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शहर की सफाई के चार जोन के टेंडर को निकाय की मंजूरी का इंतजार
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पानीपत।
शहर की चार जोन में सफाई के टेंडर को अब तक निकाय की मंजूरी नहीं मिल पाई है। निकाय अधिकारियों ने टेंडर संबंधित सभी दस्तावेजों की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी निगम अधिकरियों से मंगवाई हैं। जिस पर अधिकारियों ने इन दस्तावेजों को निकाय में जमा करवा दिया है। अबकी निकाय अधिकारी इनकी जांच पड़ताल पर जुटे हैं। वहीं, निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने निकाय के निर्देशानुसार जारी एसबीडी के अनुसार ही टेंडर को लगाया था। इनकी जांच पड़ताल करने के बाद अनुमान है कि सोमवार को निकाय स्तर से इसकी अनुमति मिल सकती है। इसके बाद नगर निगम अधिकारी चारों जोन के टेंडरों को वर्क ऑर्डर जारी करेंगे।
बता दें कि इनका वर्क ऑर्डर जैसे ही जारी होगा वैसे ही पुराने टेंडरों को रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद नए सिरे से शहर के 26 वार्डों की सफाई करवाई जाएगी। इसके लिए निगम अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और एजेंसी मालिकों ने अपनी आगामी रणनीति तक इख्तियार कर ली है। इस बार शहर की सफाई करीब 3.55 करोड़ से 3.57 करोड़ रुपये महीना में होने की बात बताई जा रही है। इनकी फाइनेंशियल बिड में निकाय अधिकारी इस राशि में से कितना नैगोसिएशन करवा पाते हैं ये बाद की बात है। इस हिसाब से शहर की सालाना सफाई का खर्च 42 करोड़ 60 लाख से लेकर 42 करोड़ 84 लाख रुपये तक आंका जा रहा है। जबकि इससे पहले शहर की सफाई का खर्च सालाना 60 करोड़ रुपये तक होता आया है।
मुख्यालय का फैसला सर्वोपरि : आयुक्त
चार जोन की सफाई के टेंडर की फाइलों को शहरी स्थानीय निकाय को भेजा गया है। इसके लिए गठित की गई कमेटी ने अपने स्तर पर टेंडरों की तकनीकी और फाइनेंशियल बिड को खोला था। निकाय से मंजूरी के बाद ही आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट किया जा सकता है।
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- आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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शहर की चार जोन में सफाई के टेंडर को अब तक निकाय की मंजूरी नहीं मिल पाई है। निकाय अधिकारियों ने टेंडर संबंधित सभी दस्तावेजों की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी निगम अधिकरियों से मंगवाई हैं। जिस पर अधिकारियों ने इन दस्तावेजों को निकाय में जमा करवा दिया है। अबकी निकाय अधिकारी इनकी जांच पड़ताल पर जुटे हैं। वहीं, निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने निकाय के निर्देशानुसार जारी एसबीडी के अनुसार ही टेंडर को लगाया था। इनकी जांच पड़ताल करने के बाद अनुमान है कि सोमवार को निकाय स्तर से इसकी अनुमति मिल सकती है। इसके बाद नगर निगम अधिकारी चारों जोन के टेंडरों को वर्क ऑर्डर जारी करेंगे।
बता दें कि इनका वर्क ऑर्डर जैसे ही जारी होगा वैसे ही पुराने टेंडरों को रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद नए सिरे से शहर के 26 वार्डों की सफाई करवाई जाएगी। इसके लिए निगम अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और एजेंसी मालिकों ने अपनी आगामी रणनीति तक इख्तियार कर ली है। इस बार शहर की सफाई करीब 3.55 करोड़ से 3.57 करोड़ रुपये महीना में होने की बात बताई जा रही है। इनकी फाइनेंशियल बिड में निकाय अधिकारी इस राशि में से कितना नैगोसिएशन करवा पाते हैं ये बाद की बात है। इस हिसाब से शहर की सालाना सफाई का खर्च 42 करोड़ 60 लाख से लेकर 42 करोड़ 84 लाख रुपये तक आंका जा रहा है। जबकि इससे पहले शहर की सफाई का खर्च सालाना 60 करोड़ रुपये तक होता आया है।
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मुख्यालय का फैसला सर्वोपरि : आयुक्त
चार जोन की सफाई के टेंडर की फाइलों को शहरी स्थानीय निकाय को भेजा गया है। इसके लिए गठित की गई कमेटी ने अपने स्तर पर टेंडरों की तकनीकी और फाइनेंशियल बिड को खोला था। निकाय से मंजूरी के बाद ही आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट किया जा सकता है।
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- आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।