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नगर-निगम चुनाव में ब्यूटी पार्लर का काम जोरों पर
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:48 AM IST
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नगर-निगम चुनाव में ब्यूटी पार्लर का काम जोरों पर, दिन भर सन्नाटे में रहने वाले पार्लर में सुबह से ही लग जाता है नंबर
पानीपत। नगर निगम के चुनाव में डोर-टू डोर कंपने के लिए जाने वाली महिलाओं को ब्यूटी पार्लर में दिख रही है भारी भीड़। दिनभर की भागदौड़ और खूबसूरत दिखने की चाहत में महिलाऐं ब्यूटी पार्लर जाना नहीं भूलती है। आलम यह है कि महिलाऐं कंपेन में जा रही है और पतियों को बच्चा संभालना पड़ रहा है।
नगर निगम चुनाव में 26 वार्ड है। इन वार्ड में पांच से आठ तक प्रत्याशी मैदान में है। हर किसी नेता को अपने साथ भीड़ दिखाने की चाहत रहती है। ऐसे में नेताजी की ओर से गली मोहल्ले की महिला नेता को महिलाओं को लेकर आने की जिम्मेदारी दी जाती है। मजेदार बात यह है कि यह महिलाऐं अपने वार्ड के नेता के लिए वोट नहीं मांग रही हैं। वह दूसरे वार्ड में केंडिडेट के लिए वोट मांगती है। ऐसे में उनका ब्यूटी पार्लर का खर्च व दो हजार रुपया व ब्रेक फास्ट व लंच भी तय होता है।
तहसील कैंप में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिमा कहती हैं कि वह तीन साल से ब्यूटी पार्लर चला रही है। उनके पास कालोनी व गली के ग्राहक होते हैं। लेकिन जब से चुनाव कंपेन शुरू हुआ है। तब से आने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है। जो आंटी कभी नहीं आती थी वह भी उनके पास आती है।
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एक वार्ड की महिला दूसरे वार्ड में कर रही हैं कंपेन
कंपेन करने वाली महिलाऐं अपने वार्ड की नहीं होती है। दो चार तो आगे लीड करने वाली महिला उस वार्ड की होती है। उनके पीछे चलने वाली महिलाएं नेताओं की ओर से बाहर बुलाई गई होती है। इतना ही नहीं काम समाप्त होने के बाद यह दल वार्ड में होने वाली जनसभा में भीड़ बढ़ाने पहुंच जाती हैं।
अन्य कारोबार से जुड़ी महिलाऐं भी होती कंपेन
जिन महिलाओं की कॉलोनी दुकान व अन्य व्यवसाय है वह भी इस चुनाव का फायदा उठा रही है। संजय कालोनी में रहने वाली एक महिला कहती हैं कि दिन में कंपेन में जाने में हर्ज क्या है। चार दिन की तो बात है। उसके बाद कोई नहीं पूछता है। साथ ही इस बहाने उनका मनोरंजन भी हो जाता है।
महिलाओं को सात बजे के बाद मिल जाती है छुट्टी
सुबह साढ़े दस बजे तक चुनाव कार्यालय पर पहुंच जाने वाले दल को वहीं पर दिन के कार्यक्रम की जानकारी दी जाती है। किसके साथ और कहां जाना है। उनका दोपहर का खाना कहा पर खाना है। महिलाओं को शाम होने के बाद छुट्टी कर दी जाती है। ताकि वह सुरक्षित अपने घर पर पहुंच जाय।
रात तक जन सभा में कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए खाने-पीने का करना होता है पूरा इंतजाम
नगर निगम चुनाव में अगर नेताजी की बड़ी जन सभा है और वहां पर कार्यकर्ताओं को रोकना है तो उनके खाने-पीने का पूरा इंतजाम करना पड़ता है। एक उम्मीदवार ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अगर वह खुद दस मिनट के लिए इधर से उधर हुए तो शकल दिखाने वाले लोग कहां गायब हो जाएंगे यह पता भी नहीं चलेगा।
चुनाव प्रचार के लिए बाहर से भी आ रही हैं महिलाऐं
