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Panipat News: टीडीआई के तीन ब्लॉकों के काटे कनेक्शन, अंधेरे में 180 परिवार
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पानीपत। बिजली निगम ने सेक्टर-19 स्थित टीडीआई सिटी के तीन ब्लॉकों के 180 मकानों के कनेक्शन काट दिए। ये परिवार पिछले 36 घंटे से अंधेरे में हैं। निगम ने बिल का भुगतान न होने पर कनेक्शन काटे हैं। निगम ने इसके साथ दो दिन में मीटर तक उतारने का नोटिस दिया है। बिजली निगम ने टीडीआई सिटी को 95 लाख रुपये के बकाया बिल का नोटिस दिया है। टीडीआई आरडब्ल्यूएस ने इसके विरोध में कानूनी कार्रवाई और एनजीटी में केस दायर करने का फैसला किया है। इसे लेकर एक बार फिर उपायुक्त से मिलकर अपनी समस्या रखना तय किया। बिजली बिल का भुगतान न करने पर सामूहिक धरना-प्रदर्शन और रात में कैंडल मार्च निकालकर कंपनी के खिलाफ विरोध जताने का फैसला किया है। इधर अंसलवासी पिछले कई दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
24 अगस्त को बिजली निगम ने टीडीआई सिटी के पांच कनेक्शन काट दिए थे। अससे 650 घरों में अंधेरा छा गया था। लोगों ने टीडीआई कंपनी के मालिक और अधिकारियों को फोन कर बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण पूछा। स्थानीय लोगों ने 95 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने की बात सामने आने पर उपायुक्त वीरेंद्र दहिया से मिलकर अपनी समस्या रखी। उपायुक्त के आ पर बिजली निगम ने टीडीआई सिटी की बिजली आपूर्ति शुरू कर दी थी। बिजली निगम ने बकाया बिल जमा नहीं कराने पर रविवार को बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। निगम ने की टीम ने ए1, ए2 और ए3 ब्लॉक के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं।
50 लाख रुपये का फ्लैट और 1.50 करोड़ रुपये का प्लॉट खरीदने वाले 650 परिवार आज खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। आरोप है कि कंपनी ने बुकिंग के समय सड़क, सीवर, 24 घंटे बिजली-पानी की सुविधा देने का वादा किया था। अब कंपनी मालिक व कर्मचारी उनकी सुनवाई तक को तैयार नहीं है।
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आरडब्ल्यूएस प्रधान शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार को बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो तीन ब्लॉक के 180 घरों में पानी की किल्लत हो गई। लोगों की परेशानी को देखते हुए आरडब्ल्यूएस के पदाधिकारियों ने खुद डीजल मंगाकर जेनरेटर चालू कराए। इसके बाद लोगों के घरों की नलों में पानी पहुंचा।
आरडब्ल्यूएस उपप्रधान रविंद्र ने बताया कि कंपनी ने 180 परिवारों को अंधेरे में बैठा दिया है। बच्चाें काे बिजली और पानी की मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। हालात ये हैं कि कंपनी मालिक व कर्मचारी आश्वासन देने के अलावा कुछ नहीं कर रहे। अधिकारियों को इनके खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए।
खजांची सागर पाहवा ने बताया कि आरडब्ल्यूएस सीएम विंडो, महानिदेशक डीटीपी पंचकूला, उपायुक्त वीरेंद्र दहिया, डीटीपी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित 14 विभागों में शिकायत दे चुके हैं। डीटीपी ने नोटिस भेज कंपनी से 10 मुद्दों पर जवाब मांगा है, लेकिन कंपनी मालिक जवाब नहीं दे रहे हैं।
आरडब्ल्यूएस महासचिव अनिल मलिक ने बताया कि बिजली निगम ने टीडीआई सिटी के 180 उपभोक्ताओं को दो दिन के भीतर बिजली बिल का भुगतान करने का नोटिस दिया है। अगर भुगतान नहीं किया गया, तो निगम कर्मचारी उपभोक्ताओं के बिजली मीटर उतार लेंगे। इस बारे में निगम नोटिस भी जारी कर चुका है। टीडीआई कंपनी के मालिक व कर्मचारियों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो अधिकतर नंबर स्विच ऑफ या व्यस्त मिले।
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24 अगस्त को बिजली निगम ने टीडीआई सिटी के पांच कनेक्शन काट दिए थे। अससे 650 घरों में अंधेरा छा गया था। लोगों ने टीडीआई कंपनी के मालिक और अधिकारियों को फोन कर बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण पूछा। स्थानीय लोगों ने 95 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने की बात सामने आने पर उपायुक्त वीरेंद्र दहिया से मिलकर अपनी समस्या रखी। उपायुक्त के आ पर बिजली निगम ने टीडीआई सिटी की बिजली आपूर्ति शुरू कर दी थी। बिजली निगम ने बकाया बिल जमा नहीं कराने पर रविवार को बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। निगम ने की टीम ने ए1, ए2 और ए3 ब्लॉक के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं।
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50 लाख रुपये का फ्लैट और 1.50 करोड़ रुपये का प्लॉट खरीदने वाले 650 परिवार आज खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। आरोप है कि कंपनी ने बुकिंग के समय सड़क, सीवर, 24 घंटे बिजली-पानी की सुविधा देने का वादा किया था। अब कंपनी मालिक व कर्मचारी उनकी सुनवाई तक को तैयार नहीं है।
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आरडब्ल्यूएस प्रधान शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार को बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो तीन ब्लॉक के 180 घरों में पानी की किल्लत हो गई। लोगों की परेशानी को देखते हुए आरडब्ल्यूएस के पदाधिकारियों ने खुद डीजल मंगाकर जेनरेटर चालू कराए। इसके बाद लोगों के घरों की नलों में पानी पहुंचा।
आरडब्ल्यूएस उपप्रधान रविंद्र ने बताया कि कंपनी ने 180 परिवारों को अंधेरे में बैठा दिया है। बच्चाें काे बिजली और पानी की मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। हालात ये हैं कि कंपनी मालिक व कर्मचारी आश्वासन देने के अलावा कुछ नहीं कर रहे। अधिकारियों को इनके खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए।
खजांची सागर पाहवा ने बताया कि आरडब्ल्यूएस सीएम विंडो, महानिदेशक डीटीपी पंचकूला, उपायुक्त वीरेंद्र दहिया, डीटीपी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित 14 विभागों में शिकायत दे चुके हैं। डीटीपी ने नोटिस भेज कंपनी से 10 मुद्दों पर जवाब मांगा है, लेकिन कंपनी मालिक जवाब नहीं दे रहे हैं।
आरडब्ल्यूएस महासचिव अनिल मलिक ने बताया कि बिजली निगम ने टीडीआई सिटी के 180 उपभोक्ताओं को दो दिन के भीतर बिजली बिल का भुगतान करने का नोटिस दिया है। अगर भुगतान नहीं किया गया, तो निगम कर्मचारी उपभोक्ताओं के बिजली मीटर उतार लेंगे। इस बारे में निगम नोटिस भी जारी कर चुका है। टीडीआई कंपनी के मालिक व कर्मचारियों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो अधिकतर नंबर स्विच ऑफ या व्यस्त मिले।