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सीजीआरएफ के खुले दरबार में कुल 12 शिकायते आई, अधिकतर बिजली अधिक आने की समस्या से परेशान

Tue, 20 Jun 2017 11:43 PM IST
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:43 PM IST
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सीजीआरएफ के खुले दरबार में कुल 12 शिकायते आई, अधिकतर बिजली अधिक आने की समस्या से परेशान
सर्कल कार्यालय में लगाया खुला दरबार तब पहुंचे शिकायतकर्ता
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। कंज्यूमर ग्रीवेंसेज रिडरेशल फोरम (सीजीआरएफ) द्वारा बिजली निगम का खुला दरबार चेयरमैन एचएल सिंगला की अध्यक्षता में मंगलवार को रेस्ट हाउस में लगाया गया। उनके साथ एसके पुनिया सेक्रेट्री सीजेआरएफ कुरुक्षेत्र व सदस्य नीलकमल सिंह उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनने पहुंचे। लेकिन कोई शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा। ऐसे में चेयरमैन ने सर्कल कार्यालय में खुला दरबार लगाया। जहां पर 12 शिकायत आई। जिनमें से आठ शिकायत ग्रामीणों की रही। वहां स्थानीय अधिकारियों में निगम अधीक्षक अभियंता वीरेंद्र सिंह मान, सिटी एक्सईएन पंकज धवन, एसडीओ सिटी ललित अत्री व मुकेश कुमार कौशिक भी मौजूद रहे।
सीजीआरएफ के खुले दरबार में कुल 12 शिकायत आई जिनमें से अधिकतर बिजली का बिल अधिक आने व खेतों में ट्यूबवेल के कनेक्शन के बारे में थी। सभी शिकायतों को सीजीआरएफ के चेयरमैन व सदस्य ने संबंधित एसडीओ के पास भेज दिया। वहीं शिकायतकर्ताओं ने कहा कि खुले दरबार में इसलिए आए थे कि स्थानीय अधिकारी उनकी एक नहीं सुनते। लेकिन दरबार में आए हुए अधिकारियों को दी गई शिकायत को मार्क कर उन्हीं स्थानीय अधिकारियों के पास भेज दिया गया। अब शिकायतकर्ता स्वयं परेशान है कि जिस अधिकारी की शिकायत खुले दरबार में दी थी। अब उसके पास ही शिकायत लेकर जाना होगा। वे अब दुविधा में है कि उस अधिकारी के पास कैसे जाए।
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खुला दरबार बंद कमरे में नहीं बिजली निगम के मेन गेट पर ही लगना चाहिए
खुले दरबार के प्रति लोगों में भारी रोष है। लोगों ने कहा कि खुला दरबार बंद कमरे में नहीं बल्कि बिजली निगम के मेन गेट पर ही लगना चाहिए। जिससे अधिक से अधिक लोग अपनी समस्या बता सके।
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अधिक शिकायत गांवों से आ रही
बिजली निगम समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में खुला दरबार लगाने की बात कहता रहता है। लेकिन शहर में हर माह लगने वाले सीजीआरएफ के खुले दरबार में सबसे अधिक शिकायतें ग्रामीण क्षेत्रों की ही होती है। इससे पता लगता है कि जो खुला दरबार ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाते हैं उनमें उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण नहीं हो पाता है।
फोटो कोट्स
बली कुतुबपुर निवासी इंद्र सिंह ने शिकायत में बताया कि गांव ढिंडार समालखा में खेत के ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए 2012 में सिक्योरिटी जमा करवाई थी। जिसकी डिमांड नोटिस 30 जून 2015 को निकाले गए थे। जिसके आधार पर 2 अगस्त 2015 को 30 हजार रुपये निगम के आदेशानुसार जमा करा दिए। बिजली निगम अधिकारियों ने जल्द ही कनेक्शन देने का भरोसा दिया। लेकिन अब तक खेत के ट्यूबवेल का कनेक्शन नहीं हो सका है। निगम अधिकारी अब कनेक्शन न होने की बात कह रहे हैं, ऐसे में तीन एकड़ जमीन पर खेती नहीं हो सकती। मेरे खेत में जल स्तर ऊपर है। मेरे खेत का ऊपरी स्तर देखते हुए बिजली का कनेक्शन दिया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों से अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

फोटो कोट्स
नौल्था निवासी रविंद्र ने बताया कि बिजली निगम में उसने दो किलोवाट का कनेक्शन लेने के लिए अप्लाई किया था। लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं मिल पाया है। अधिकारी कहते हैं कि ऑनलाइन जमा करवा दो। लेकिन ऑनलाइन कौन करेगा। कहां से होगा इस बारे में कुछ पता नहीं है।


फोटो कोट्स
राजाखेड़ी निवासी सुरेश चंद राठी ने बताया कि उसका बिल पहले 500 से 700 रुपये तक आता था। लेकिन पिछले बार 12950 रुपये बिल आ गया और फिर उससे अगला बिल 14403 रुपये का बिल भेज दिया। कई बार अधिकारियों के चक्कर काट लिये है। लेकिन अभी तक बिल ठीक नहीं किया गया है। जिस कारण खुले दरबार में शिकायतें देने आया हूं।
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