{"_id":"5b5626b04f1c1b45748b6a88","slug":"41532372656-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यावरण व उर्वरा शक्ति को बचाने में सहायक हैं आधुनिक कृषि यंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यावरण व उर्वरा शक्ति को बचाने में सहायक हैं आधुनिक कृषि यंत्र
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो सं या- 28 व 29
मेले में किसानों ने लगाई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी
फसल अवशेषों को खेत में ही नष्ट करके मिट्टी में मिलने वाले यंत्र आकर्षण का केंद्र रहे
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर नई अनाज मंडी में आयोजित मेले में विभिन्न कृषि यंत्र निर्माता कंपनियों ने अपने कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई। इसमें मुख्य रूप से फसल अवशेषों को खेत में ही नष्ट करके मिट्टी में मिलने वाले यंत्र आकर्षण का केंद्र रहे। मेले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गैर-ऋणी किसानों की फसल का बीमा भी किया गया। लगभग 50 किसान फसलों का बीमा करवाने के लिए पहुंचे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के परियोजना अधिकारी रामनिवास ने बताया कि मौके पर ही 28 एकड़ भूमि की फसल का बीमा किया गया। मेले में हैप्पीसीडर मशीनें आकर्षण का केंद्र रहीं। इसको खरीदने के लिए 130 आवेदन आए हैं। इसी तरह अन्य यंत्रों के लिए भी काफी आवेदन प्राप्त हुए हैं। कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से रोकने और अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार गंभीर है। आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग से फसल के अवशेषों का प्रबंधन किया जा सकता है।
उधर, अनाज मंडी में आयोजित किसान मेले में पानीपत विधानसभा क्षेत्र (ग्रामीण) विधायक महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार ने किसानों को समृद्ध बनाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे फसलों की कटाई के उपरांत खेतों में बचे अवशेष बिल्कुल न जलाएं, बल्कि आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से उनको भूमि में ही दबाकर उनका खाद के रूप में उपयोग करें। विधायक ने पांच किसानों को व्यक्तिगत कृषि यंत्र खरीद के अनुदान चेक भी वितरित किए गए। इनमें अमित गांव भादड, ओमप्रकाश डाहर, रामकिशन व राजू दरियापुर और सुरेश गांव परढ़ाना शामिल हैं। इसके अलावा सीएचसी संचालक प्रदीप रावल ने मेले में नए ट्रैक्टर की खरीद की।
विज्ञापन
मेले में किसानों ने लगाई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी
फसल अवशेषों को खेत में ही नष्ट करके मिट्टी में मिलने वाले यंत्र आकर्षण का केंद्र रहे
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर नई अनाज मंडी में आयोजित मेले में विभिन्न कृषि यंत्र निर्माता कंपनियों ने अपने कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई। इसमें मुख्य रूप से फसल अवशेषों को खेत में ही नष्ट करके मिट्टी में मिलने वाले यंत्र आकर्षण का केंद्र रहे। मेले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गैर-ऋणी किसानों की फसल का बीमा भी किया गया। लगभग 50 किसान फसलों का बीमा करवाने के लिए पहुंचे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के परियोजना अधिकारी रामनिवास ने बताया कि मौके पर ही 28 एकड़ भूमि की फसल का बीमा किया गया। मेले में हैप्पीसीडर मशीनें आकर्षण का केंद्र रहीं। इसको खरीदने के लिए 130 आवेदन आए हैं। इसी तरह अन्य यंत्रों के लिए भी काफी आवेदन प्राप्त हुए हैं। कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से रोकने और अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार गंभीर है। आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग से फसल के अवशेषों का प्रबंधन किया जा सकता है।
उधर, अनाज मंडी में आयोजित किसान मेले में पानीपत विधानसभा क्षेत्र (ग्रामीण) विधायक महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार ने किसानों को समृद्ध बनाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे फसलों की कटाई के उपरांत खेतों में बचे अवशेष बिल्कुल न जलाएं, बल्कि आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से उनको भूमि में ही दबाकर उनका खाद के रूप में उपयोग करें। विधायक ने पांच किसानों को व्यक्तिगत कृषि यंत्र खरीद के अनुदान चेक भी वितरित किए गए। इनमें अमित गांव भादड, ओमप्रकाश डाहर, रामकिशन व राजू दरियापुर और सुरेश गांव परढ़ाना शामिल हैं। इसके अलावा सीएचसी संचालक प्रदीप रावल ने मेले में नए ट्रैक्टर की खरीद की।
विज्ञापन