वह ईमानदारी के साथ काम करेंगे।
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कोट्स
बांध गांव निवासी साहिल का चयन हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर हुआ है। साहिल के बताया कि उनके पिता धर्मबीर चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं और उनकी मां गृहिणी हैं। वे तीन भाई -बहन हैं। एक भाई सरकारी डाॅक्टर हैं और बहन की शादी हो चुकी है। उनका बिना पर्ची-खर्ची सरकारी नौकरी में चयन हुआ है।
कोट्स
कुटानी गांव निवासी शिवानी मलिक का चयन पटवारी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके पिता प्रदीप मलिक किसान और मां सुमन गृहिणी हैं। उसके भाई अक्षय बीसीए की पढ़ाई कर रहे हैं। वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी। उसको इस बार पटवारी के पद पर चयन का पूरा विश्वास था। इस बीच विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से उसकी चिंता बढ़ गई थी। अब सूची में उनका नाम आने पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा है।
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पानीपत। जिला के युवाओं की एचएसएससी की ग्रुप सी और डी की नौकरी में चयन होने के बाद खुशी का ठिकाना नहीं है। बिना खर्ची और पर्ची के नौकरी पाने वाले युवाओं ने ईमानदारी के साथ काम करने का गांठ भी बांध ली है। युवाओं का कहना है कि वे योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएंगे और इनका लाभ पाने में उनका हर संभव सहयोग भी करेंगे। इन्हीं समालखा खंड के एक किसान के दो बच्चों का चयन एक ही सूची में हुआ है। दोनों भाई-बहनों के साथ परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है।
चुलकाना गांव निवासी भारती का चयन ग्राम सचिव के पद पर हुआ है। भारती ने बताया कि उसके पिता अशोक खेतीबाड़ी करते हैं और उनकी मां उषा गृहिणी हैं। वे तीन भाई-बहन हैं। वह सबसे छोटी हैं। उनके दो बड़े भाई हैं। बड़े भाई 2017 से हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं व उनके छोटे भाई तेजपाल का अब क्लर्क के लिए चयन हुआ है। भारती ने बताया कि उसका पहले ग्रुप-डी में चयन हुआ था। वह ईमानदारी के साथ सरकार की योजनाओं को धरातल पर लेकर आएंगी।
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तामसाबाद के दीपांशु का चयन हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर हुआ है। दीपांशु ने बताया कि उनके पिता दिलावर एक वर्कशाॅप में काम करते हैं। वहीं उनकी मां शीशबाला गृहिणी हैं। वे दो बहन-भाई हैं। उनकी बहन की शादी हो चुकी है। उसका हरियाणा पुलिस में सिपाही चयन होने पर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। वह ईमानदारी के साथ काम करेंगे।
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बांध गांव निवासी साहिल का चयन हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर हुआ है। साहिल के बताया कि उनके पिता धर्मबीर चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं और उनकी मां गृहिणी हैं। वे तीन भाई -बहन हैं। एक भाई सरकारी डाॅक्टर हैं और बहन की शादी हो चुकी है। उनका बिना पर्ची-खर्ची सरकारी नौकरी में चयन हुआ है।
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कुटानी गांव निवासी शिवानी मलिक का चयन पटवारी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके पिता प्रदीप मलिक किसान और मां सुमन गृहिणी हैं। उसके भाई अक्षय बीसीए की पढ़ाई कर रहे हैं। वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी। उसको इस बार पटवारी के पद पर चयन का पूरा विश्वास था। इस बीच विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से उसकी चिंता बढ़ गई थी। अब सूची में उनका नाम आने पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा है।