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28 रिहायशी, 48 व्यावसायिक प्लॉट करीब 25 करोड़ के बिके
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पानीपत। एचएसवीपी को 2020 जनवरी में सरकार की ओर से एक हजार करोड़ रुपये राजस्व एकत्रित करने का लक्ष्य मिला था। विभाग ने जनवरी 2020 से अब तक लगभग 250 करोड़ रुपये की भूमि बेच दी है। विभाग को लक्ष्य पूरा करने के लिए अब भी 750 करोड़ रुपये की भूमि बेचनी है।
विभाग ने अपनी भूमि का आकलन करते हुए 1050.88 करोड़ रुपये के प्लॉटों की रिपोर्ट मुख्यालय में भेजी है। 11 सेक्टरों में 1611 व्यावसायिक एवं रिहायशी प्लॉटों की बिक्री चल रही है। वीरवार को भी विभाग ने 28 रिहायशी एवं 48 व्यावसायिक प्लॉट की बोली की है। विभाग ने ये प्लॉट बेचकर 17 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बोली में भाग लेने वालों के उत्साह ने विभाग को लगभग 25 करोड़ रुपये कमाकर दिए। विभाग को आठ करोड़ का अतिरिक्त लाभ हुआ। बोली सुबह 10 बजे शुरू हो गई थी। दोहपर दो बजे तक सभी प्लॉट बिक गए। अपनी भूमि बेचकर विभाग आर्थिक तंगी से उबरने का प्रयास कर रहा है।
सात सेक्टर को पूरी तरह आबाद करने का प्रयास
पिछले 10 साल से एचएसवीपी विभाग आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। विभाग के पास आय के साधन सिर्फ प्लॉटों की बिक्री ही है। लोगों का रुझान सेक्टर में प्लॉट खरीदने के लिए लगातार कम हुआ। इसलिए पानीपत का सेक्टर 18, 6, 7, 8, 40 व 13-17 पूरी तरह आबाद नहीं हो पाया। इनमें लगभग 450 प्लॉट खाली पड़े हैं। सेक्टरों के समय पर आबाद न होने से एचएसवीपी लगातार घाटे में जा रहा था। मुख्य प्रशासक के निर्देश हैं कि सेक्टर को जल्द आबाद करें, प्लॉटों की बिक्री कर राजस्व एकत्रित किया जाए।
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इन रिहायशी प्लॉट की हुई बोली
सेक्टर प्लॉट नंबर
सेक्टर 12 1345 पी, 1273पी, 1346 पी
1447, 1448, 1450, 1451,
1548 ए व 1548 बी
सेक्टर 13-17 428 व 429
सेक्टर- 18 1979, 19800 1982, 1983
2109, 2110
सेक्टर 24 471, 472, 1503, 1525
1546 , 1554 व 634
सेक्टर 25 पार्ट टू- 1141, 923 ए, 923 बी व 931
रिहायशी एवं व्यावसायिक प्लॉट की बोली ऑनलाइन की गई थी। लगभग सभी प्लॉट बिके हैं। भविष्य में भी प्लॉट की बोली जारी रहेगी। इच्छुक लोग विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
- अनुपमा मलिक, ईओ एचएसवीपी पानीपत।
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विभाग ने अपनी भूमि का आकलन करते हुए 1050.88 करोड़ रुपये के प्लॉटों की रिपोर्ट मुख्यालय में भेजी है। 11 सेक्टरों में 1611 व्यावसायिक एवं रिहायशी प्लॉटों की बिक्री चल रही है। वीरवार को भी विभाग ने 28 रिहायशी एवं 48 व्यावसायिक प्लॉट की बोली की है। विभाग ने ये प्लॉट बेचकर 17 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बोली में भाग लेने वालों के उत्साह ने विभाग को लगभग 25 करोड़ रुपये कमाकर दिए। विभाग को आठ करोड़ का अतिरिक्त लाभ हुआ। बोली सुबह 10 बजे शुरू हो गई थी। दोहपर दो बजे तक सभी प्लॉट बिक गए। अपनी भूमि बेचकर विभाग आर्थिक तंगी से उबरने का प्रयास कर रहा है।
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सात सेक्टर को पूरी तरह आबाद करने का प्रयास
पिछले 10 साल से एचएसवीपी विभाग आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। विभाग के पास आय के साधन सिर्फ प्लॉटों की बिक्री ही है। लोगों का रुझान सेक्टर में प्लॉट खरीदने के लिए लगातार कम हुआ। इसलिए पानीपत का सेक्टर 18, 6, 7, 8, 40 व 13-17 पूरी तरह आबाद नहीं हो पाया। इनमें लगभग 450 प्लॉट खाली पड़े हैं। सेक्टरों के समय पर आबाद न होने से एचएसवीपी लगातार घाटे में जा रहा था। मुख्य प्रशासक के निर्देश हैं कि सेक्टर को जल्द आबाद करें, प्लॉटों की बिक्री कर राजस्व एकत्रित किया जाए।
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इन रिहायशी प्लॉट की हुई बोली
सेक्टर प्लॉट नंबर
सेक्टर 12 1345 पी, 1273पी, 1346 पी
1447, 1448, 1450, 1451,
1548 ए व 1548 बी
सेक्टर 13-17 428 व 429
सेक्टर- 18 1979, 19800 1982, 1983
2109, 2110
सेक्टर 24 471, 472, 1503, 1525
1546 , 1554 व 634
सेक्टर 25 पार्ट टू- 1141, 923 ए, 923 बी व 931
रिहायशी एवं व्यावसायिक प्लॉट की बोली ऑनलाइन की गई थी। लगभग सभी प्लॉट बिके हैं। भविष्य में भी प्लॉट की बोली जारी रहेगी। इच्छुक लोग विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
- अनुपमा मलिक, ईओ एचएसवीपी पानीपत।