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Panipat News: 119 में 92 वाहनों की जांच, 70 की नहीं मिली प्रदूषण पर्ची
Sun, 14 Sep 2025 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 14 Sep 2025 02:11 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर में डोर-टू-डोर और सफाई कार्य में लगी जेबीएम, आईएनडी और पीसीसी के वाहन कागजों में ज्यादा चल रहे हैं।
नगर निगम ने शनिवार को एकाएक फिजिकल वेरिफिकेशन की ताे तीनों कंपनियों की असलियत सामने आ गई। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में लगी जेबीएम के 119 में से 92 वाहन ही शामिल किए। इनमें करीब 70 वाहनाें की प्रदूषण की पर्ची नहीं मिली।
कई का इंश्योरेंस तक नहीं कराया गया था। आईएनडी के 30 में से 26 और पीसीसी के 34 में से 30 वाहनों को शामिल किया। निगम ने नौ महीने में तीसरी बार वाहनों की अचानक जांच की है। इनमें लगातार कमी मिली हैं।
नगर निगम अब इन पर जुर्माना लगाएगा। तीनों कंपनियों को हर महीने करीब साढ़े चार करोड़ रुपये दिए जाते हैं। नगर निगम ने शनिवार को सेक्टर-13-17 में सुबह सात से नौ बजे तक जेबीएम के वाहनों की जांच की। इसके बाद आईएनडी कंपनी के वाहनों की दोपहर बाद जांच की। आईएनडी के 30 में से 26 वाहनों को शामिल किया। दो वाहन मरम्मत और दो सफाई कार्य में लगे होने की रिपोर्ट दी। पीसीसी के वाहनाें की शिवाजी स्टेडियम में जांच की। इसमें 34 में से 30 गाड़ियाें को शामिल किया।
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नगर निगम से डीएमसी अरुण भार्गव, आरटीए डाॅ. नीरज जिंदल व यातायात पुलिस से डी एसपी सुरेश सैनी शामिल रहे। अधिकारियों ने टीम ने टीम के साथ वाहनाें के दस्तावेजाें की जांच की। जेबीएम के 119 में से 92 वाहन शामिल किए। इनमें करीब 70 वाहनाें की प्रदूषण की पर्ची और इंश्योरेंस तक नहीं मिला। तीनों अधिकारियों ने रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज को दी।
जेबीएम के क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत तिवारी ने बताया कि प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार शहर में 96 टाटा एस और 178 रिक्शा हैं। इनके अलावा हमेशा 10 गाड़ी बैकअप में रखनी पड़ती हैं और करीब 10 चालक हर रोज छुट्टी पर रहते हैं। शिवाजी स्टेडियम में पीसीसी के वाहनाें की जांच की। उप सफाई निरीक्षक रिंकू ने बताया कि जांच में 34 में से 30 वाहन शामिल किए गए। बाकी दो मरम्मत और दो सफाई कार्य में लगाने की रिपोर्ट दी।
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पानीपत। शहर में डोर-टू-डोर और सफाई कार्य में लगी जेबीएम, आईएनडी और पीसीसी के वाहन कागजों में ज्यादा चल रहे हैं।
नगर निगम ने शनिवार को एकाएक फिजिकल वेरिफिकेशन की ताे तीनों कंपनियों की असलियत सामने आ गई। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में लगी जेबीएम के 119 में से 92 वाहन ही शामिल किए। इनमें करीब 70 वाहनाें की प्रदूषण की पर्ची नहीं मिली।
कई का इंश्योरेंस तक नहीं कराया गया था। आईएनडी के 30 में से 26 और पीसीसी के 34 में से 30 वाहनों को शामिल किया। निगम ने नौ महीने में तीसरी बार वाहनों की अचानक जांच की है। इनमें लगातार कमी मिली हैं।
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नगर निगम अब इन पर जुर्माना लगाएगा। तीनों कंपनियों को हर महीने करीब साढ़े चार करोड़ रुपये दिए जाते हैं। नगर निगम ने शनिवार को सेक्टर-13-17 में सुबह सात से नौ बजे तक जेबीएम के वाहनों की जांच की। इसके बाद आईएनडी कंपनी के वाहनों की दोपहर बाद जांच की। आईएनडी के 30 में से 26 वाहनों को शामिल किया। दो वाहन मरम्मत और दो सफाई कार्य में लगे होने की रिपोर्ट दी। पीसीसी के वाहनाें की शिवाजी स्टेडियम में जांच की। इसमें 34 में से 30 गाड़ियाें को शामिल किया।
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नगर निगम से डीएमसी अरुण भार्गव, आरटीए डाॅ. नीरज जिंदल व यातायात पुलिस से डी एसपी सुरेश सैनी शामिल रहे। अधिकारियों ने टीम ने टीम के साथ वाहनाें के दस्तावेजाें की जांच की। जेबीएम के 119 में से 92 वाहन शामिल किए। इनमें करीब 70 वाहनाें की प्रदूषण की पर्ची और इंश्योरेंस तक नहीं मिला। तीनों अधिकारियों ने रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज को दी।
जेबीएम के क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत तिवारी ने बताया कि प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार शहर में 96 टाटा एस और 178 रिक्शा हैं। इनके अलावा हमेशा 10 गाड़ी बैकअप में रखनी पड़ती हैं और करीब 10 चालक हर रोज छुट्टी पर रहते हैं। शिवाजी स्टेडियम में पीसीसी के वाहनाें की जांच की। उप सफाई निरीक्षक रिंकू ने बताया कि जांच में 34 में से 30 वाहन शामिल किए गए। बाकी दो मरम्मत और दो सफाई कार्य में लगाने की रिपोर्ट दी।