हरियाणा: 10 मार्च तक शुरू होगी प्रदेश की सबसे बड़ी शुगर मिल, करीब 90 प्रतिशत काम पूरा
मिल में 31 मई तक 35 लाख क्विंटल गन्ने की होगी पिराई वहीं अगले सीजन में एक करोड़ क्विंटल का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेशभर के गन्ना उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी।
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हरियाणा के पानीपत में गांव डाहर स्थित नई शुगर मिल के निर्माण का काम 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। ये मिल 10 मार्च तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। इसके बाद 31 मई तक इसमें पेराई भी होगी। मिल प्रबंधन ने इस पेराई सीजन में इस मिल में करीब 35 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य तक निर्धारित किया है। वहीं, अगले 2022-23 के सीजन में इसमेें एक करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई करवाने की संभावनाएं जताई जा रही है।
सोमवार को शुगर मिल एमडी ने मिल के इंजीनियर्स के साथ मिल का दौरा किया। इस दौरान कई बड़े उपकरणों और मशीनों का ट्रायल भी लिया गया। प्रबंधक ने बताया कि ये प्रदेश की सबसे आधुनिक और बड़ी मिल होगी। इसके शुरू होने से प्रदेश भर के गन्ना उत्पादक किसानों को दूसरे प्रदेशों में अपना गन्ना लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, शहर के दूर होने की वजह से शहर वासियों को जाम से भी राहत मिलेगी।
गोहाना रोड स्थित पुरानी शुगर मिल की पेराई क्षमता 18 हजार क्विंटल प्रति दिन की है, जबकि नई मिल की क्षमता 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन की होगी। यहां एक माह में 15 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की जा सकेगी। इसके अलावा छह माह चलने वाले पेराई सीजन में एक करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य है।
75 एकड़ में फैली है नई शुगर मिल
ये शुगर मिल 75 एकड़ जमीन में फैला है। इसमें मिल के कई प्लांट भी लगाए गए हैं, जिनमें शीरा स्टॉक करने से लेकर ईटीपी तक का प्लांट शामिल हैं। वहीं, पुराने मिल से भी कुछ प्लांट यहां शिफ्ट किए जा रहे हैं। मिल के पास में मिल अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए क्वार्टर बनाए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट पर करीब साढ़े 300 करोड़ की लागत आई है। मिल के चारों तरफ 1500 पेड़ लगाए गए हैं, 1500 और लगाए जाने बाकी हैं।
4 लाख क्विंटल चीनी स्टॉक के लिए बनाए दो गोदाम
मिल प्रबंधक नवदीप सिंह ने मिल में बनाए जा रहे चीनी स्टॉक के गोदाम दिखाते हुए बताया कि हर गोदाम दो लाख क्विंटल चीनी का है। एक गोदाम को तैयार कर दिया गया है जबकि दूसरा गोदाम तैयार किया जा रहा है। यहां गन्ना लेकर आने वाले किसानों के लिए तीन कांटे और दस कंक्रीट की सड़कें बनाई गई हैं, जिससे किसानों को ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर आने में परेशानी न हो।
टरबाइन से हर घंटे उत्पन्न होगी 28 मेगवाट बिजली
नए शुगर मिल की सबसे खास बात ये रहेगी कि इस मिल में एक खास टरबाइन लगाई जा रही है। जो हर घंटे 28 मेगावाट की बिजली का उत्पादन करेगी। इसमें सात मेगावाट बिजली मिल को चलाने में ही इस्तेमाल की जाएगी बाकि बिजली पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेची जाएगी। इससे मिल को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा इसका बॉयलर नई अत्याधुनिक मशीनों से बनाया गया है, जो प्रदूषण मुक्त होगा। इससे राख तक भी नहीं निकल पाएगी।
90 प्रतिशत काम पूरा
मिल का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, दस मार्च तक इसे चालू कर दिया जाएगा। ये प्रदेश का सबसे अत्याधुनिक शुगर मिल होगा। इसकी कई विशेषताएं इसे सबसे अलग बनाती हैं। इसमें इस प्रकार की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे वातावरण तक प्रदूषित न हो। -नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल पानीपत।

पानीपत। गांव डाहर में निमार्णाधीन शुगर मिल का द्श्य।- फोटो : Panipat