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Panipat News: गांजा तस्कर के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास और दो लाख का जुर्माना
Sun, 21 Dec 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 21 Dec 2025 01:40 AM IST
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पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की विशेष एनडीपीएस एक्ट अदालत ने गांजा तस्करी के आरोपी को दोषी करार दिया है। शनिवार को अदालत ने दोषी बिजेंद्र उर्फ बिंदर निवासी जौरासी को 20 साल के कठोर कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर दो साल की अतिरिक्त जा भुगतने के आदेश दिए। खास बात यह है कि अदालत ने दोषी को व्यवसायिक मात्रा में अधिकतम सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि एक नवंबर 2020 को एसआई सतबीर ने थाना बापौली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि एक नवंबर 2020 को वह टीम के साथ बापौली क्षेत्र के शहरमालपुर में बस स्टैंड के पास गश्त कर रहे थे। उसी समय पीले रंग का बैग लेकर आते हुए एक युवक दिखाई दिया। पुलिस टीम ने शक के आधार पर दबिश देकर आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में युवक ने अपना नाम बिजेंंद्र उर्फ बिंदर सिंह बताया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 20.50 किग्रा गांजा बरामद किया। आरोपी के खिलाफ बापौली थाने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। दो नवंबर 2020 को आरोपी को अदालत के सामने पेश कर रिमांड पर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कम दाम में गांजा खरीदकर लाया था और पानीपत में अच्छे रेट में बेचना था। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
इसके बाद पुलिस ने तफ्तीश कर आरोपी के खिलाफ साक्ष्य तैयार कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक कुलदीप ढुल ने बताया कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की विशेष एनडीपीएस एक्ट अदालत में हुई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बिजेंद्र को दोषी करार दिया। दोषी को 20 साल की कैद और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना जमा न करने पर दोषी को दो साल अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए हैं।
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व्यावसायिक मात्रा में अधिकतम सजा
अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपने अपने तर्क दिए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दोषी ने छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता होने की बात कहते हुए कम सजा देने का आग्रह किया। वहीं अभियोजक पक्ष ने व्यावसायिक मात्रा होने के कारण आरोपी को अधिकतम सजा सुनाने की मांग की। जिसके बाद अदालत ने दोषी को 20 साल की कठोर कैद और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष ने बताया कि एक नवंबर 2020 को एसआई सतबीर ने थाना बापौली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि एक नवंबर 2020 को वह टीम के साथ बापौली क्षेत्र के शहरमालपुर में बस स्टैंड के पास गश्त कर रहे थे। उसी समय पीले रंग का बैग लेकर आते हुए एक युवक दिखाई दिया। पुलिस टीम ने शक के आधार पर दबिश देकर आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में युवक ने अपना नाम बिजेंंद्र उर्फ बिंदर सिंह बताया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 20.50 किग्रा गांजा बरामद किया। आरोपी के खिलाफ बापौली थाने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। दो नवंबर 2020 को आरोपी को अदालत के सामने पेश कर रिमांड पर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कम दाम में गांजा खरीदकर लाया था और पानीपत में अच्छे रेट में बेचना था। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
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इसके बाद पुलिस ने तफ्तीश कर आरोपी के खिलाफ साक्ष्य तैयार कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक कुलदीप ढुल ने बताया कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की विशेष एनडीपीएस एक्ट अदालत में हुई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बिजेंद्र को दोषी करार दिया। दोषी को 20 साल की कैद और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना जमा न करने पर दोषी को दो साल अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए हैं।
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व्यावसायिक मात्रा में अधिकतम सजा
अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपने अपने तर्क दिए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दोषी ने छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता होने की बात कहते हुए कम सजा देने का आग्रह किया। वहीं अभियोजक पक्ष ने व्यावसायिक मात्रा होने के कारण आरोपी को अधिकतम सजा सुनाने की मांग की। जिसके बाद अदालत ने दोषी को 20 साल की कठोर कैद और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।