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15 जून को दिल्ली में जंतर मंतर पर किसान देंगे धरना
Updated Mon, 12 Jun 2017 06:52 PM IST
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जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होती, धरना जारी रहेगा : जयकरण
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया। जिला प्रधान जयकरण कादियान की अध्यक्षता में धरने की शुरुआत हुई। इस मौके पर जिला प्रधान जयकरण कादियान सिंह ने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांगे पूरी नहीं करती है, तब तक धरना जारी रहेगा।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बाद कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लेकर किसानों ने हरियाणा में भी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी के मद्देनजर पूरे हरियाणा में जिला मुख्यालयों पर किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। धरना-प्रदर्शन के प्रारंभ में मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों की पुलिस गोलीबारी में मौत पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और कहा गया कि किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए। किसानों को संबोधित करते हुए उपप्रधान बिंटू मलिक ने कहा कि किसान संपूर्ण कर्ज मुक्ति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की कमर कर्ज के कारण टूट चुकी है। मार्च में किसानों की हुई करनाल में दहाड़ किसान महापंचायत में कर्ज मुक्ति को लेकर राष्ट्र व्यापी आंदोलन का बिगुल फूंका गया था। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए। किसानों को भीख नहीं बल्कि उनको अपना अधिकार चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को किसान हितैषी बनाया जाए। पूरे उत्तर भारत में किसान आन्दोलन की गूंज उठ चुकी है। इस मौके पर जिला प्रधान जयकरण सिंह कादियान, उपप्रधान बिंटू मलिक, प्रेमसिंह, सुबे सिंह, जगपाल, आदि किसान नेता भी उपस्थित रहे।
देश भर के किसान 15 को देंगे जंतर-मंतर पर धरना
मंदसौर में किसानों की गोलीबारी में मौत, महाराष्ट्र में किसान आंदोलन, भाजपा सरकार की किसान विरोधी दमनकारी नीतियों के विरोध में देशभर के किसान 15 जून को जंतर-मंतर दिल्ली में एक दिवसीय धरना देंगे। यहां पर वह प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसका नेतृत्व राष्ट्रीय नेता नरेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्ववीर सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष रतनमान सहित कई किसान नेता करेंगे। एक दिवसीय धरने में किसानों की बदहाली की तरफ देश भर का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
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भारतीय किसान संघ ने बैठक कर जताया रोष
भारतीय किसान संघ की बैठक जिला प्रधान सोमपाल रावल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें किसानों ने जमकर सरकार की आलोचना की व सरकार को किसान विरोधी बताया। उन्होंने बताया कि देश को आजाद हुए 70 वर्ष हो चुके हैं लेकिन किसी भी सरकार ने किसानों के लिए उनको गंभीरता से नहीं लिया है, जिसके कारण 70 वर्षों के दौरान हजारों किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। उसके बावजूद भी सरकार के नुमाइंदे एसी कमरों में बैठकर धनाढ्य व्यापारियों से मिली भगत करके फसलों को कम दामों में खरीदकर एक महीने बाद ही उसको गुणा कीमतों में बाजार में बेचते हैं। इसीलिए सरकार को चाहिए कि वह इस प्रथा को बंद करके और किसानों को उसकी फसल का सही मूल्य मिलें उनकी फसल के लाभकारी मूल्य मिलें। अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो किसान संघ सडक़ों पर से भी उतरने में परहेज नहीं करेगा। इस मौके पर धर्मबीर सिंह, पंडित सत्यनारायण व संदीप कुमार मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया। जिला प्रधान जयकरण कादियान की अध्यक्षता में धरने की शुरुआत हुई। इस मौके पर जिला प्रधान जयकरण कादियान सिंह ने कहा कि जब तक सरकार किसानों की मांगे पूरी नहीं करती है, तब तक धरना जारी रहेगा।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बाद कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लेकर किसानों ने हरियाणा में भी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी के मद्देनजर पूरे हरियाणा में जिला मुख्यालयों पर किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। धरना-प्रदर्शन के प्रारंभ में मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों की पुलिस गोलीबारी में मौत पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और कहा गया कि किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए। किसानों को संबोधित करते हुए उपप्रधान बिंटू मलिक ने कहा कि किसान संपूर्ण कर्ज मुक्ति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की कमर कर्ज के कारण टूट चुकी है। मार्च में किसानों की हुई करनाल में दहाड़ किसान महापंचायत में कर्ज मुक्ति को लेकर राष्ट्र व्यापी आंदोलन का बिगुल फूंका गया था। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए। किसानों को भीख नहीं बल्कि उनको अपना अधिकार चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को किसान हितैषी बनाया जाए। पूरे उत्तर भारत में किसान आन्दोलन की गूंज उठ चुकी है। इस मौके पर जिला प्रधान जयकरण सिंह कादियान, उपप्रधान बिंटू मलिक, प्रेमसिंह, सुबे सिंह, जगपाल, आदि किसान नेता भी उपस्थित रहे।
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देश भर के किसान 15 को देंगे जंतर-मंतर पर धरना
मंदसौर में किसानों की गोलीबारी में मौत, महाराष्ट्र में किसान आंदोलन, भाजपा सरकार की किसान विरोधी दमनकारी नीतियों के विरोध में देशभर के किसान 15 जून को जंतर-मंतर दिल्ली में एक दिवसीय धरना देंगे। यहां पर वह प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसका नेतृत्व राष्ट्रीय नेता नरेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्ववीर सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष रतनमान सहित कई किसान नेता करेंगे। एक दिवसीय धरने में किसानों की बदहाली की तरफ देश भर का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
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भारतीय किसान संघ ने बैठक कर जताया रोष
भारतीय किसान संघ की बैठक जिला प्रधान सोमपाल रावल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें किसानों ने जमकर सरकार की आलोचना की व सरकार को किसान विरोधी बताया। उन्होंने बताया कि देश को आजाद हुए 70 वर्ष हो चुके हैं लेकिन किसी भी सरकार ने किसानों के लिए उनको गंभीरता से नहीं लिया है, जिसके कारण 70 वर्षों के दौरान हजारों किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। उसके बावजूद भी सरकार के नुमाइंदे एसी कमरों में बैठकर धनाढ्य व्यापारियों से मिली भगत करके फसलों को कम दामों में खरीदकर एक महीने बाद ही उसको गुणा कीमतों में बाजार में बेचते हैं। इसीलिए सरकार को चाहिए कि वह इस प्रथा को बंद करके और किसानों को उसकी फसल का सही मूल्य मिलें उनकी फसल के लाभकारी मूल्य मिलें। अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो किसान संघ सडक़ों पर से भी उतरने में परहेज नहीं करेगा। इस मौके पर धर्मबीर सिंह, पंडित सत्यनारायण व संदीप कुमार मौजूद रहे।