फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   13 teachers from Panipat to be honored on Teachers' Day.

Panipat News: िशक्षक दिवस पर पानीपत के 13 अध्यापक होंगे सम्मानित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 02:46 AM IST
विज्ञापन
13 teachers from Panipat to be honored on Teachers' Day.
अनिल मलिक।
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

पानीपत। प्रदेश सरकार ने शिक्षक दिवस पर होने वाले राज्य स्तरीय समारोह की घोषणा कर दी है। सरकार ने इस बार 2024 और 2025 के शिक्षकों को एक साथ सम्मानित करने का फैसला लिया है। इसके लिए दोनाें वर्षों की सूची एक ही दिन घोषित की है। राज्य स्तर पर पुरस्कार की घोषणा होते ही गुरुजी के चेहरे खिल उठे। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के गृह जिले में 13 शिक्षकों को राज्य स्तर पर पुरस्कार मिला है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों को राज्य स्तर पर पुरस्कार मिला है। इनमें छह शिक्षकों को 2024 और सात को 2025 का पुरस्कार मिलेगा। इनमें एक शिक्षा मंत्री के नजदीक रिश्तेदार कर्ण सिंह पुनिया और एक निजी सचिव गुलाब पांचाल हैं। राज्य स्तर पर पुरस्कार की घोषणा होते ही गुरुजी के चेहरे खिल उठे।

इनको मिला राज्य शिक्षक अवार्ड
2024 का राज्य शिक्षक अवार्ड जिले के छह शिक्षकों को मिला है। इनमें राजकीय सीसे स्कूल सिठाना के पीजीटी नरेंद्र मान, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल जीटी रोड में वोकेशनल टीचर राममेहर, राजकीय मिडिल स्कूल बाल जाटान के टीजीटी विज्ञान महेंद्र सिंह, राजकीय प्राइमरी स्कूल काबड़ी के प्राइमरी हेड टीचर महेंद्र सिंह, राजकीय प्राइमरी स्कूल डेरा गुजरान के प्राइमरी टीचर राजीव और राजकीय प्राइमरी स्कूल डिडवाड़ी की प्राइमरी टीचर नीलू हैं। 2025 का शिक्षक अवार्ड सात शिक्षकों को मिला है। इनमें राजकीय सीसे स्कूल काबड़ी के डीपीई कर्ण सिंह पुनिया, राजकीय सीसे स्कूल कृष्णपुरा के टीजीटी संस्कृत गुलाब पांचाल, राजकीय सीसे स्कूल सिठाना के पीजीटी अंग्रेजी विपिन कूंडू, राजकीय मिडिल स्कूल पाथरी के ईएसएचएम सत्यनाराण, राजकीय सीसे स्कूल निजामपुर के कला अध्यापक सुरेंद्र राठी, राजकीय प्राइमरी स्कूल रसालपुर के हैड टीचर बलविंद्र सिंह आर्य, और राजकीय प्राइमरी स्कूल अशोक विहार कॉलोनी के हैड टीचर अनिल मलिक को मिलेगा।
विज्ञापन


राजकीय सीसे स्कूल काबड़ी में डीपीई करण सिंह पुनिया को राज्य स्तरीय पुरस्कार मिला है। वे शिक्षा विभाग में एईओ कार्य भी देख रहे हैं। उनके नेतृत्व में 2013 से जिले के खिलाड़ी राज्य व राष्ट्र स्तर पर पदक जीत रहे हैं। स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हर बार जिले के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले का हर साल पदक आ रहा है। इनके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जिले का उत्कृष्ट स्थान है। वे खुद भी अपने छात्र जीवन में खिलाड़ी रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



राजकीय सीसे स्कूल कृष्णपुरा में टीजीटी संस्कृत गुलाब पांचाल को शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी कक्षाओं में हर बार परीक्षा परिणाम बेहतर रहे हैं। वे स्काउट के डीओसी हैं। तीन पुस्तक लिख चुके हैं। 16 प्रदेश में कवि सम्मेलन में प्रतिभागी रहे हैं। काव्य के साथ खेल और पाठ्य के क्षेत्र में करीब एक हजार मंचों का संचालन कर चुके हैं। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का नौ मई 2014 को स्टूडेंट विजन ऑन मॉडर्न विजन पर आयोजित समारोह में मंच संचालन किया था। उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय परढाना से 10वीं कक्षा पास की। वे राज्य स्तर के कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं।


राजकीय सीसे स्कूल निमाजमपुर में कला अध्यापक सुरेंद्र राठी को राज्य पुरस्कार मिलेगा। सुरेंद्र राठी ने बताया कि उनकी कक्षा में लगातार बेहतर परीक्षा परिणाम रहा है। वे पेंटिंग प्रतियोगिताओं के साथ विभिन्न आयोजन में आगे रहते हैं। उन्होंने स्कूल में 2024 में 40 गुना 40 फीट की रंगोली बनाई थी। इसमें पीले और नीले रंग के स्कूल बैग लगाए थे। इन बैग को जरूरतमंद बच्चों को दिया था। बैग से बनाई रंगोली ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इनके अलावा जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों द्वारा प्रशंसा पत्र दिए गए हैं।


राजकीय सीसे स्कूल जाटल के प्रधानाचार्य नरेंद्र मान को शिक्षक दिवस पर पुरस्कार मिलेगा। उनके पास राजकीय कन्या सीसे स्कूल मॉडल टाउन का भी कार्यभार है। उनको राजकीय सीसे स्कूल सिठाना में बतौर पीजीटी यह सम्मान मिलेगा। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में 2010 में यूथ पार्लियामेंट में स्कूल की टीम प्रथम आई थी। यह पानीपत बनने के बाद इस क्षेत्र का पहला बड़ा पुरस्कार था। 2019 में राजकीय कन्या सीसे स्कूल मतलौडा यूथ पार्लियोमेंट में प्रथम रहा था। उन्होंने यूथ पंचायत का कंसेप्ट शुरू किया। इसे बाद में पूरे प्रदेश में लागू किया गया। 2024 में सिठाना स्कूल ने यूथ पंचायत में प्रथम स्थान पाया था। कोरोना काल में निजी स्कूलों से पहले सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षा शुरू की थी।


राजकीय सीसे स्कूल सिठाना में पीजीटी अंग्रेजी को शिक्षक सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे मूल रूप से सफीदों से हैं। 2010 से शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। 2019 और 2025 में सिठाना स्कूल को शिक्षा के क्षेत्र में अवार्ड मिला है। पिछले सात साल से उनकी कक्षाओं का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत परिणाम रहा है। चार साल से एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं। एडवेंचर कैंप में विद्यार्थियों को आगे लेकर जाते हैं। एक साल तक जिला के सांस्कृतिक समन्वयक के रूप में काम किया। जिले की टीम ने सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रथम स्थान पाया था।



राजकीय मिडिल स्कूल पाथरी गांव के शिक्षक सत्यनारायण को शिक्षक सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे मूल रूप से गोहाना के सिकंदरपुर माजरा से हैं। एक सितंबर 2022 को स्कूल में ज्वाइन किया था। उनको जूनियर रेडक्रॉस के क्षेत्र में राज्य स्तर पर पुरस्कार मिला है। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कांफ्रेंस में शामिल हुए हैं। उन्होंने 15 बच्चों को राष्ट्रपति अवार्ड के लिए तैयार किया है। उनका शिक्षा विभाग में 1997 में ज्वाइन किया था।


राजकीय प्राइमरी स्कूल अशोक विहार कॉलोनी के प्राइमरी हेड अनिल मलिक को राज्य स्तर पर शिक्षक सम्मान दिया जाएगा। अनिल मलिक ने बताया कि वे 2006 में शिक्षा विभाग से जुड़े हैं। उनका स्कूल 2021 और 22 में स्कूल सौंदर्यीकरण में प्रथम रहा है। 2024-25 में छात्रा संख्या बढ़ाने में प्रथम रहा है। उनको तत्कालीन शिक्षा मंत्री से सम्मान मिला था। इसके अलावा जिला स्तर पर कई बार सम्मान मिल चुका है।


राजकीय प्राइमरी स्कूल डिडवाड़ी की प्राइमरी टीचर नीलू को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान मिलेगा। वे जिले की एक मात्र महिला शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि विभाग की योजनाओं को विद्यार्थियों को पहुंचाया गया। निपुण शिक्षा में स्कूल का परिणाम हर बार बेहतर रहा है। उनका स्कूल कलस्टर में छात्र संख्या बढ़ाने में सबसे आगे रहा है। उनको इसके लिए सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का अवार्ड भी मिला है।



राजकीय प्राइमरी स्कूल रसलापुर के हैड टीचर बलविंद्र सिंह आर्य को राज्य शिक्षक सम्मान मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह उनकी 26 साल की मेहनत का फल है। उन्होंने 16 साल तक बहरामपुर गांव के स्कूल में पढ़ाया है। उनके नेतृत्व में करीब 300 बच्चे राज्य स्तर पर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। स्कूल में मुख्य गेट के साथ विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाए। इसके लिए चंदा भी इकट्ठा किया। उनकी कक्षा का परिणाम हर बार ए प्लस रहा।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

अनिल मलिक।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed