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कृषि यंत्रों के दामों में गोलमाल, भाकियू ने की जांच की मांग
Updated Mon, 23 Oct 2017 12:24 AM IST
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कृषि यंत्रों के दामों में गोलमाल, भाकियू ने की जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन ने कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों के अवशेषों का समाधान करने के लिए किसानों को ट्रैक्टर व कृषि यंत्रों पर सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी पर सवालिया निशान उठाया है। जिसमें भाकियू पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि कृषि विभाग द्वारा इस स्कीम के तहत जो 11 कृषि यंत्र किसानों को ट्रैक्टर के साथ दिए जाने हैं, उनके रेट मार्केट रेट से ज्यादा लगाए गए हैं। जिसमें भारी गोलमाल होने की आशंका है। यूनियन का सरकार अपने निजी हित के लिए इन कृषि यंत्रों के रेट पहले ही निजी कंपनियों से मिलकर कहीं ज्यादा लगाए गए हैं। जिससे इस स्कीम से किसानों का कोई भला होने वाली नहीं हैं।
भारतीय किसान यूनियन ने इसको लेकर रविवार को किसान भवन में बैठक की। जिसकी अध्यक्षता यूनियन जिला प्रधान सुरेश दहिया ने की। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों में गेहूं, धान व इंख के अवशेषों के समाधान को लेकर स्मेन स्कीम चलाई गई है। जिसमें अब किसानों द्वारा अप्लाई करने की तारीख छह से 25 अक्तूबर तक है। स्कीम में एक किसान को 10 लाख में एक ट्रैक्टर और सरकार द्वारा निर्धारित किए गए 11 कृषि यंत्रों में से कोई तीन यंत्र मिलने हैं। जिसके तहत कृषि विभाग द्वारा किसानों को चार लाख का अनुदान दिया जाना है। भाकियू पदाधिकारियों का कहना हैं कि इन 11 कृषि यंत्रों के रेट में ही निजी कंपनियों द्वारा गोलमाल किए जाने की बात जिलेभर के किसान कह रहे है। इसलिए भाकियू प्रदेश सरकार से मांग करती हैं कि इन कृषि यंत्रों के रेट की निष्पक्षता से जांच करवाई जाएं। वहीं सरकार द्वारा जो भी जांच कमेटी बनाई जाए उसमें भाकियू के कुछ सदस्यों और कुछ किसानों को भी शामिल किया जाएं। जिला प्रधान सुरेश दहिया ने कहा कि गांव डाहर में श्ुागर मिल का निर्माण जल्द करने व गन्ना उत्पादक किसानों कीज समस्याओं को लेकर भाकियू ने पिछले माह धरना दिया था। जिसमें जिला प्रशासन ने एक माह में डाहर शुगर मिल का निर्माण करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक माह बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। भाकियू पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही प्रशासन ने डाहर शुगर मिल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया तो भाकियू धरना देने पर मजबूर होगा। इस मौके पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रताप माजरा, जिला महासचिव ऋषिपाल नांदल, जिला सचिव बलजीत राठी,जिला उपाध्यक्ष कृष्ण अटावला, ब्लाक प्रधान सुंदरपाल रावल, ईशाक नंबरदार, बालकिशन धीमान, गुल्लू चौहान, दलबीर बालजाटान, मौ. शमशेर,सुरेंद्र शर्मा पूर्व सरपंच, जयपाल रावल, रणधीर पान्नू, सुनील माजरी, दया सिंह पाथरी व प्रताप मलिक मौजूद रहे।
फोटो-14
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन ने कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों के अवशेषों का समाधान करने के लिए किसानों को ट्रैक्टर व कृषि यंत्रों पर सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी पर सवालिया निशान उठाया है। जिसमें भाकियू पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि कृषि विभाग द्वारा इस स्कीम के तहत जो 11 कृषि यंत्र किसानों को ट्रैक्टर के साथ दिए जाने हैं, उनके रेट मार्केट रेट से ज्यादा लगाए गए हैं। जिसमें भारी गोलमाल होने की आशंका है। यूनियन का सरकार अपने निजी हित के लिए इन कृषि यंत्रों के रेट पहले ही निजी कंपनियों से मिलकर कहीं ज्यादा लगाए गए हैं। जिससे इस स्कीम से किसानों का कोई भला होने वाली नहीं हैं।
भारतीय किसान यूनियन ने इसको लेकर रविवार को किसान भवन में बैठक की। जिसकी अध्यक्षता यूनियन जिला प्रधान सुरेश दहिया ने की। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों में गेहूं, धान व इंख के अवशेषों के समाधान को लेकर स्मेन स्कीम चलाई गई है। जिसमें अब किसानों द्वारा अप्लाई करने की तारीख छह से 25 अक्तूबर तक है। स्कीम में एक किसान को 10 लाख में एक ट्रैक्टर और सरकार द्वारा निर्धारित किए गए 11 कृषि यंत्रों में से कोई तीन यंत्र मिलने हैं। जिसके तहत कृषि विभाग द्वारा किसानों को चार लाख का अनुदान दिया जाना है। भाकियू पदाधिकारियों का कहना हैं कि इन 11 कृषि यंत्रों के रेट में ही निजी कंपनियों द्वारा गोलमाल किए जाने की बात जिलेभर के किसान कह रहे है। इसलिए भाकियू प्रदेश सरकार से मांग करती हैं कि इन कृषि यंत्रों के रेट की निष्पक्षता से जांच करवाई जाएं। वहीं सरकार द्वारा जो भी जांच कमेटी बनाई जाए उसमें भाकियू के कुछ सदस्यों और कुछ किसानों को भी शामिल किया जाएं। जिला प्रधान सुरेश दहिया ने कहा कि गांव डाहर में श्ुागर मिल का निर्माण जल्द करने व गन्ना उत्पादक किसानों कीज समस्याओं को लेकर भाकियू ने पिछले माह धरना दिया था। जिसमें जिला प्रशासन ने एक माह में डाहर शुगर मिल का निर्माण करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक माह बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। भाकियू पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही प्रशासन ने डाहर शुगर मिल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया तो भाकियू धरना देने पर मजबूर होगा। इस मौके पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रताप माजरा, जिला महासचिव ऋषिपाल नांदल, जिला सचिव बलजीत राठी,जिला उपाध्यक्ष कृष्ण अटावला, ब्लाक प्रधान सुंदरपाल रावल, ईशाक नंबरदार, बालकिशन धीमान, गुल्लू चौहान, दलबीर बालजाटान, मौ. शमशेर,सुरेंद्र शर्मा पूर्व सरपंच, जयपाल रावल, रणधीर पान्नू, सुनील माजरी, दया सिंह पाथरी व प्रताप मलिक मौजूद रहे।
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