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सर्दियों में हर रोज एक से दो घंटे तक लेट रहती हैं पैसेंजर ट्रेन
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:14 AM IST
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एक्सप्रेस ट्रेनों के चक्कर में पैसेंजर भी यात्रियों को सफर में लटका रही
यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में निजी वाहनों का लेना पड़ता है सहारा
-वहीं एक साल पहले अंबाला से दिल्ली तक जाने वाली गाड़ी को पानीपत तक ही सीमित करने से बढ़ी यात्रियों की बढ़ी परेशानी
फोटो-18
अनुज शर्मा
पानीपत। सर्दियों आते ही एक्सप्रेस ट्रेनों के चक्कर में पैसेंजर ट्रेनें भी यात्रियों को सफर में लटका रही हैं। सर्दियों में हर रोज पैसेंजर ट्रेन एक से दो घंटे तक लेट हो रही हैं। जिस कारण दैनिक यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हो रही है। ऐसे में यात्री ऑफिस के निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पाते और न ही वापस घर आ पाते हैं। जिसका खामियाजा सिर्फ और सिर्फ पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वाले भुगत रहे हैं।
यह इस साल की समस्या नहीं, बल्कि हर साल रेलवे में पैसेंजर ट्रेनों के साथ ऐसा देखने को मिलता है। सुपरफास्ट या एक्सप्रेस ट्रेन लेट हो रही है तो उनके चक्कर में अपने निर्धारित समय चल रही पैसेंजर ट्रेनों की किसी भी स्टेशन की लूप लाइन पर खड़ी कर, वहां से सुपरफास्ट या एक्सप्रेस ट्रेन को पैसेंजर ट्रेन से आगे निकाला जाता है। जिस कारण ही सभी पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय से चलने के बाद भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में लेट हो जाती हैं। इस बारे में अंबाला से दिल्ली तक जाने वाले यात्रियों ने कई बार मिलकर रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेनों के लेट होने की शिकायत दी थी। लेकिन आज तक उन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। वहीं दिल्ली रेलवे को ई-मेल के माध्यम से भी शिकायत भेजने का कोई असर भारतीय रेलवे की पैसेंजर ट्रेनों पर नहीं पड़ सका।
यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में निजी वाहनों का लेना पड़ता है सहारा
सर्दी का मौसम शुरू होते ही रेलवे ट्रैक पर धुंध हो या ना हो तो भी पैसेंजर ट्रेनें प्रतिदिन अपने निर्धारित समय से लेट रहती है। जिस कारण अधिकतर बार यात्रियों को अपने गंतव्य तक निर्धारित समय सीमा तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेकर पहुंचना पड़ता है। रेलवे यात्रियों राहुल चावला, नीरज, संजय, आशीष शर्मा, कुलदीप सिंह, कमल सिंह, राकेश मदान, सचिन गोयल, जयकुवार, वीरेंद्र, जितेंद्र कुमार व ऋषि कुमार ने बताया कि सर्दियों के मौसम आते ही पैसेंजर ट्रेनों में सफर करना मुश्किल है। चूंकि कभी भी पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय से नहीं आती है। जिस कारण वे सर्दियों में ऑफिस पहुंचने की समय सीमा तक नहीं पहुंच पाते है।
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अंबाला से दिल्ली जाने वाली गाड़ी को पानीपत तक किया सीमित, यात्री परेशान
अंबाला से दिल्ली रेलवे स्टेशन तक जाने वाली 64532 पैसेंजर ट्रेन को पानीपत तक ही सीमित कर दिए जाने के बाद यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 64532 पैसेंजर को पानीपत में रोककर यार्ड में खड़ा कर दिया जाता है। वहीं यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए अलग प्लेटफार्म पर एक नई पैसेंजर ट्रेन में सवार होकर दिल्ली तक जाना पड़ता है। जिस कारण एक ट्रेन से दूसरी ट्रेन में सामान लेकर और एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दैनिक यात्रियों ने बताया कि ट्रेन को पानीपत तक सीमित करने का निर्णय 19 जुलाई 2016 को लिया गया था। लेकिन अभी तक यात्रियों को इसका कारण पता नहीं नहीं चल सका है।
पानीपत से कुरुक्षेत्र
66463, 64541, 64465, 64543, 54303, 64481, 64461।
कुरुक्षेत्र से पानीपत
64462, 64452, 64532, 64454, 64542।
दिल्ली से पानीपत
64531, 64533, 64451, 64453, 64469, 64471, 64001।
पानीपत से दिल्ली
64464, 64472, 64002, 64470, 64536, 64534, 64466।
वर्जन
धुंध के चलते एक्सप्रेस ट्रेन लेट हो रही हैं। ऐसे में कई बार पैसेंजर ट्रेनों को रोकना पड़ता है। रेलवे पहले एक्सप्रेस ट्रेनों को निकालने की कोशिश करता है। पैसेंजर ट्रेनों के लेट होने की सूचना समय-समय पर यात्रियों को दी जाती है।
धीरज कपूर, एसएस, रेलवे स्टेशन, पानीपत।
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यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में निजी वाहनों का लेना पड़ता है सहारा
-वहीं एक साल पहले अंबाला से दिल्ली तक जाने वाली गाड़ी को पानीपत तक ही सीमित करने से बढ़ी यात्रियों की बढ़ी परेशानी
फोटो-18
अनुज शर्मा
पानीपत। सर्दियों आते ही एक्सप्रेस ट्रेनों के चक्कर में पैसेंजर ट्रेनें भी यात्रियों को सफर में लटका रही हैं। सर्दियों में हर रोज पैसेंजर ट्रेन एक से दो घंटे तक लेट हो रही हैं। जिस कारण दैनिक यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हो रही है। ऐसे में यात्री ऑफिस के निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पाते और न ही वापस घर आ पाते हैं। जिसका खामियाजा सिर्फ और सिर्फ पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वाले भुगत रहे हैं।
यह इस साल की समस्या नहीं, बल्कि हर साल रेलवे में पैसेंजर ट्रेनों के साथ ऐसा देखने को मिलता है। सुपरफास्ट या एक्सप्रेस ट्रेन लेट हो रही है तो उनके चक्कर में अपने निर्धारित समय चल रही पैसेंजर ट्रेनों की किसी भी स्टेशन की लूप लाइन पर खड़ी कर, वहां से सुपरफास्ट या एक्सप्रेस ट्रेन को पैसेंजर ट्रेन से आगे निकाला जाता है। जिस कारण ही सभी पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय से चलने के बाद भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में लेट हो जाती हैं। इस बारे में अंबाला से दिल्ली तक जाने वाले यात्रियों ने कई बार मिलकर रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेनों के लेट होने की शिकायत दी थी। लेकिन आज तक उन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। वहीं दिल्ली रेलवे को ई-मेल के माध्यम से भी शिकायत भेजने का कोई असर भारतीय रेलवे की पैसेंजर ट्रेनों पर नहीं पड़ सका।
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यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में निजी वाहनों का लेना पड़ता है सहारा
सर्दी का मौसम शुरू होते ही रेलवे ट्रैक पर धुंध हो या ना हो तो भी पैसेंजर ट्रेनें प्रतिदिन अपने निर्धारित समय से लेट रहती है। जिस कारण अधिकतर बार यात्रियों को अपने गंतव्य तक निर्धारित समय सीमा तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेकर पहुंचना पड़ता है। रेलवे यात्रियों राहुल चावला, नीरज, संजय, आशीष शर्मा, कुलदीप सिंह, कमल सिंह, राकेश मदान, सचिन गोयल, जयकुवार, वीरेंद्र, जितेंद्र कुमार व ऋषि कुमार ने बताया कि सर्दियों के मौसम आते ही पैसेंजर ट्रेनों में सफर करना मुश्किल है। चूंकि कभी भी पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय से नहीं आती है। जिस कारण वे सर्दियों में ऑफिस पहुंचने की समय सीमा तक नहीं पहुंच पाते है।
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अंबाला से दिल्ली जाने वाली गाड़ी को पानीपत तक किया सीमित, यात्री परेशान
अंबाला से दिल्ली रेलवे स्टेशन तक जाने वाली 64532 पैसेंजर ट्रेन को पानीपत तक ही सीमित कर दिए जाने के बाद यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 64532 पैसेंजर को पानीपत में रोककर यार्ड में खड़ा कर दिया जाता है। वहीं यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए अलग प्लेटफार्म पर एक नई पैसेंजर ट्रेन में सवार होकर दिल्ली तक जाना पड़ता है। जिस कारण एक ट्रेन से दूसरी ट्रेन में सामान लेकर और एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दैनिक यात्रियों ने बताया कि ट्रेन को पानीपत तक सीमित करने का निर्णय 19 जुलाई 2016 को लिया गया था। लेकिन अभी तक यात्रियों को इसका कारण पता नहीं नहीं चल सका है।
पानीपत से कुरुक्षेत्र
66463, 64541, 64465, 64543, 54303, 64481, 64461।
कुरुक्षेत्र से पानीपत
64462, 64452, 64532, 64454, 64542।
दिल्ली से पानीपत
64531, 64533, 64451, 64453, 64469, 64471, 64001।
पानीपत से दिल्ली
64464, 64472, 64002, 64470, 64536, 64534, 64466।
वर्जन
धुंध के चलते एक्सप्रेस ट्रेन लेट हो रही हैं। ऐसे में कई बार पैसेंजर ट्रेनों को रोकना पड़ता है। रेलवे पहले एक्सप्रेस ट्रेनों को निकालने की कोशिश करता है। पैसेंजर ट्रेनों के लेट होने की सूचना समय-समय पर यात्रियों को दी जाती है।
धीरज कपूर, एसएस, रेलवे स्टेशन, पानीपत।