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एम्स की टीम ने तीन दिन में 2400 लोगों की जांच की
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पानीपत। एम्स की टीम ट्रेकोमा की कर रही जांच
- फोटो : Panipat
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एम्स की टीम प्रदेश भर में ट्रैकोमा के मरीजों को चिह्नित कर कर रही है। अब तक प्रदेश में ट्रैकोमा के 12 मरीज मिल चुके हैं। पानीपत में तीन दिन में 22 क्लस्टर में टीमें 2400 लोगों की जांच कर चुकी हैं। अब तक पानीपत में ट्रैकोमा का कोई मरीज नहीं मिला है। मंगलवार को एम्स की टीम ने लेबर कॉलोनी, विवर्स कॉलोनी, शक्ति नगर, शांति नगर, जावा कॉलोनी व भारत नगर में 1200 लोगों की जांच की। ये अभियान 14 अक्तूबर तक चलेगा। टीमें जिले के 3 हजार लोगों की जांच कर मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपेगी।
इस अभियान में आशा वर्कर का सहयोग लिया जा रहा है। उन्हें प्रतिदिन 250 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। टीमें आशंकित मरीज की जांच करेंगी, उसी समय दवा भी दी जाएगी।
एम्स के डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि ट्रैकोमा आंखों की गंभीर बीमारी है। ये ही अंधेपन का मुख्य कारण है। जो बैक्टीरिया से होती है। इसमें आंखों में खारिज होती है। समय पर इस बीमारी का पता चलने पर दवा से इलाज हो सकता है। सरकार ने अंधेपन के खिलाफ अभियान चलाया है।
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इस अभियान में आशा वर्कर का सहयोग लिया जा रहा है। उन्हें प्रतिदिन 250 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। टीमें आशंकित मरीज की जांच करेंगी, उसी समय दवा भी दी जाएगी।
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एम्स के डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि ट्रैकोमा आंखों की गंभीर बीमारी है। ये ही अंधेपन का मुख्य कारण है। जो बैक्टीरिया से होती है। इसमें आंखों में खारिज होती है। समय पर इस बीमारी का पता चलने पर दवा से इलाज हो सकता है। सरकार ने अंधेपन के खिलाफ अभियान चलाया है।
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