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स्वास्थ्य विभाग ने अवैध सेंटर में गर्भपात करते डॉक्टर को पकड़ा, गिरफ्तार
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समालखा। स्वास्थ्य विभाग ने पट्टीकल्याणा गांव स्थित आयुष्मान भव: वीके चार अस्पताल से एक डॉक्टर को अवैध रूप से गर्भपात करते हुए पकड़ा है। अस्पताल के पास गर्भ संबंधी इलाज करने की किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं मिली। इसके अलावा डॉक्टर भी इसके लिए योग्य नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। विभाग ने अस्पताल से गर्भपात में प्रयुक्त औजारों को बरामद कर लिया है।
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान को सूचना मिली थी कि पट्टीकल्याणा गांव स्थित आयुष्मान भव: वीके चार अस्पताल में गर्भपात का कार्य किया जाता है। उन्होंने सूचना पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग व डॉ. सुखदीप कौर मौजूद थी। टीम ने छापा मारने से पहले समालखा थाना पुलिस को इस संबंध में सूचित किया। पुलिस सिविल ड्रेस में अस्पताल के बाहर पहुंच गई। डॉ. शशि गर्ग सबसे पहले अस्पताल पहुंची। उन्होंने काउंटर पर अस्पताल के डॉक्टर के बारे में पूछा। वहां उन्होंने बताया कि डॉक्टर अस्पताल में नहीं है। उन्होंने इसके बाद ऑपरेशन थियेटर में झांक कर देखा। वहां पर दो महिलाएं थे। उन्होंने थियेटर के अंदर कुछ गलत होने का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस व अपनी टीम को इशारा कर अंदर बुलाया। काफी देर तक थियेटर का दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन दरवाजा 10 मिनट के बाद खुला। पुलिस व विभाग ने दोनों महिलाओं को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। डॉक्टर ने अपना नाम डॉ. बेबी बताया। महिला ने बताय कि वो गर्भपात कराने के लिए आई थी। क्योंकि पेट में बच्चा खराब हो गया है। टीम ने डॉक्टर से गर्भपात के अथॉरिटी मांगी। अस्पताल के पास गर्भ संबंधी इलाज की कोई अनुमति नहीं मिली। डॉक्टर भी इसके लिए योग्य नहीं पाया गया। विभाग ने अस्पताल से गर्भपात में प्रयुक्त सभी प्रकार के औजार बरामद कर लिए और डॉ. बेबी को पुलिस को सौंप दिया।
डॉक्टर को पुलिस को सौंप दिया गया है। डॉक्टर भी अयोग्य पाया गया है। अस्पताल के पास किसी प्रकार की कोई परमिशन नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी जारी रहेगी। गलत काम करने वाले बख्शेे नहीं जाएंगे।
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डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन
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सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान को सूचना मिली थी कि पट्टीकल्याणा गांव स्थित आयुष्मान भव: वीके चार अस्पताल में गर्भपात का कार्य किया जाता है। उन्होंने सूचना पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग व डॉ. सुखदीप कौर मौजूद थी। टीम ने छापा मारने से पहले समालखा थाना पुलिस को इस संबंध में सूचित किया। पुलिस सिविल ड्रेस में अस्पताल के बाहर पहुंच गई। डॉ. शशि गर्ग सबसे पहले अस्पताल पहुंची। उन्होंने काउंटर पर अस्पताल के डॉक्टर के बारे में पूछा। वहां उन्होंने बताया कि डॉक्टर अस्पताल में नहीं है। उन्होंने इसके बाद ऑपरेशन थियेटर में झांक कर देखा। वहां पर दो महिलाएं थे। उन्होंने थियेटर के अंदर कुछ गलत होने का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस व अपनी टीम को इशारा कर अंदर बुलाया। काफी देर तक थियेटर का दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन दरवाजा 10 मिनट के बाद खुला। पुलिस व विभाग ने दोनों महिलाओं को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। डॉक्टर ने अपना नाम डॉ. बेबी बताया। महिला ने बताय कि वो गर्भपात कराने के लिए आई थी। क्योंकि पेट में बच्चा खराब हो गया है। टीम ने डॉक्टर से गर्भपात के अथॉरिटी मांगी। अस्पताल के पास गर्भ संबंधी इलाज की कोई अनुमति नहीं मिली। डॉक्टर भी इसके लिए योग्य नहीं पाया गया। विभाग ने अस्पताल से गर्भपात में प्रयुक्त सभी प्रकार के औजार बरामद कर लिए और डॉ. बेबी को पुलिस को सौंप दिया।
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डॉक्टर को पुलिस को सौंप दिया गया है। डॉक्टर भी अयोग्य पाया गया है। अस्पताल के पास किसी प्रकार की कोई परमिशन नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी जारी रहेगी। गलत काम करने वाले बख्शेे नहीं जाएंगे।
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डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन