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सीएम व परिवहन मंत्री कर रहे हैं हर गांव में बस शेल्टर बनाने का दावा, शहर में 6 साल पहले बने 7 बस शेल्टर बने रेहडिय़ों के स्टेंड
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
सीएम मनोहर लाल खट्टर व कृष्ण लाल पंवार हर गांव में बस क्यू शेल्टर बनवाने का दावा कर रहे हैं। इसके लिए जिला परिषद को सरपंचों से बात करके बजट बनाने को भी कहा गया है। मगर जहां पहले से बस क्यू शेल्टर बने हुए हैं उनकी तरफ किसी का ध्यान नहीं है। लाखों की कीमत से बने ये शेल्टर रिक्शा व रेहड़ी स्टैंड बनकर रह गए हैं। कांग्रेस सरकार ने सेक्टर 29 मोड़ से सेक्टर 13-17 मोड़ तक 7 बस क्यू शेल्टर बनवाए थे। ये क्यू शेल्टर 7 लाख में बनकर तैयार हुए थे। दिल्ली की तर्ज पर इनका निर्माण किया गया था, ताकि लोगों को बस पकड़ने के लिए धक्के न खाने पड़े। शहर के मुख्य चौराहों पर बसें रुके और जीटी रोड पर भी जाम की स्थिति न हो। लेकिन ये शेल्टर बनाने के बाद प्रशासन भूल गया। इन पर कभी रोडवेज चालकों ने बसों को नहीं रोका। बस चालक अपने मर्जी से जीटी रोड पर बसों के ब्रेक लगाते हैं। जिस कारण शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। ये क्यू शेल्टर अब रेहड़ी व रिक्शा स्टैंड ही बनकर रह गए हैं। ऐसे में सीएम व मंत्री पंवार की घोषणा पर ये लाखों में बनकर तैयार हुए शेल्टर होम बड़े प्रश्न खड़े करते हैं।
यहां यहां बनाए गए हैं बस क्यू शेल्टर:
2011 में कांग्रेस सरकार ने दिल्ली की तर्ज पर पानीपत शहर में सेक्टर 29 मोड़, गोहाना मोड़, एसडी कॉलेज के सामने व एसडी कॉलेज के पास, फतेहपुरी चौक के अपोजिट, सेक्टर 13-17 मोड़ पर, तहसील कैंप के पास व सिविल अस्पताल के पास बस क्यू शेल्टर बनाए थे। इनको बनाने में 7 लाख रुपये खर्च हुए थे।
शेल्टर पर नहीं रुकती बस इसलिए शहर में रहता है जाम
बस चालक अपनी मर्जी से शहर में कहीं भी बस रोकते हैं। बस स्टैंड के गेट पर बस खड़ी कर सवारियां उठाते हैं। संजय चौक पर अकसर बसें खड़ी रहती है। संजय चौक से हर रोज लगभग 10 से 15 हजार लोग बस व निजी वाहनों में जाते हैं। यहां सवारियों की भीड़ होने के कारण संजय चौक जाम रहता है। इसी जाम को खत्म करने के लिए एसडी कॉलेज के पास क्यू शेल्टर बनाया गया था। ताकि बस क्यू शेल्टर में रुके और यहीं से सवारियां बैठाई जा सके। मगर ऐसा नहीं हुआ। सेक्टर 13-17 के क्यू शेल्टर पर बस न रुकने के कारण वहां के लोगों को बस में बैठने के लिए ऑटो से बस स्टेंड पर आना पड़ता है। अगर बसें इन्हीं शेल्टर पर रुके तो शहर से जाम की समस्या खत्म हो सकती है।
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डीसी ने फ्लाईओवर के नीचे बस क्यू शेल्टर का किया उद्घाटन, अब भी जीटी रोड पर रुकती है बस:
दो दिन पहले बस स्टेंड के सामने फ्लाई ओवर के नीचे डीसी सुमेधा कटारिया ने बस क्यू शेल्टर का उद्घाटन किया था, ताकि बसों को जीटी रोड पर ना रोककर सीधा फ्लाई ओवर के नीचे रोका जा सके और लोगों को जाम से निजात मिले। मगर रोडवेज चालक अपनी मर्जी से बाज नहीं आ रहे हैं। अब भी जीटी रोड पर ही बसें रोकी जा रही है।
एंटी करप्शन संघ ने भी बस क्यू शेल्टर पर ही बस रोकने की मांग की:
एंटी करप्शन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने भी डीसी को ज्ञापन देकर बसों को बस क्यू शेल्टर पर रोकने की मांग की है। उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा कि बस चालक अपनी मर्जी से जीटी रोड पर कही भी बस रोकते हैं। इस कारण शहर में जाम की स्थिति रहती है। लाखों में बनकर तैयार हुए बस क्यू शेल्टर वीरान पड़े हैं। लोगों को बसों के लिए धक्के खाने पड़ते हैं।
