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बादल को पंजाब में नकारा, हरियाणा में उतरने को तैयार : दादूवाल
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पानीपत। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव की सरगर्मियों के बीच शिरोमणि अकाली दल आजाद के प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल सोमवार को पानीपत पहुंचे। उन्हाेंने स्काईलार्क रिज़ॉर्ट में समुदाय के लोगों को संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल परिवार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को पंजाब में नकार दिया गया है। वे अब अपनी जमीन तलाशने हरियाणा में घुस रहे हैं। यहां के कुछ लोग उनके साथ मिल गए हैं। हरियाणा के सिखों को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मजबूत बनाना है। अगर बादल या उनके सहयोगी कमेटी पर काबिज हो जाते हैं तो वे इसको फिर से पंजाब का हिस्सा बना लेंगे। इसके बाद हरियाणा के गुरुद्वारों की गुल्लक और अन्य पैसा यहां की बजाय मनमर्जी से पंजाब में खर्च किया जाएगा।
उन्होंने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव में टिकट को लेकर बड़ी सेटिंग की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुद को गुरुद्वारों का मालिक समझते हैं, जबकि गुरुद्वारों में मालिक नहीं सेवादार होते हैं। उनके चुनाव घोषणा पत्र को एडिट कर गलत प्रचार किया जा रहा है और पोस्टर तक फाड़ दिए जाते हैं। सिख संगत इसका बदला जरूर लेगी।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा से बादल और उनके जोड़ीदारों को बाहर करना होगा। तभी हरियाणा के गुरुद्वारे सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की कमेटी अलग से कराने के लिए लंबा संघर्ष किया गया। उनको पंजाब की हर जेल में जाना पड़ा। उनको 2018 में रिहाई मिली। उन्होंने पंजाब को छोड़ हरियाणा को अपनी कर्मभूमि बनाया है।
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इस दौरान उन्होंने पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल परिवार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को पंजाब में नकार दिया गया है। वे अब अपनी जमीन तलाशने हरियाणा में घुस रहे हैं। यहां के कुछ लोग उनके साथ मिल गए हैं। हरियाणा के सिखों को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मजबूत बनाना है। अगर बादल या उनके सहयोगी कमेटी पर काबिज हो जाते हैं तो वे इसको फिर से पंजाब का हिस्सा बना लेंगे। इसके बाद हरियाणा के गुरुद्वारों की गुल्लक और अन्य पैसा यहां की बजाय मनमर्जी से पंजाब में खर्च किया जाएगा।
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उन्होंने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव में टिकट को लेकर बड़ी सेटिंग की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुद को गुरुद्वारों का मालिक समझते हैं, जबकि गुरुद्वारों में मालिक नहीं सेवादार होते हैं। उनके चुनाव घोषणा पत्र को एडिट कर गलत प्रचार किया जा रहा है और पोस्टर तक फाड़ दिए जाते हैं। सिख संगत इसका बदला जरूर लेगी।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा से बादल और उनके जोड़ीदारों को बाहर करना होगा। तभी हरियाणा के गुरुद्वारे सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की कमेटी अलग से कराने के लिए लंबा संघर्ष किया गया। उनको पंजाब की हर जेल में जाना पड़ा। उनको 2018 में रिहाई मिली। उन्होंने पंजाब को छोड़ हरियाणा को अपनी कर्मभूमि बनाया है।