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Panipat News: खाता खोलने वाले बैंक अधिकारी और कर्मचारी जांच में होंगे शामिल
Fri, 19 Sep 2025 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 19 Sep 2025 02:09 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। फल कारोबार के लिए खुले बैंक खाते का साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के बाद पुलिस अब इस जांच में जुट गई है कि बैंक खाता किन परिस्थितियों में, कैसे और किसके माध्यम से खुला था। इसके लिए पुलिस की ओर से बैंक शाखा के अधिकारी और कर्मचारियों को भी जांच में शामिल किया जाएगा। डीजीपी के निर्देश पर दर्ज हुए केस में करनाल के साइबर थाना पुलिस की टीम जांच में जुट गई है। इधर, खाताधारक का सुराग नहीं लगा है। पुलिस की टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
करनाल में कोटक महिंद्रा बैंक की एक शाखा में नवंबर 2024 में करंट खाता फल-सब्जी के व्यापार के नाम पर खोला गया था। जिसका सालाना टर्न ओवर 20 लाख रुपये दर्शाया गया था लेकिन इस बैंक खाते में मई 2025 तक महज छह माह में 5.70 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। करनाल के साइबर थाना में पुलिस ने आरोपी पुलकित भारद्वाज सहित अन्यों पर केस दर्ज किया है।
साइबर थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस अब लेन-देन की पूरी डिटेल खंगाल रही है और यह जांच भी चल रही है कि इतने बड़े स्तर पर पैसों की हेराफेरी किन-किन खातों में पहुंचाई गई। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस महानिरीक्षक, साइबर हरियाणा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने 16 सितंबर को कोटक महिंद्रा बैंक की करनाल शाखा की जांच की। यहां संत नगर निवासी पुलकित भारद्वाज के बैंक खाते में ज्यादा लेन देन पाया गया।
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बैंक खाते में मिले महज 3377 रुपये
बैंक खाता खोलते समय आरोपी ने फल-सब्जी व्यापार का हवाला देते हुए वार्षिक टर्नओवर 20 लाख रुपये दिखाई लेकिन नवंबर 2024 से मई 2025 के बीच इस खाते से 5 करोड़ 70 लाख 48 हजार 200 रुपये जमा और 5 करोड़ 70 लाख 44 हजार 822 रुपये की निकासी हुई। खाते में वर्तमान में केवल 3377 रुपये शेष हैं। जांच में सामने आया कि खाता खोलने के लिए जो पता प्रस्तुत किया गया था, वह कॉमर्शियल एरिया दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में वह रिहायशी एरिया था। मौके पर जांच करने पर वहां कोई फल-सब्जी की दुकान, गोदाम, होर्डिंग या नेम प्लेट नहीं मिली। इससे स्पष्ट हुआ कि यह खाता केवल साइबर ठगी के पैसों को घुमाने के लिए खोला गया था।
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करनाल। फल कारोबार के लिए खुले बैंक खाते का साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के बाद पुलिस अब इस जांच में जुट गई है कि बैंक खाता किन परिस्थितियों में, कैसे और किसके माध्यम से खुला था। इसके लिए पुलिस की ओर से बैंक शाखा के अधिकारी और कर्मचारियों को भी जांच में शामिल किया जाएगा। डीजीपी के निर्देश पर दर्ज हुए केस में करनाल के साइबर थाना पुलिस की टीम जांच में जुट गई है। इधर, खाताधारक का सुराग नहीं लगा है। पुलिस की टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
करनाल में कोटक महिंद्रा बैंक की एक शाखा में नवंबर 2024 में करंट खाता फल-सब्जी के व्यापार के नाम पर खोला गया था। जिसका सालाना टर्न ओवर 20 लाख रुपये दर्शाया गया था लेकिन इस बैंक खाते में मई 2025 तक महज छह माह में 5.70 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। करनाल के साइबर थाना में पुलिस ने आरोपी पुलकित भारद्वाज सहित अन्यों पर केस दर्ज किया है।
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साइबर थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस अब लेन-देन की पूरी डिटेल खंगाल रही है और यह जांच भी चल रही है कि इतने बड़े स्तर पर पैसों की हेराफेरी किन-किन खातों में पहुंचाई गई। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस महानिरीक्षक, साइबर हरियाणा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने 16 सितंबर को कोटक महिंद्रा बैंक की करनाल शाखा की जांच की। यहां संत नगर निवासी पुलकित भारद्वाज के बैंक खाते में ज्यादा लेन देन पाया गया।
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बैंक खाते में मिले महज 3377 रुपये
बैंक खाता खोलते समय आरोपी ने फल-सब्जी व्यापार का हवाला देते हुए वार्षिक टर्नओवर 20 लाख रुपये दिखाई लेकिन नवंबर 2024 से मई 2025 के बीच इस खाते से 5 करोड़ 70 लाख 48 हजार 200 रुपये जमा और 5 करोड़ 70 लाख 44 हजार 822 रुपये की निकासी हुई। खाते में वर्तमान में केवल 3377 रुपये शेष हैं। जांच में सामने आया कि खाता खोलने के लिए जो पता प्रस्तुत किया गया था, वह कॉमर्शियल एरिया दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में वह रिहायशी एरिया था। मौके पर जांच करने पर वहां कोई फल-सब्जी की दुकान, गोदाम, होर्डिंग या नेम प्लेट नहीं मिली। इससे स्पष्ट हुआ कि यह खाता केवल साइबर ठगी के पैसों को घुमाने के लिए खोला गया था।