प्रशासन ने शहर से जाम खत्म करने व लोगों की सुविधा के लिए 6 साल पहले शहर में बस क्यू शेल्टर बनाए थे, ताकि लोगों को बसों के लिए भटकना न पड़े और क्यू शेल्टर से ही बस मिल सके। लेकिन इन पर लगाया गया लाखों रुपया खराब गया। इन पर कभी चालकों ने बस नहीं रोकी। ये रिक्शा व रेहड़ी स्टेंड ही बनकर रह गए। प्रशासन व सरकार ने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण रोडवेज चालक अपनी मर्जी से बस स्टॉप बनाते हैं। इसी कारण शहर में जाम की स्थिति रहती है। अब सरकार ने बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट करने का फैसला कर शहर के लोगों को दुख देने का काम किया है।
हरकेश शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष शिव सेना
सरकार ने शहर के साथ धोखा किया है। शहर के बस स्टेंड को शहर से 5 किलोमीटर दूर बनाने का फैसला किया है। बस स्टेंड शहर के अंदर ही होना चाहिए। बस स्टॉप के लिए बनाए गए बस क्यू शेल्टरों पर ही बसों के स्टॉपेज होने चाहिए। सरकार सभी गांवों में क्यू शेल्टर बनाने का दावा कर रही है, जो पहले से बने हुए है। उन पर नियम फॉलो करने की जरूरत है।
अनिल मदान, प्रधान संयुक्त व्यापार मंडल
बस स्टैंड शहर के बाहर शिफ्ट हो रहा है। इसके बाद शहर के लिए सिटी सर्विस बस शुरू होगी। इन क्यू शेल्टरों पर बस के स्टॉपेज के लिए अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। बसों के स्टॉपेज तय होंगे। रोडवेज चालकों के मनमर्जी के स्टॉपेज पर अंकुश लगाएंगे।
कृष्णलाल पंवार, परिवहन, आवास एवं जेल मंत्री
फ्लैग- सीएम व परिवहन मंत्री कर रहे हैं हर गांव में बस शेल्टर बनाने का दावा
लीड- शहर में 6 साल पहले बने 7 बस शेल्टर बने रेहड़ियों के स्टैंड
-दिल्ली की तर्ज पर शहर में संजय चौक, रेलवे रोड के पास, गोहाना मोड़, सिविल अस्पताल के पास बनाए गए थे बस शेल्टर
-बस चालक अपनी मर्जी से बसों को रोकते हैं जीटी रोड पर
-अब डीसी ने बस स्टेंड के सामने फ्लाई ओवर के नीचे बस क्यू शेल्टर का किया है उद्घाटन, इसके बाद भी बस जीटी रोड पर रुकती है
फोटो 7 से 11
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पानीपत।
सीएम मनोहर लाल खट्टर व कृष्ण लाल पंवार हर गांव में बस क्यू शेल्टर बनवाने का दावा कर रहे हैं। इसके लिए जिला परिषद को सरपंचों से बात करके बजट बनाने को भी कहा गया है। मगर जहां पहले से बस क्यू शेल्टर बने हुए हैं उनकी तरफ किसी का ध्यान नहीं है। लाखों की कीमत से बने ये शेल्टर रिक्शा व रेहड़ी स्टैंड बनकर रह गए हैं। कांग्रेस सरकार ने सेक्टर 29 मोड़ से सेक्टर 13-17 मोड़ तक 7 बस क्यू शेल्टर बनवाए थे। ये क्यू शेल्टर 7 लाख में बनकर तैयार हुए थे। दिल्ली की तर्ज पर इनका निर्माण किया गया था, ताकि लोगों को बस पकड़ने के लिए धक्के न खाने पड़े। शहर के मुख्य चौराहों पर बसें रुके और जीटी रोड पर भी जाम की स्थिति न हो। लेकिन ये शेल्टर बनाने के बाद प्रशासन भूल गया। इन पर कभी रोडवेज चालकों ने बसों को नहीं रोका। बस चालक अपने मर्जी से जीटी रोड पर बसों के ब्रेक लगाते हैं। जिस कारण शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। ये क्यू शेल्टर अब रेहड़ी व रिक्शा स्टैंड ही बनकर रह गए हैं। ऐसे में सीएम व मंत्री पंवार की घोषणा पर ये लाखों में बनकर तैयार हुए शेल्टर होम बड़े प्रश्न खड़े करते हैं।
यहां यहां बनाए गए हैं बस क्यू शेल्टर:
2011 में कांग्रेस सरकार ने दिल्ली की तर्ज पर पानीपत शहर में सेक्टर 29 मोड़, गोहाना मोड़, एसडी कॉलेज के सामने व एसडी कॉलेज के पास, फतेहपुरी चौक के अपोजिट, सेक्टर 13-17 मोड़ पर, तहसील कैंप के पास व सिविल अस्पताल के पास बस क्यू शेल्टर बनाए थे। इनको बनाने में 7 लाख रुपये खर्च हुए थे।
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शेल्टर पर नहीं रुकती बस इसलिए शहर में रहता है जाम
बस चालक अपनी मर्जी से शहर में कहीं भी बस रोकते हैं। बस स्टैंड के गेट पर बस खड़ी कर सवारियां उठाते हैं। संजय चौक पर अकसर बसें खड़ी रहती है। संजय चौक से हर रोज लगभग 10 से 15 हजार लोग बस व निजी वाहनों में जाते हैं। यहां सवारियों की भीड़ होने के कारण संजय चौक जाम रहता है। इसी जाम को खत्म करने के लिए एसडी कॉलेज के पास क्यू शेल्टर बनाया गया था। ताकि बस क्यू शेल्टर में रुके और यहीं से सवारियां बैठाई जा सके। मगर ऐसा नहीं हुआ। सेक्टर 13-17 के क्यू शेल्टर पर बस न रुकने के कारण वहां के लोगों को बस में बैठने के लिए ऑटो से बस स्टेंड पर आना पड़ता है। अगर बसें इन्हीं शेल्टर पर रुके तो शहर से जाम की समस्या खत्म हो सकती है।
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डीसी ने फ्लाईओवर के नीचे बस क्यू शेल्टर का किया उद्घाटन, अब भी जीटी रोड पर रुकती है बस:
दो दिन पहले बस स्टेंड के सामने फ्लाई ओवर के नीचे डीसी सुमेधा कटारिया ने बस क्यू शेल्टर का उद्घाटन किया था, ताकि बसों को जीटी रोड पर ना रोककर सीधा फ्लाई ओवर के नीचे रोका जा सके और लोगों को जाम से निजात मिले। मगर रोडवेज चालक अपनी मर्जी से बाज नहीं आ रहे हैं। अब भी जीटी रोड पर ही बसें रोकी जा रही है।
एंटी करप्शन संघ ने भी बस क्यू शेल्टर पर ही बस रोकने की मांग की:
एंटी करप्शन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने भी डीसी को ज्ञापन देकर बसों को बस क्यू शेल्टर पर रोकने की मांग की है। उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा कि बस चालक अपनी मर्जी से जीटी रोड पर कही भी बस रोकते हैं। इस कारण शहर में जाम की स्थिति रहती है। लाखों में बनकर तैयार हुए बस क्यू शेल्टर वीरान पड़े हैं। लोगों को बसों के लिए धक्के खाने पड़ते हैं।
प्रशासन ने शहर से जाम खत्म करने व लोगों की सुविधा के लिए 6 साल पहले शहर में बस क्यू शेल्टर बनाए थे, ताकि लोगों को बसों के लिए भटकना न पड़े और क्यू शेल्टर से ही बस मिल सके। लेकिन इन पर लगाया गया लाखों रुपया खराब गया। इन पर कभी चालकों ने बस नहीं रोकी। ये रिक्शा व रेहड़ी स्टेंड ही बनकर रह गए। प्रशासन व सरकार ने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण रोडवेज चालक अपनी मर्जी से बस स्टॉप बनाते हैं। इसी कारण शहर में जाम की स्थिति रहती है। अब सरकार ने बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट करने का फैसला कर शहर के लोगों को दुख देने का काम किया है।
हरकेश शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष शिव सेना
सरकार ने शहर के साथ धोखा किया है। शहर के बस स्टेंड को शहर से 5 किलोमीटर दूर बनाने का फैसला किया है। बस स्टेंड शहर के अंदर ही होना चाहिए। बस स्टॉप के लिए बनाए गए बस क्यू शेल्टरों पर ही बसों के स्टॉपेज होने चाहिए। सरकार सभी गांवों में क्यू शेल्टर बनाने का दावा कर रही है, जो पहले से बने हुए है। उन पर नियम फॉलो करने की जरूरत है।
अनिल मदान, प्रधान संयुक्त व्यापार मंडल
बस स्टैंड शहर के बाहर शिफ्ट हो रहा है। इसके बाद शहर के लिए सिटी सर्विस बस शुरू होगी। इन क्यू शेल्टरों पर बस के स्टॉपेज के लिए अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। बसों के स्टॉपेज तय होंगे। रोडवेज चालकों के मनमर्जी के स्टॉपेज पर अंकुश लगाएंगे।
कृष्णलाल पंवार, परिवहन, आवास एवं जेल मंत्री
फ्लैग- सीएम व परिवहन मंत्री कर रहे हैं हर गांव में बस शेल्टर बनाने का दावा
लीड- शहर में 6 साल पहले बने 7 बस शेल्टर बने रेहड़ियों के स्टैंड
-दिल्ली की तर्ज पर शहर में संजय चौक, रेलवे रोड के पास, गोहाना मोड़, सिविल अस्पताल के पास बनाए गए थे बस शेल्टर
-बस चालक अपनी मर्जी से बसों को रोकते हैं जीटी रोड पर
-अब डीसी ने बस स्टेंड के सामने फ्लाई ओवर के नीचे बस क्यू शेल्टर का किया है उद्घाटन, इसके बाद भी बस जीटी रोड पर रुकती है
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