चुनाव प्रचार के लिए जिन उम्मीदवारों के जानकार कुरुक्षेत्र, सोनीपत व दिल्ली में हैं। उनको भी भीड़ लाने की जिम्मेदारी दे रखी है। पानीपत में रहने वालों के जानकार इन स्थानों पर अधिक हैं।
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पानीपत। नगर निगम के चुनाव में डोर-टू डोर कंपने के लिए जाने वाली महिलाओं को ब्यूटी पार्लर में दिख रही है भारी भीड़। दिनभर की भागदौड़ और खूबसूरत दिखने की चाहत में महिलाऐं ब्यूटी पार्लर जाना नहीं भूलती है। आलम यह है कि महिलाऐं कंपेन में जा रही है और पतियों को बच्चा संभालना पड़ रहा है।
नगर निगम चुनाव में 26 वार्ड है। इन वार्ड में पांच से आठ तक प्रत्याशी मैदान में है। हर किसी नेता को अपने साथ भीड़ दिखाने की चाहत रहती है। ऐसे में नेताजी की ओर से गली मोहल्ले की महिला नेता को महिलाओं को लेकर आने की जिम्मेदारी दी जाती है। मजेदार बात यह है कि यह महिलाऐं अपने वार्ड के नेता के लिए वोट नहीं मांग रही हैं। वह दूसरे वार्ड में केंडिडेट के लिए वोट मांगती है। ऐसे में उनका ब्यूटी पार्लर का खर्च व दो हजार रुपया व ब्रेक फास्ट व लंच भी तय होता है।
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तहसील कैंप में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिमा कहती हैं कि वह तीन साल से ब्यूटी पार्लर चला रही है। उनके पास कालोनी व गली के ग्राहक होते हैं। लेकिन जब से चुनाव कंपेन शुरू हुआ है। तब से आने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है। जो आंटी कभी नहीं आती थी वह भी उनके पास आती है।
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एक वार्ड की महिला दूसरे वार्ड में कर रही हैं कंपेन
कंपेन करने वाली महिलाऐं अपने वार्ड की नहीं होती है। दो चार तो आगे लीड करने वाली महिला उस वार्ड की होती है। उनके पीछे चलने वाली महिलाएं नेताओं की ओर से बाहर बुलाई गई होती है। इतना ही नहीं काम समाप्त होने के बाद यह दल वार्ड में होने वाली जनसभा में भीड़ बढ़ाने पहुंच जाती हैं।
अन्य कारोबार से जुड़ी महिलाऐं भी होती कंपेन
जिन महिलाओं की कॉलोनी दुकान व अन्य व्यवसाय है वह भी इस चुनाव का फायदा उठा रही है। संजय कालोनी में रहने वाली एक महिला कहती हैं कि दिन में कंपेन में जाने में हर्ज क्या है। चार दिन की तो बात है। उसके बाद कोई नहीं पूछता है। साथ ही इस बहाने उनका मनोरंजन भी हो जाता है।
महिलाओं को सात बजे के बाद मिल जाती है छुट्टी
सुबह साढ़े दस बजे तक चुनाव कार्यालय पर पहुंच जाने वाले दल को वहीं पर दिन के कार्यक्रम की जानकारी दी जाती है। किसके साथ और कहां जाना है। उनका दोपहर का खाना कहा पर खाना है। महिलाओं को शाम होने के बाद छुट्टी कर दी जाती है। ताकि वह सुरक्षित अपने घर पर पहुंच जाय।
रात तक जन सभा में कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए खाने-पीने का करना होता है पूरा इंतजाम
नगर निगम चुनाव में अगर नेताजी की बड़ी जन सभा है और वहां पर कार्यकर्ताओं को रोकना है तो उनके खाने-पीने का पूरा इंतजाम करना पड़ता है। एक उम्मीदवार ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अगर वह खुद दस मिनट के लिए इधर से उधर हुए तो शकल दिखाने वाले लोग कहां गायब हो जाएंगे यह पता भी नहीं चलेगा।
चुनाव प्रचार के लिए बाहर से भी आ रही हैं महिलाऐं
चुनाव प्रचार के लिए जिन उम्मीदवारों के जानकार कुरुक्षेत्र, सोनीपत व दिल्ली में हैं। उनको भी भीड़ लाने की जिम्मेदारी दे रखी है। पानीपत में रहने वालों के जानकार इन स्थानों पर अधिक हैं।