{"_id":"5827258d4f1c1b067fb3ba35","slug":"bhakiyu-farmers-panipat-haryana-punjab-syl","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी नहीं दिया तो पंजाब की गाड़ियों की हरियाणा में नो-एंट्री: भाकियू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी नहीं दिया तो पंजाब की गाड़ियों की हरियाणा में नो-एंट्री: भाकियू
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sat, 12 Nov 2016 10:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन द्वारा कार्यकारिणी की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी हरियाणा को पानी देने में इनकार करने पर रोष व्यक्त किया है। यूनियन ने सरकार का हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिया है। यूनियन ने चेताया कि अगर पंजाब हरियाणा को पानी देने में रोड़ा डालता है तो यूनियन पंजाब नंबर की गाड़ियों की हरियाणा में एंट्री बंद कर देगी। वहीं दिल्ली का पानी भी रोक दिया जाएगा।
शनिवार को असंध रोड नजदीक किसान भवन में भाकियू की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान जयकरण कादियान व उपप्रधान बिंटू मलिक ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है। सरकार को चाहिए की सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी पंजाब पानी देने से मना कर रहा है तो सख्त कदम उठाए। उन्होंने कहा कि जब झेलम नदी से पाकिस्तान को पानी दिया जा रहा है तो हरियाणा को पंजाब किस आधार पर मना कर रहा है। हरियाणा पंजाब का भाईचारा तो सभी प्रदेशों चर्चे है। वहीं पानी किसान की जीवन रेखा है।
चेताया कि अगर समय रहते पंजाब ने अपना निर्णय नहीं बदला तो हरियाणा में पंजाब के हर वाहन नो-एंट्री कर दी जाएगी। किसान यूनियन किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इस मौके पर दीपचंद देशवाल, जयसिंह, चांद, हुकम सिंह, भीम सिंह व ओमप्रकाश मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को असंध रोड नजदीक किसान भवन में भाकियू की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान जयकरण कादियान व उपप्रधान बिंटू मलिक ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है। सरकार को चाहिए की सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी पंजाब पानी देने से मना कर रहा है तो सख्त कदम उठाए। उन्होंने कहा कि जब झेलम नदी से पाकिस्तान को पानी दिया जा रहा है तो हरियाणा को पंजाब किस आधार पर मना कर रहा है। हरियाणा पंजाब का भाईचारा तो सभी प्रदेशों चर्चे है। वहीं पानी किसान की जीवन रेखा है।
विज्ञापन
चेताया कि अगर समय रहते पंजाब ने अपना निर्णय नहीं बदला तो हरियाणा में पंजाब के हर वाहन नो-एंट्री कर दी जाएगी। किसान यूनियन किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इस मौके पर दीपचंद देशवाल, जयसिंह, चांद, हुकम सिंह, भीम सिंह व ओमप्रकाश मौजूद रहे।
विज्ञापन