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बजट में सस्ती भूमि, टेक्सटाइल पार्क की आस
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पानीपत। प्रदेश सरकार इसी माह अपना बजट पेश करेगी। बजट पेश करने से पहले 9 फरवरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रदेश भर के उद्यमियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग कर उनके विचार भी जान चुके हैं। इस बार उद्यमियों को सरकार से कई बड़ी आस है। केंद्र सरकार के बजट से टेक्सटाइल उद्यमियों को निराशा हाथ लगी इसलिए उद्यमियों को प्रदेश सरकार से राहत की उम्मीद है। उनकी सबसे बड़ी मांग पानीपत को एनसीआर से बाहर कराना है। इसके लिए वे संघर्ष भी कर रहे हैं। इसके अलावा टेक्सटाइल पार्क व कॉमन बॉयलर की भी आस है। प्रदेश सरकार के बजट में क्या हो इसके लिए ‘अमर उजाला’ ने उद्यमियों से बातचीत की।
एनसीआर से बाहर करें शहर को
पानीपत को एनसीआर में होने का कोई फायदा नहीं है। इस वजह से उसे तमाम प्रकार के प्रतिबंध को झेलना पड़ता है। अब पीएनजी की अनिवार्यता भी कर दी गई है। इससे उद्योगों को तगड़ा झटका लग रहा है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में दूसरे प्रदेश पानीपत को पीछे छोड़ रहे हैं। सरकार को जल्द पानीपत को एनसीआर से बाहर कराना चाहिए। -मनीष अग्रवाल, महासचिव चैंबर ऑफ कॉमर्स
जल्द मिले टेक्सटाइल पार्क
पानीपत को सबसे अधिक जरूरत टेक्सटाइल पार्क की है। कई सालों से उद्यमी इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी है। प्रदेश सरकार को इस संबंध में आगे कदम बढ़ाते हुए बजट में टेक्सटाइल पार्क की सौगात देनी चाहिए। इससे अंतरराष्ट्रीय बायर को लुभाया जा सकेगा। -प्रीतम सचदेवा, प्रधान पानीपत इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
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जमीन के दाम कम किए जाएं
उद्यम लगाने के लिए जमीन चाहिए और यहां पर इसके दाम बहुत ज्यादा हैं। इन हालातों में उद्यमी उद्योगों को स्थापित करने के लिए भूमि नहीं खरीद पाते। जैसे अभी रिफाइनरी के पास जो प्लॉट की बोली हुई है, वह बहुत महंगी रही थी। सरकार को जमीन के दाम कम करने चाहिए। -श्री भगवान अग्रवाल, प्रधान सेक्टर 29 इंडस्ट्रीयल एस्टेट एसोसिएशन
ट्रांसपोर्ट में मदद करे सरकार
माल तैयार होने के बाद गंतव्य तक पहुंचाना होता है लेकिन उद्यमियों को ट्रांसपोर्ट बहुत महंगा पड़ रहा है। पोर्ट तक माल ले जाना बहुत खर्चीला है। इस काम में सरकार को ट्रांसपोर्ट में उद्यमियों की मदद करनी चाहिए। इसके अलावा दूसरी बड़ी मांग पानीपत को एनसीआर से बाहर करने की है, ताकि बाहर से निवेशक यहां आ सके। -रमन छाबड़ा, उद्यमी
जरूरी है स्किल सेंटर खुलना
पानीपत में कारोबार को लेकर संभावनाएं हैं। अब पानीपत टेक्सटाइल के साथ-साथ कॉरपेट का भी हब बन रहा है। हरदोई के बाद पानीपत कारपेट की सबसे बड़ी मंडी है। यहां पर कारपेट की ट्रेंड लेबर नहीं है। उनकी मांग है कि सरकार कारपेट को बढ़ावा देने के लिए यहां स्किल सेंटर स्थापित करें। -अनिल बंसल, सचिव पानीपत कारपेट एसोसिएशन
कॉमन बॉयलर की भी जरूरत
