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पांच दिन में 450 संदिग्ध कुष्ठ रोगी मिले
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स्वास्थ्य विभाग 20 अक्तूबर तक कुष्ठ रोग खोज अभियान चला रहा है। पांचवें दिन सोमवार को विभाग की दो सदस्यीय 900 टीमें फील्ड में उतरी। टीमों ने लोगों को कुष्ठ रोगों के खिलाफ जागरूक किया। पांच दिन में लगभग 1.30 लाख लोगों की जांच हो चुकी है। इनमें लगभग 450 संदिग्ध रोगी मिले हैं। इनको इलाज के लिए सिविल अस्पताल रेफर किया गया है। टीमों की निगरानी के लिए 165 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। जिले में फिलहाल कुष्ठ रोग के लगभग 65 रोगी हैं। इनमें से 12 रोगी ऐसे हैं जो कुष्ठ रोग के कारण विकलांग हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार जितने विश्व में कुष्ठ रोगी हैं उनका 90 प्रतिशत भारत में है। समय पर कुष्ठ रोग का इलाज न होने पर अपंगता भी आ सकती है।
चमड़ी पर दाग, उस स्थान का सुन्न रहना।
जलन, चुभन व दर्द का अहसास कम होना।
हाथ, पैरों व आंखों में कमजोरी।
शरीर पर दर्द रहित गांठें, घाव तथा हाथ-पैरों में विकृति।
- घर के मुखिया का नाम और कुल सदस्यों की संख्या।
- क्या प्रवासी या उसी क्षेत्र के निवासी हैं।
- क्या परिवार के किसी सदस्य को किसी प्रकार का कोई त्वचा रोग है, जैसे सफेद या लाल रंग का कोई धब्बा।
- दाग अगर है तो कितने समय से दाग हैं।
- क्या शरीर के दाग वाले हिस्से पर किसी प्रकार का कोई सुन्नपन।
- क्या शरीर के उस हिस्से पर बार-बार ऐसे धब्बे का होना।
- क्या किसी प्रकार की और कब से कोई दिव्यांगता है।
- क्या दाग, सुन्नपन के लिए किसी प्रकार का कोई उपचार लिया गया है।
- क्या किसी और प्रकार, लंबे समय से खांसी, पीलिया है।
- क्या किसी अन्य सदस्य को इस प्रकार का त्वचा रोग है।
कुष्ठ रोग बड़ी चिंता है। जितने विश्व में कुष्ठ रोगी हैं उनका 90 प्रतिशत भारत में है। इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय भी इसको लेकर गंभीर है। ये अभियान 20 अक्तूबर तक चलेगा। प्रतिदिन की रिपोर्ट सिविल सर्जन की टेबल पर भेजी जाएगी। रोगियों को चिह्नित कर उनका सिविल अस्पताल में इलाज करेंगे।
डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन।
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चमड़ी पर दाग, उस स्थान का सुन्न रहना।
जलन, चुभन व दर्द का अहसास कम होना।
हाथ, पैरों व आंखों में कमजोरी।
शरीर पर दर्द रहित गांठें, घाव तथा हाथ-पैरों में विकृति।
- घर के मुखिया का नाम और कुल सदस्यों की संख्या।
- क्या प्रवासी या उसी क्षेत्र के निवासी हैं।
- क्या परिवार के किसी सदस्य को किसी प्रकार का कोई त्वचा रोग है, जैसे सफेद या लाल रंग का कोई धब्बा।
- दाग अगर है तो कितने समय से दाग हैं।
- क्या शरीर के दाग वाले हिस्से पर किसी प्रकार का कोई सुन्नपन।
- क्या शरीर के उस हिस्से पर बार-बार ऐसे धब्बे का होना।
- क्या किसी प्रकार की और कब से कोई दिव्यांगता है।
- क्या दाग, सुन्नपन के लिए किसी प्रकार का कोई उपचार लिया गया है।
- क्या किसी और प्रकार, लंबे समय से खांसी, पीलिया है।
- क्या किसी अन्य सदस्य को इस प्रकार का त्वचा रोग है।
कुष्ठ रोग बड़ी चिंता है। जितने विश्व में कुष्ठ रोगी हैं उनका 90 प्रतिशत भारत में है। इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय भी इसको लेकर गंभीर है। ये अभियान 20 अक्तूबर तक चलेगा। प्रतिदिन की रिपोर्ट सिविल सर्जन की टेबल पर भेजी जाएगी। रोगियों को चिह्नित कर उनका सिविल अस्पताल में इलाज करेंगे।
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डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन।