{"_id":"595a9a454f1c1b9c168b4623","slug":"61499109957-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"-16 जुलाई तक चलेगा दस्त नियंत्रण पखवाड़ा : सीएमओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
-16 जुलाई तक चलेगा दस्त नियंत्रण पखवाड़ा : सीएमओ
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू कर दिया है और यह 16 जुलाई तक चलेगा।
जिला सिविल सर्जन डॉ. संतलाल ने सोमवार को पखवाड़े का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि मानसून के मौसम में सक्रामक बिमारियों की रोकथाम करने के लिए प्रदेशभर में तीन से 16 जुलाई तक दस्त नियंत्रण पखवाड़ा मनाया जागा। बच्चों व अभिभावको में साफ-सफाई और स्वच्छता की अज्ञानता के कारण डायरिया, हैजा, डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया जैसी बिमारियां फैलती है। इसलिए अभिभावकों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की और से कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे उच्च मात्रा में ओआरएस का घोल और जिंक टेबलेट बच्चों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें ताकि प्रभावी रूप से इस रोग पर अंकुश लगाया जा सकें। उन्होंने बताया कि उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे द्वारा भी शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी स्कूलों में हाथ धोने और साफ-सफाई से संबंधित क्रियाक्लापों की प्रार्थना सभाओं में जानकारियां दें। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं को ओआरएस का घोल और जिंक की गोलियों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाएं। हैंडवाश को लेकर स्कूली बच्चों द्वारा प्रभात फेरी या रैली भी निकाली जाएंगी। मिड-डे-मिल से पहले बच्चों को हाथ धोने की कला भी सिखाई जाए।
--जगमहेंद्र--
विज्ञापन
जिला सिविल सर्जन डॉ. संतलाल ने सोमवार को पखवाड़े का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि मानसून के मौसम में सक्रामक बिमारियों की रोकथाम करने के लिए प्रदेशभर में तीन से 16 जुलाई तक दस्त नियंत्रण पखवाड़ा मनाया जागा। बच्चों व अभिभावको में साफ-सफाई और स्वच्छता की अज्ञानता के कारण डायरिया, हैजा, डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया जैसी बिमारियां फैलती है। इसलिए अभिभावकों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की और से कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे उच्च मात्रा में ओआरएस का घोल और जिंक टेबलेट बच्चों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें ताकि प्रभावी रूप से इस रोग पर अंकुश लगाया जा सकें। उन्होंने बताया कि उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे द्वारा भी शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी स्कूलों में हाथ धोने और साफ-सफाई से संबंधित क्रियाक्लापों की प्रार्थना सभाओं में जानकारियां दें। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं को ओआरएस का घोल और जिंक की गोलियों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाएं। हैंडवाश को लेकर स्कूली बच्चों द्वारा प्रभात फेरी या रैली भी निकाली जाएंगी। मिड-डे-मिल से पहले बच्चों को हाथ धोने की कला भी सिखाई जाए।
--जगमहेंद्र--