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चार गांवों के ग्रामीणों ने बस सुविधा की मांग की
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चार गांवों के ग्रामीणों ने बस सुविधा की मांग की
सनौली। यमुना तलहटी के लगते मौहाली, तामसाबाद, मतरौली व रमाल गांव के लोगों को आज तक बस सुविधा ना मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस की मांग को लेकर ग्रामीण पूर्व परिवहन मंत्री, सांसद, विधायक सहित प्रशासन द्वारा लोगों की समास्याएं सुनने के लिए लगाए जाते खुले दरबार में अपनी समस्या रख चुके हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय उन्हें कुछ नहीं हासिल हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि लोकसभा चुनावों में आने वाले नेताओं से मांग करते हुए कहा कि उनके गांवों में बस सुविधा शुरू करवाई जाए। पंचायत ने बस सुविधा शुरू कराने को लेकर चुनावों के बाद मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री से मुलाकात करने की बात कही है।
ग्रामीण राजेश मौहाली, सुरत सिंह, सत्तू, मौसीन, सतबीर, मतलू, इरफान, रामकिशन, अशोक आदि ने बताया कि गांव में न तो सरकारी और न निजी बस चलती है, इतना ही गांव में ऑटो भी नहीं चलते है। ग्रामीणों को समालखा या बापौली आने-जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अगर घर या अन्य किसी कार्य के लिए समालखा या बापौली भी जाना पड़ जाए तो उन्हें राहगीर से लिफ्ट लेकर जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में बस की सुविधा न होने से अधिकतर बच्चे सिर्फ गांव के ही मीडिल स्कूल से ही शिक्षा प्राप्त कर पाते हैं अगर किसी को आगे पढना हो तो काफी दिक्कतों को सामना कर आसपास के गांव में चले जाते है। उन्होंने कहा कि बस के अभाव में बच्चे अच्छी तरह से पढ़ लिख नहीं पा रहे है अगर गांव में वाहन की सुविधा हो तो बच्चे काफी पढ़ लिख सकते है। यमुना तलहटी के गांव मौहाली, मतरौली व रमाल में बस सुविधा न होने के चलते लड़कियां पढ़ाई से वंचित रह रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण चाहते है कि अगर गांव में बस की सुविधा हो जाए तो उनकी बेटी पढने के लिए कॉलेज जा सकती है,। अब बस के अलावा कोई वाहन समालखा या बापौली की तरफ नहीं जाती तो लड़कियों को शिक्षा दिलाना मुश्किल हो रहा है।
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सनौली। यमुना तलहटी के लगते मौहाली, तामसाबाद, मतरौली व रमाल गांव के लोगों को आज तक बस सुविधा ना मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस की मांग को लेकर ग्रामीण पूर्व परिवहन मंत्री, सांसद, विधायक सहित प्रशासन द्वारा लोगों की समास्याएं सुनने के लिए लगाए जाते खुले दरबार में अपनी समस्या रख चुके हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय उन्हें कुछ नहीं हासिल हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि लोकसभा चुनावों में आने वाले नेताओं से मांग करते हुए कहा कि उनके गांवों में बस सुविधा शुरू करवाई जाए। पंचायत ने बस सुविधा शुरू कराने को लेकर चुनावों के बाद मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री से मुलाकात करने की बात कही है।
ग्रामीण राजेश मौहाली, सुरत सिंह, सत्तू, मौसीन, सतबीर, मतलू, इरफान, रामकिशन, अशोक आदि ने बताया कि गांव में न तो सरकारी और न निजी बस चलती है, इतना ही गांव में ऑटो भी नहीं चलते है। ग्रामीणों को समालखा या बापौली आने-जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अगर घर या अन्य किसी कार्य के लिए समालखा या बापौली भी जाना पड़ जाए तो उन्हें राहगीर से लिफ्ट लेकर जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में बस की सुविधा न होने से अधिकतर बच्चे सिर्फ गांव के ही मीडिल स्कूल से ही शिक्षा प्राप्त कर पाते हैं अगर किसी को आगे पढना हो तो काफी दिक्कतों को सामना कर आसपास के गांव में चले जाते है। उन्होंने कहा कि बस के अभाव में बच्चे अच्छी तरह से पढ़ लिख नहीं पा रहे है अगर गांव में वाहन की सुविधा हो तो बच्चे काफी पढ़ लिख सकते है। यमुना तलहटी के गांव मौहाली, मतरौली व रमाल में बस सुविधा न होने के चलते लड़कियां पढ़ाई से वंचित रह रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण चाहते है कि अगर गांव में बस की सुविधा हो जाए तो उनकी बेटी पढने के लिए कॉलेज जा सकती है,। अब बस के अलावा कोई वाहन समालखा या बापौली की तरफ नहीं जाती तो लड़कियों को शिक्षा दिलाना मुश्किल हो रहा है।
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