फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   371 teenage girls left home last year, 96 still missing

Panipat News: बीते वर्ष घर छोड़ गईं 371 किशोरियां, 96 का अब तक पता नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2025 02:12 AM IST
विज्ञापन
371 teenage girls left home last year, 96 still missing
पानीपत। छोटी उम्र में किशोरियों के कदम भटक जा रहे हैं। नासमझी में किशोरियां प्यार को पाने की जिद में प्रेमी के साथ घर छोड़ रही हैं। बीते वर्ष घर छोड़कर 371 किशोरियां चलीं गईं। इनमें अब तक 96 का पता नहीं चल सका। पानीपत जिले के यह आंकड़े आरटीआई से प्राप्त जानकारी में सामने सामने आए हैं।
विज्ञापन

नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्षा सविता आर्या ने पुलिस से आरटीआई के आधार पर बताया कि पिछले पांच साल में 5144 महिलाएं व किशोरी लापता हुई हैं। इन मामलों के अध्ययन में यह पाया गया है कि 12 से 13 साल तक की बच्चियां भी प्यार की चाहत में प्रेमी के साथ फरार हुई हैं। यह बच्चियां या तो फैक्ट्री में अपने माता-पिता के साथ काम करती हैं फिर लेबर क्वार्टर में रहती हैं। माता-पिता का इन पर ध्यान नहीं होता। इसलिए इनके कदम बहक रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है। छोटे छोटे बच्चे सोशल मीडिया का प्रयोग करते हैं। फेसबुक व इंस्टाग्राम जैसे माध्यम से एक दूसरे के संपर्क में आते हैं। जब परिजन उन पर पाबंदी लगाते हैं तो वह आजादी पाने के लिए घर से फरार हो जाते हैं। विवाहिता भी अपने बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ फरार हो रही हैं। उनके पीछे से बच्चों का जीवन बदतर हो जाता है।
विज्ञापन

आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2024 में 371 किशोरियां घर से लापता हो गईं। पुलिस व परिजनों ने 275 को तो तलाश लिया। वे अपने प्रेमी के साथ दूसरे शहर में दुल्हन बनकर किराए के कमरे पर रह रही थीं, परंतु 96 किशोरियों का आज तक सुराग नहीं लगा। इनके अलावा 950 महिलाएं व युवतियां भी घर से अपने प्रेमी के साथ फरार हुई हैं। इनमें से 192 का आज तक पता नहीं चला है। घर से फरार होने वाली महिलाओं में अधिकतर शादीशुदा हैं। जिले में प्रतिदिन औसतन दो-तीन महिलाएं व किशोरियां लापता हो रही हैं। इनमें अधिकतर किशोरियां व महिलाएं प्रवासी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन











बॉक्स



बीते वर्ष 2024 के आंकड़े


माह- किशोरियां की संख्या



जनवरी- 33



फरवरी- 22



मार्च- 26



अप्रैल- 34



मई- 33



जून- 34



जुलाई- 44



अगस्त- 25



सितंबर- 27



अक्तूबर- 30



नवंबर- 31



दिसंबर- 30







साल दर साल बढ़ रहे आंकड़े



साल- लापता होने वालों की संख्या



2020- 729



2021- 891



2022- 1051



2023- 1152



2024- 1321







वर्जन-



डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि जब भी पुलिस को महिलाओं व किशोरियों को लापता होने की शिकायत मिलती है। पुलिस उनकी तलाश करती है। परिजन कई मामले को छुपाते हैं। माता-पिता की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार बनाकर रखें। उन्हें अच्छे बुरे के बारे में समझाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed