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पिता ने अधिकारियों व कर्मचारियों पर लगाए आरोप
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:26 AM IST
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आधार कार्ड नहीं बन पाया, स्कूल ने दूसरी कक्षा के बच्चे का काटा नाम
अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। भापरा रोड स्थित शास्त्री कॉलोनी का एक व्यक्ति अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए धक्के खा रहा है, लेकिन आधार कार्ड नहीं बन पाया है। सरकारी स्कूल से भी मासूम का नाम काट दिया गया है।
सत्तार निवासी शास्त्री कॉलोनी ने बताया कि उसने प्राथमिक पाठशाला (भापरा) में अपने सात साल के बच्चे नासीर का दूसरी कक्षा में एडमिशन कराया था, लेकिन आधार कार्ड नहीं बनने के कारण कुछ दिनों बाद ही स्कूल इंचार्ज ने बच्चे का नाम काट दिया। इसको लेकर वह कई बार स्कूल इंचार्ज से मिलकर बच्चे का दोबारा से एडमिशन के लिए कह रहे हैं, लेकिन इंचार्ज अपनी मजबूरी बताते हुए एडमिशन करने से मना कर रहा है। सत्तार ने बताया कि बच्चे की आयु पांच वर्ष से अधिक होने के कारण आधार बनवाने के समय फिंगर प्रिंट अनिवार्य हैं। लेकिन कई बार अप्लाई करते समय बच्चे की फिंगर प्रिंट नहीं आती, जिस कारण उसका आधार नहीं बन पा रहा और बिना आधार के स्कूल में एडमिशन नहीं दिया जा रहा। इसके कारण उसके बच्चे का भविष्य अधर में लटक गया है। स्कूल इंचार्ज सुरेश गौतम ने बताया कि एनरोलमेंट स्लिप पर भी एडमिशन हो जाता है, लेकिन कुछ समय बाद आधार देना जरूरी है। विभागीय आदेश के कारण वे भी मजबूर हैं। वहीं इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी बृजमोहन गोयल ने कहा कि स्कूल में बच्चे के एडमिशन के लिए आधार कार्ड आवश्यक है।
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। भापरा रोड स्थित शास्त्री कॉलोनी का एक व्यक्ति अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए धक्के खा रहा है, लेकिन आधार कार्ड नहीं बन पाया है। सरकारी स्कूल से भी मासूम का नाम काट दिया गया है।
सत्तार निवासी शास्त्री कॉलोनी ने बताया कि उसने प्राथमिक पाठशाला (भापरा) में अपने सात साल के बच्चे नासीर का दूसरी कक्षा में एडमिशन कराया था, लेकिन आधार कार्ड नहीं बनने के कारण कुछ दिनों बाद ही स्कूल इंचार्ज ने बच्चे का नाम काट दिया। इसको लेकर वह कई बार स्कूल इंचार्ज से मिलकर बच्चे का दोबारा से एडमिशन के लिए कह रहे हैं, लेकिन इंचार्ज अपनी मजबूरी बताते हुए एडमिशन करने से मना कर रहा है। सत्तार ने बताया कि बच्चे की आयु पांच वर्ष से अधिक होने के कारण आधार बनवाने के समय फिंगर प्रिंट अनिवार्य हैं। लेकिन कई बार अप्लाई करते समय बच्चे की फिंगर प्रिंट नहीं आती, जिस कारण उसका आधार नहीं बन पा रहा और बिना आधार के स्कूल में एडमिशन नहीं दिया जा रहा। इसके कारण उसके बच्चे का भविष्य अधर में लटक गया है। स्कूल इंचार्ज सुरेश गौतम ने बताया कि एनरोलमेंट स्लिप पर भी एडमिशन हो जाता है, लेकिन कुछ समय बाद आधार देना जरूरी है। विभागीय आदेश के कारण वे भी मजबूर हैं। वहीं इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी बृजमोहन गोयल ने कहा कि स्कूल में बच्चे के एडमिशन के लिए आधार कार्ड आवश्यक है।
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