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नोटबंदी : तारीख बदली, हालात नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Wed, 07 Dec 2016 10:41 PM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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पानीपत। नोटबंदी के 29वें दिन भी जिले के एसबीआई और अन्य एक-दो बैंकों को छोड़कर किसी भी बैंक के पास कैश नहीं पहुंच सका। इस कारण बुधवार को भी नो कैश के बोर्ड लगे रहे। यहां केवल तारीख ही बदली गई। इससे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। एसबीआई में कुछ कैश आने पर इसके कुछ एटीएम कई दिन बाद चले। लेकिन, कैश खत्म होने के बाद यहां पर भी लोगों को मायूस लौटना पड़ा।
बैंक में नो कैश का बोर्ड हटने का नाम नहीं ले रहा है। इससे उपभोक्ताओं की लंबी लाइन भी बैंकों और एटीएम के आगे जस की तस बनी हुई है। बुधवार को भी सुबह ही इसी तरह से लाइन लग गई। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में चार करोड़ रुपये पहुंचे। बैंक अधिकारियों ने आधा पैसा अपनी अन्य शाखाओं में पहुंचाया, जबकि आधा पैसा मुख्य ब्रांच में रखने के बाद एटीएम में डलवाया। शहर में एसबीआई के एटीएम में कैश डलते ही लंबी लाइन लग गई। अन्य कई बैंकों में कैश नहीं पहुंच पाया। इससे लोगों को मायूस लौटना पड़ा।
वर्जन
जिले को हर रोज कैश उम्मीद से कम आ रहा है। इसके लिए आरबीआई के उच्च अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। इससे जिले में कैश लाया जा सके। फिलहाल आरबीआई की ओर अधिक कैश आने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे।
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राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।
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बैंक में नो कैश का बोर्ड हटने का नाम नहीं ले रहा है। इससे उपभोक्ताओं की लंबी लाइन भी बैंकों और एटीएम के आगे जस की तस बनी हुई है। बुधवार को भी सुबह ही इसी तरह से लाइन लग गई। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में चार करोड़ रुपये पहुंचे। बैंक अधिकारियों ने आधा पैसा अपनी अन्य शाखाओं में पहुंचाया, जबकि आधा पैसा मुख्य ब्रांच में रखने के बाद एटीएम में डलवाया। शहर में एसबीआई के एटीएम में कैश डलते ही लंबी लाइन लग गई। अन्य कई बैंकों में कैश नहीं पहुंच पाया। इससे लोगों को मायूस लौटना पड़ा।
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वर्जन
जिले को हर रोज कैश उम्मीद से कम आ रहा है। इसके लिए आरबीआई के उच्च अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। इससे जिले में कैश लाया जा सके। फिलहाल आरबीआई की ओर अधिक कैश आने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे।
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राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।