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एम्स की टीम ने 3200 लोगों की आंखों की जांच कर तैयार की रिपोर्ट
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पानीपत। एम्स से पानीपत आई टीम का ट्रेकोमा को चिह्नित करने का सर्वे पूरा हो चुका है। टीम ने जिले के 30 कलस्टर में कुल 3200 लोगों की आंखों की जांच की है। सर्वे के दौरान डॉक्टर यहां ट्रैकोमा का कोई भी आशंकित मरीज होने से इनकार कर रहे हैं। एम्स की टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। वीरवार को एम्स की टीम स्वास्थ्य मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
टीम ने बुधवार को हाली कॉलोनी , मनमोहन नगर, काबुली बाग, आजाद नगर, संजय कॉलोनी व राज नगर में 800 लोगों की आंखों की जांची। प्रदेश भर में चले इस सर्वे में ट्रेकोमा के कुल 12 संदिग्ध मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये अभियान ब्लाइंडनेस कंटोल कार्यक्रम के तहत चलाया था। इसमें टीम का सहयोग जिले की आशा वर्कर ने किया। इसके लिए आशा वर्कर को प्रतिदिन 250 रुपये मानदेन भी मिला है।
एम्स के डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि चार दिन के अभियान के दौरान पानीपत के 3200 लोगों की आंखों की जांच की गई है। वो अपनी रिपोर्ट वीरवार को डिपार्टमेंट ऑफ हेड डॉ. दीपक भारद्वाज को देंगे। ट्रेकोमा आंखों की गंभीर बीमारी है। ये ही अंधेपन का मुख्य कारण बनता है। सरकार ने अंधेपन के खिलाफ अभियान चलाया है। ट्रेकोमा बीमारी की पहचान करने की जिम्मेदारी एम्स के आरपी सेंटर को दी गई है। ट्रेकोमा आंखों की गंभीर बीमारी है। जो बैक्टीरिया से होती है। इसमें आंखों में खारिज होती है। समय पर इस बीमारी का पता चलने पर दवा से इलाज हो सकता है। देरी से पता चलने पर सर्जरी ही इसका इलाज है। अंधेपन का बड़ा कारण ट्रेकोमा है।
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टीम ने बुधवार को हाली कॉलोनी , मनमोहन नगर, काबुली बाग, आजाद नगर, संजय कॉलोनी व राज नगर में 800 लोगों की आंखों की जांची। प्रदेश भर में चले इस सर्वे में ट्रेकोमा के कुल 12 संदिग्ध मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये अभियान ब्लाइंडनेस कंटोल कार्यक्रम के तहत चलाया था। इसमें टीम का सहयोग जिले की आशा वर्कर ने किया। इसके लिए आशा वर्कर को प्रतिदिन 250 रुपये मानदेन भी मिला है।
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एम्स के डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि चार दिन के अभियान के दौरान पानीपत के 3200 लोगों की आंखों की जांच की गई है। वो अपनी रिपोर्ट वीरवार को डिपार्टमेंट ऑफ हेड डॉ. दीपक भारद्वाज को देंगे। ट्रेकोमा आंखों की गंभीर बीमारी है। ये ही अंधेपन का मुख्य कारण बनता है। सरकार ने अंधेपन के खिलाफ अभियान चलाया है। ट्रेकोमा बीमारी की पहचान करने की जिम्मेदारी एम्स के आरपी सेंटर को दी गई है। ट्रेकोमा आंखों की गंभीर बीमारी है। जो बैक्टीरिया से होती है। इसमें आंखों में खारिज होती है। समय पर इस बीमारी का पता चलने पर दवा से इलाज हो सकता है। देरी से पता चलने पर सर्जरी ही इसका इलाज है। अंधेपन का बड़ा कारण ट्रेकोमा है।
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