उद्यमियों को प्रदेश सरकार से टेक्सटाइल पार्क, जेडएलडी प्रोजेक्ट के साथ साथ कॉमन बॉयलर की भी आस है। कॉमन बॉयलर लगने से एक ही बॉयलर से सभी उद्योगों को स्टीम मिलेगी। इस काम से शहर में प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा। सरकार से मांग है कि बजट में कॉमन बॉयलर की मांग को पूरा करें। -भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
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एनसीआर से बाहर करें शहर को
पानीपत को एनसीआर में होने का कोई फायदा नहीं है। इस वजह से उसे तमाम प्रकार के प्रतिबंध को झेलना पड़ता है। अब पीएनजी की अनिवार्यता भी कर दी गई है। इससे उद्योगों को तगड़ा झटका लग रहा है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में दूसरे प्रदेश पानीपत को पीछे छोड़ रहे हैं। सरकार को जल्द पानीपत को एनसीआर से बाहर कराना चाहिए। -मनीष अग्रवाल, महासचिव चैंबर ऑफ कॉमर्स
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जल्द मिले टेक्सटाइल पार्क
पानीपत को सबसे अधिक जरूरत टेक्सटाइल पार्क की है। कई सालों से उद्यमी इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी है। प्रदेश सरकार को इस संबंध में आगे कदम बढ़ाते हुए बजट में टेक्सटाइल पार्क की सौगात देनी चाहिए। इससे अंतरराष्ट्रीय बायर को लुभाया जा सकेगा। -प्रीतम सचदेवा, प्रधान पानीपत इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
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जमीन के दाम कम किए जाएं
उद्यम लगाने के लिए जमीन चाहिए और यहां पर इसके दाम बहुत ज्यादा हैं। इन हालातों में उद्यमी उद्योगों को स्थापित करने के लिए भूमि नहीं खरीद पाते। जैसे अभी रिफाइनरी के पास जो प्लॉट की बोली हुई है, वह बहुत महंगी रही थी। सरकार को जमीन के दाम कम करने चाहिए। -श्री भगवान अग्रवाल, प्रधान सेक्टर 29 इंडस्ट्रीयल एस्टेट एसोसिएशन
ट्रांसपोर्ट में मदद करे सरकार
माल तैयार होने के बाद गंतव्य तक पहुंचाना होता है लेकिन उद्यमियों को ट्रांसपोर्ट बहुत महंगा पड़ रहा है। पोर्ट तक माल ले जाना बहुत खर्चीला है। इस काम में सरकार को ट्रांसपोर्ट में उद्यमियों की मदद करनी चाहिए। इसके अलावा दूसरी बड़ी मांग पानीपत को एनसीआर से बाहर करने की है, ताकि बाहर से निवेशक यहां आ सके। -रमन छाबड़ा, उद्यमी
जरूरी है स्किल सेंटर खुलना
पानीपत में कारोबार को लेकर संभावनाएं हैं। अब पानीपत टेक्सटाइल के साथ-साथ कॉरपेट का भी हब बन रहा है। हरदोई के बाद पानीपत कारपेट की सबसे बड़ी मंडी है। यहां पर कारपेट की ट्रेंड लेबर नहीं है। उनकी मांग है कि सरकार कारपेट को बढ़ावा देने के लिए यहां स्किल सेंटर स्थापित करें। -अनिल बंसल, सचिव पानीपत कारपेट एसोसिएशन
कॉमन बॉयलर की भी जरूरत
उद्यमियों को प्रदेश सरकार से टेक्सटाइल पार्क, जेडएलडी प्रोजेक्ट के साथ साथ कॉमन बॉयलर की भी आस है। कॉमन बॉयलर लगने से एक ही बॉयलर से सभी उद्योगों को स्टीम मिलेगी। इस काम से शहर में प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा। सरकार से मांग है कि बजट में कॉमन बॉयलर की मांग को पूरा करें। -भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन