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Panipat News: पानीपत-समालखा के 13 गांवों की 8.27 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहीत
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पानीपत रेलवे स्टेशन। संवाद
- फोटो : samvad
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। दिल्ली-पानीपत-अंबाला के 198 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की परियोजना को रफ्तार मिल गई है। उत्तर रेलवे (निर्माण संगठन) ने विशेष रेल परियोजना के तहत पानीपत और समालखा तहसील के 13 गांवों व क्षेत्रों की 8.2719 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए गजट अधिसूचना जारी कर दी है। रेल अधिनियम-1989 की धारा 20-क (1) के तहत जारी अधिसूचना में केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण की मंशा जाहिर की है।
दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेल मार्ग उत्तर भारत के प्रमुख व्यस्त रेल मार्गों में शामिल है। इस पर दैनिक यात्री ट्रेनों के अलावा लंबी दूरी की सुपरफास्ट, एक्सप्रेस, वंदे भारत और मालगाड़ियों का संचालन होता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से रेल परिचालन की क्षमता बढ़ने और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है। अतिरिक्त लाइनें बनने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध हो सकेगा, जिससे रेल यातायात में रुकावट कम करने में मदद मिलेगी।
पानीपत और समालखा के 13 गांव-क्षेत्र शामिल
विशेष रेल परियोजना के लिए समालखा और पानीपत तहसील के 10 प्रमुख गांवों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। इसमें समालखा तहसील के भोड़वाल माजरी, चुलकाना, किवाना, मनाना, करहंस, मच्छरौली और झट्टीपुर गांव शामिल हैं। पानीपत तहसील के दिवाना, सिवाह, काबड़ी, सराय बछड़ा, निजामपुर और तरफ इंसार की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
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इन गांवों में इतनी जमीन होगी अधिग्रहित
भोड़वाल माजरी में 0.6100 हेक्टेयर, चुलकाना में 1.8218, किवाना में 0.2424, मनाना में 0.7098, करहंस में 1.8425, मच्छरौली में 0.4227 और झट्टीपुर में 0.4842 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है।
इसके अलावा दिवाना में 0.5517 हेक्टेयर, सिवाह में 0.1769, काबड़ी में 0.7181, सराय बछड़ा में 0.1507, निजामपुर में 0.2008 और तरफ इंसार में 0.5351 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी।
भूमि मालिक 30 दिन में दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
उत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) शैलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अधिग्रहित की जाने वाली भूमि से संबंधित किसी व्यक्ति या भू-स्वामी को आपत्ति है तो वह अपनी बात रख सकता है। आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के भीतर जिला राजस्व अधिकारी के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। आपत्ति में उसके आधार स्पष्ट रूप से बताने होंगे। डीआरओ की ओर से संबंधित व्यक्ति को स्वयं या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। सुनवाई और आवश्यक जांच के बाद आदेश जारी किया जाएगा।
तीसरी-चौथी लाइन से सुगम होगी रेल आवाजाही
तीसरी और चौथी लाइन चालू होने के बाद एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा। साथ ही मालगाड़ियों के लिए भी अलग ट्रैक का उपयोग किया जा सकेगा। इससे यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वर्जन
रेलवे के प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की जानी है। किसानों के दावे और आपत्तियों को प्रमुखता से सुना जाएगा। इनका यथासंभव समाधान किया जाएगा।
कनब लाकड़ा, जिला राजस्व अधिकारी
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पानीपत। दिल्ली-पानीपत-अंबाला के 198 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की परियोजना को रफ्तार मिल गई है। उत्तर रेलवे (निर्माण संगठन) ने विशेष रेल परियोजना के तहत पानीपत और समालखा तहसील के 13 गांवों व क्षेत्रों की 8.2719 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए गजट अधिसूचना जारी कर दी है। रेल अधिनियम-1989 की धारा 20-क (1) के तहत जारी अधिसूचना में केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण की मंशा जाहिर की है।
दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेल मार्ग उत्तर भारत के प्रमुख व्यस्त रेल मार्गों में शामिल है। इस पर दैनिक यात्री ट्रेनों के अलावा लंबी दूरी की सुपरफास्ट, एक्सप्रेस, वंदे भारत और मालगाड़ियों का संचालन होता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से रेल परिचालन की क्षमता बढ़ने और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है। अतिरिक्त लाइनें बनने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध हो सकेगा, जिससे रेल यातायात में रुकावट कम करने में मदद मिलेगी।
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पानीपत और समालखा के 13 गांव-क्षेत्र शामिल
विशेष रेल परियोजना के लिए समालखा और पानीपत तहसील के 10 प्रमुख गांवों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। इसमें समालखा तहसील के भोड़वाल माजरी, चुलकाना, किवाना, मनाना, करहंस, मच्छरौली और झट्टीपुर गांव शामिल हैं। पानीपत तहसील के दिवाना, सिवाह, काबड़ी, सराय बछड़ा, निजामपुर और तरफ इंसार की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
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इन गांवों में इतनी जमीन होगी अधिग्रहित
भोड़वाल माजरी में 0.6100 हेक्टेयर, चुलकाना में 1.8218, किवाना में 0.2424, मनाना में 0.7098, करहंस में 1.8425, मच्छरौली में 0.4227 और झट्टीपुर में 0.4842 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है।
इसके अलावा दिवाना में 0.5517 हेक्टेयर, सिवाह में 0.1769, काबड़ी में 0.7181, सराय बछड़ा में 0.1507, निजामपुर में 0.2008 और तरफ इंसार में 0.5351 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी।
भूमि मालिक 30 दिन में दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
उत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) शैलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अधिग्रहित की जाने वाली भूमि से संबंधित किसी व्यक्ति या भू-स्वामी को आपत्ति है तो वह अपनी बात रख सकता है। आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के भीतर जिला राजस्व अधिकारी के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। आपत्ति में उसके आधार स्पष्ट रूप से बताने होंगे। डीआरओ की ओर से संबंधित व्यक्ति को स्वयं या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। सुनवाई और आवश्यक जांच के बाद आदेश जारी किया जाएगा।
तीसरी-चौथी लाइन से सुगम होगी रेल आवाजाही
तीसरी और चौथी लाइन चालू होने के बाद एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा। साथ ही मालगाड़ियों के लिए भी अलग ट्रैक का उपयोग किया जा सकेगा। इससे यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वर्जन
रेलवे के प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की जानी है। किसानों के दावे और आपत्तियों को प्रमुखता से सुना जाएगा। इनका यथासंभव समाधान किया जाएगा।
कनब लाकड़ा, जिला राजस्व अधिकारी