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एंबुलेंस में बदली 5 पिंक बसों को 3 दिन में कराया था तैयार, अब 4 दिन से सिविल में खड़ी हैं खाली
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नीरज गिरी
पानीपत। कोरोना के बढ़ते प्रकोप में एंबुलेंस की कमी को देखते हुए हरियाणा रोडवेज के पानीपत डिपो ने अपनी पांच पिंक बसों को एंबुलेंस में परिवर्तित कर दिया था, लेकिन कोरोना के केस घटने की वजह से ये एंबुलेंस एक दिन भी नहीं चल पाई। जब कोविड पीक पर था तो सरकार ने बसों को एंबुलेंस में बदलने के आदेश दिए थे, जिस पर रोडवेज ने महज 3 दिन में इनको तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द कर दिया था, लेकिन अब कोरोना के केस घटने की वजह से ये एंबुलेंस पिछले 5 दिन से सामान्य अस्पताल में खाली ही खड़ी हैं। इनको बस से एंबुलेंस बनाने और अब वापस एंबुलेंस से बस बनाने पर विभाग का लाखों रुपये का खर्च होगा। इन बसों को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाना था।
जिले में इन बसों का मुख्य काम गांव के मरीजों को सिविल अस्पताल में लाना और यहां से लेकर जाना था। इसके साथ सिविल से रेफर किए जाने वाले मरीजों को 500 बेड के अस्पताल तक पहुंचाना था, लेकिन कोरोना के केस कम होने के बाद ये बस एक बार भी 500 बेड के अस्पताल तक मरीजों को लेकर नहीं गई। संवाद
पांच पिंक बसें 20 एंबुलेंस की कमी करती हैं पूरी
एंबुलेंस में तब्दील की गई ये पांच पिंक बसें अकेले ही जिले में 20 एंबुलेंस की कमी को पूरा करने की क्षमता रखती हैं। हर एंबुलेंस में केवल एक ही मरीज को ऑक्सीजन लगाकर ले जाया जा सकता है, लेकिन एंबुलेंस बनाई गई पिंक बसें में चार मरीज एक साथ ऑक्सीजन बेड पर आ सकते हैं। यह एंबुलेंस स्पेशल तैयार की गई थी। जिसमें ऑक्सीजन बेड से लेकर सभी सुविधाओं का ख्याल रखा गया था। एक एंबुलेंस में मरीज के 6 परिजनों के बैठने की भी व्यवस्था थी।
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रोडवेज को भी हुआ नुकसान
इन बसों को एंबुलेंस में तब्दील करने में रोडवेज का भी नुकसान हुआ है। एंबुलेंस में तब्दील करने में इन बसों में से सीटों को निकाल कर बेड लगाया गया था, जिससे अब दोबारा बेड को हटाकर सीटों को लगवाना होगा। साथ ही इन बसों को तैयार करने में करीब लाखों रुपये लगे थे और कई दिनों का समय भी लगा था। एंबुलेंस बसों को फिर से सामान्य बसों में तब्दील करना पड़े तो फिर से लाखों रुपये का खर्चा व चार से पांच दिनों का समय लगेगा।
वर्जन
हमें ऊपर से आदेश मिले थे कि जल्द से जल्द पांच पिंक बसों को एंबुलेंस में तब्दील कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाए। ताकि ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना के मरीजों को राहत मिल सके। रोडवेज विभाग ने 3 दिन में एंबुलेंस बसें तैयार कर सौंप दी गई थी। आगे स्वास्थ्य विभाग को कार्य करना है।
विकास नरवाल, जीएम, पानीपत रोडवेज
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पानीपत। कोरोना के बढ़ते प्रकोप में एंबुलेंस की कमी को देखते हुए हरियाणा रोडवेज के पानीपत डिपो ने अपनी पांच पिंक बसों को एंबुलेंस में परिवर्तित कर दिया था, लेकिन कोरोना के केस घटने की वजह से ये एंबुलेंस एक दिन भी नहीं चल पाई। जब कोविड पीक पर था तो सरकार ने बसों को एंबुलेंस में बदलने के आदेश दिए थे, जिस पर रोडवेज ने महज 3 दिन में इनको तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द कर दिया था, लेकिन अब कोरोना के केस घटने की वजह से ये एंबुलेंस पिछले 5 दिन से सामान्य अस्पताल में खाली ही खड़ी हैं। इनको बस से एंबुलेंस बनाने और अब वापस एंबुलेंस से बस बनाने पर विभाग का लाखों रुपये का खर्च होगा। इन बसों को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाना था।
जिले में इन बसों का मुख्य काम गांव के मरीजों को सिविल अस्पताल में लाना और यहां से लेकर जाना था। इसके साथ सिविल से रेफर किए जाने वाले मरीजों को 500 बेड के अस्पताल तक पहुंचाना था, लेकिन कोरोना के केस कम होने के बाद ये बस एक बार भी 500 बेड के अस्पताल तक मरीजों को लेकर नहीं गई। संवाद
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पांच पिंक बसें 20 एंबुलेंस की कमी करती हैं पूरी
एंबुलेंस में तब्दील की गई ये पांच पिंक बसें अकेले ही जिले में 20 एंबुलेंस की कमी को पूरा करने की क्षमता रखती हैं। हर एंबुलेंस में केवल एक ही मरीज को ऑक्सीजन लगाकर ले जाया जा सकता है, लेकिन एंबुलेंस बनाई गई पिंक बसें में चार मरीज एक साथ ऑक्सीजन बेड पर आ सकते हैं। यह एंबुलेंस स्पेशल तैयार की गई थी। जिसमें ऑक्सीजन बेड से लेकर सभी सुविधाओं का ख्याल रखा गया था। एक एंबुलेंस में मरीज के 6 परिजनों के बैठने की भी व्यवस्था थी।
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रोडवेज को भी हुआ नुकसान
इन बसों को एंबुलेंस में तब्दील करने में रोडवेज का भी नुकसान हुआ है। एंबुलेंस में तब्दील करने में इन बसों में से सीटों को निकाल कर बेड लगाया गया था, जिससे अब दोबारा बेड को हटाकर सीटों को लगवाना होगा। साथ ही इन बसों को तैयार करने में करीब लाखों रुपये लगे थे और कई दिनों का समय भी लगा था। एंबुलेंस बसों को फिर से सामान्य बसों में तब्दील करना पड़े तो फिर से लाखों रुपये का खर्चा व चार से पांच दिनों का समय लगेगा।
वर्जन
हमें ऊपर से आदेश मिले थे कि जल्द से जल्द पांच पिंक बसों को एंबुलेंस में तब्दील कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाए। ताकि ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना के मरीजों को राहत मिल सके। रोडवेज विभाग ने 3 दिन में एंबुलेंस बसें तैयार कर सौंप दी गई थी। आगे स्वास्थ्य विभाग को कार्य करना है।
विकास नरवाल, जीएम, पानीपत रोडवेज