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Panipat News: नाटक से उजागर किया भ्रष्टाचार का कड़वा सच
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संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। शाहजहां आज के समय में ताजमहल बनवाने की सोचते तो कम से कम 25 साल तक इसका टेंडर निकलवाने में लग जाते। इसके बाद काम शुरू होता। सौ साल से ज्यादा का वक्त ताजमहल बनने में लगता। अरबों का भ्रष्टाचार अलग होता। सरकारी सिस्टम में भ्रष्टाचार के इसी कड़वे सच को उजागर करता है ताजमहल का टेंडर नाटक। इस नाटक का मंचन पाइट में चलो थियेटर उत्सव के पांचवें दिन कलाकारों ने किया। आकाशवाणी के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अजय शुक्ला ने इस नाटक का निर्देशन किया।
रास कला मंच सफीदों की ओर से इसका आयोजन किया जा रहा है। बादशाह शाहजहां पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर गुप्ताजी को बुलाकर उन्हें अपनी बीवी मुमताज के लिए यादगार इमारत बनवाने के अपने ख्वाब के बारे में बताते हैं। काफी सोच विचार के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि मुमताज की याद में मकबरा बनवाएंगे। जिसका नाम होगा ताजमहल। बेहद चालाक और भ्रष्ट अधिकारी गुप्ता जी शाहजहां को अपने जाल और लालफीताशाही की ऐसी भूल भूलैया में फंसा लेते हैं कि शाहजहां की ताजमहल की अर्जी के अनुमोदन में ही अफसरशाही 25 साल लगा देती है। तब कहीं जाकर ताजमहल के निर्माण का टेंडर निकाला जाता है। अनेक हास्य-व्यंग्य से भरे इस नाटक में भ्रष्टाचार की कड़ियों को उजागर किया जाता है।
निर्यातकों, चिकित्सकों ने देखा थियेटर
यंग एंटरप्रन्योर सोसाइटी (यस) से जुड़े टेक्सटाइल निर्यातकों एवं चिकित्सकों ने भी ताजमहल का टेंडर नाटक देखा। यस के चेयरमैन रमन छाबड़ा ने कहा कि थियेटर लाइव प्रस्तुत होता है। ताजमहल का टेंडर नाटक में सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया गया है। नाटक हमें जिंदगी की सच्चाई से रूबरू कराते हैं। पाइट के वाइस चेयरमैन राकेश तायल ने बताया कि सोमवार 18 नवंबर को मुंशी प्रेमचंद लिखित कहानी पर नाटक का मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर चेयरमैन हरिओम तायल, सचिव सुरेश तायल, बोर्ड सदस्य शुभम तायल व डीन डॉ. बीबी शर्मा मौजूद रहे।
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समालखा। शाहजहां आज के समय में ताजमहल बनवाने की सोचते तो कम से कम 25 साल तक इसका टेंडर निकलवाने में लग जाते। इसके बाद काम शुरू होता। सौ साल से ज्यादा का वक्त ताजमहल बनने में लगता। अरबों का भ्रष्टाचार अलग होता। सरकारी सिस्टम में भ्रष्टाचार के इसी कड़वे सच को उजागर करता है ताजमहल का टेंडर नाटक। इस नाटक का मंचन पाइट में चलो थियेटर उत्सव के पांचवें दिन कलाकारों ने किया। आकाशवाणी के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अजय शुक्ला ने इस नाटक का निर्देशन किया।
रास कला मंच सफीदों की ओर से इसका आयोजन किया जा रहा है। बादशाह शाहजहां पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर गुप्ताजी को बुलाकर उन्हें अपनी बीवी मुमताज के लिए यादगार इमारत बनवाने के अपने ख्वाब के बारे में बताते हैं। काफी सोच विचार के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि मुमताज की याद में मकबरा बनवाएंगे। जिसका नाम होगा ताजमहल। बेहद चालाक और भ्रष्ट अधिकारी गुप्ता जी शाहजहां को अपने जाल और लालफीताशाही की ऐसी भूल भूलैया में फंसा लेते हैं कि शाहजहां की ताजमहल की अर्जी के अनुमोदन में ही अफसरशाही 25 साल लगा देती है। तब कहीं जाकर ताजमहल के निर्माण का टेंडर निकाला जाता है। अनेक हास्य-व्यंग्य से भरे इस नाटक में भ्रष्टाचार की कड़ियों को उजागर किया जाता है।
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निर्यातकों, चिकित्सकों ने देखा थियेटर
यंग एंटरप्रन्योर सोसाइटी (यस) से जुड़े टेक्सटाइल निर्यातकों एवं चिकित्सकों ने भी ताजमहल का टेंडर नाटक देखा। यस के चेयरमैन रमन छाबड़ा ने कहा कि थियेटर लाइव प्रस्तुत होता है। ताजमहल का टेंडर नाटक में सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया गया है। नाटक हमें जिंदगी की सच्चाई से रूबरू कराते हैं। पाइट के वाइस चेयरमैन राकेश तायल ने बताया कि सोमवार 18 नवंबर को मुंशी प्रेमचंद लिखित कहानी पर नाटक का मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर चेयरमैन हरिओम तायल, सचिव सुरेश तायल, बोर्ड सदस्य शुभम तायल व डीन डॉ. बीबी शर्मा मौजूद रहे।
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