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Panipat News: जिले की 60 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Sep 2023 02:24 AM IST
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Anemia in 60 percent pregnant women of the district
पानीपत। जिले की 60 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी है। खून की कमी से डिलीवरी के दौरान महिलाओं की जान खतरे में रहती है। पिछले दो साल में लगभग 25 महिलाओं की डिलीवरी के दौरान मौत हो चुकी है। खून की कमी से प्रसूती महिलाएं विभिन्न प्रकार की बीमारियों से घिर रही हैं जो सिजेरियन डिलीवरी का बड़ा कारण बन रहा है। 15 प्रतिशत नवजात सर्जरी से दुनिया में आगे खोल रहे हैं।
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जिले में 10 प्रतिशत ऐसी गर्भवती हैं जिनमें खून की मात्रा पांच प्रतिशत से भी कम है। 50 प्रतिशत गर्भवतियों में पांच-दस ग्राम के बीच खून है। अधिकतर सर्जरी में रक्त चढ़ाकर सिजेरियन डिलीवरी करनी पड़ रही है। ये चिंताजनक आंकड़े हर माह की नौ तारीख को लगने वाले प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत शिविर में सामने आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार खानपान के प्रति जागरूकता की कमी गर्भवतियों में खून की कमी का बड़ा कारण है। 2022 में कुल 873 सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। इनमें से रात को महज पांच प्रतिशत सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। रात को नर्सिंग ऑफिसर सिजेरियन डिलीवरी के लिए डॉक्टरों को बुलाने की अपेक्षा गर्भवतियों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर देती थी। अब एक जनवरी से 31 अगस्त तक सिविल अस्पताल में कुल 7237 डिलीवरी हुई हैं। इनमें से 19 प्रतिशत यानि 1390 सिजेरियन डिलीवरी हुई है। 5487 सामान्य डिलीवरी हुई है। इस साल सबसे अधिक अगस्त में 956 डिलीवरी हुई है, इसमें 198 सिजेरियन हुई हैं। सबसे कम अप्रैल में महज 578 डिलीवरी हुई हैं। इनमें 165 सिजेरियन डिलीवरी हुई हैं।
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सिविल अस्पताल में नहीं है ब्लड बैंक की सुविधा

सिविल अस्पताल में सरकारी ब्लड बैंक की सुविधा नहीं है। जिन गर्भवतियों में खून की कमी होती है, डॉक्टर उनको खून चढ़ाकर डिलीवरी कराते हैं। स्टाफ को निजी ब्लड बैंक से खून की यूनिट लानी पड़ती है। कई बार इसमें देरी भी हो जाती है। इससे गर्भवतियों की जान को भी खतरा पैदा हो जाता है।
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महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं

हर माह लगने वाले जांच शिविर में ये सामने आया है कि 60 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी है। महिलाओं को रक्त चढ़ाकर डिलीवरी करनी पड़ती है। खून की कमी से शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारी जन्म लेती है। खून की कमी डिलीवरी के दौरान महिला की मौत का कारण भी बनती है। महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं है, जबकि गर्भधारण के दौरान हेल्दी डाइट जरूरी होती है। महिलाएं आयरन की गोली भी नहीं लेती, इसलिए खून की कमी पूरी नहीं होती।

डॉ. लिपिका बंसल, गायनोकॉलोजिस्ट, सिविल अस्पताल
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